Acharya Indu Prakash
Fashion Blog

It's common knowledge that a large percentage of Wall Street brokers use astrology.

Acharya Indu prakash

देवी कालरात्रि



chandraghanta

दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रारचक्र में अवस्थित होता है। साधक के लिए सभी सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। साधक का मन पूर्णत: मां कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है,  उसकी समस्त विघ्न बाधाओं और पापों का नाश हो जाता है और उसे अक्षय पुण्य लोक की प्राप्ति होती है।

दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की भाँति काला है, बाल बिखरे हुए, गले में विद्युत की भाँति चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं जो ब्रह्माण्ड की तरह गोल हैं, जिनमें से बिजली की तरह चमकीली किरणें निकलती रहती हैं। इनकी नासिका से श्वास, निःश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालायें निकलती रहती हैं। इनका वाहन 'गर्दभ' (गधा) है। दाहिने ऊपर का हाथ वरद मुद्रा में सबको वरदान देती हैं, दाहिना नीचे वाला हाथ अभयमुद्रा में है। बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड्ग है। माँ का यह स्वरूप देखने में अत्यन्त भयानक है किन्तु सदैव शुभ फलदायक है। अतः भक्तों को इनसे भयभीत नहीं होना चाहिए। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रारचक्र में अवस्थित होता है। साधक के लिए सभी सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। इस चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णत: मां कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है, उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य का वह अधिकारी होता है, उसकी समस्त विघ्न बाधाओं और पापों का नाश हो जाता है और उसे अक्षय पुण्य लोक की प्राप्ति होती है। भगवती कालरात्रि का ध्यान, कवच, स्तोत्र का जाप करने से 'भानुचक्र' जागृत होता है। इनकी कृपा से अग्नि भय, आकाश भय, भूत पिशाच स्मरण मात्र से ही भाग जाते हैं। कालरात्रि माता भक्तों को अभय प्रदान करती है।

 

 


नवरात्र के सातवें दिन चार भुजाओं वाली माँ दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है ...अपने इस रूप में वो विकराल दिखती हैं ....इस रूप में माता अपने शत्रुओं का विनाश करती हैं ...नवरात्र के सातवें दिन अन्धकार और अज्ञानता को दूर करने और ग्रहों की से मुक्ति दिलाने के लिए माँ के इस रूप की खास पूजा की जाती है | नवरात्रि के सातवें दिन माँ भवानी के माँ कालरात्रि स्वरूप की आराधना की जाती है ...यानी माँ दुर्गा जी की सातवीं शक्ति कालरात्री के नाम से जानी जाती है ....माँ कालरात्रि को अन्धकार और अज्ञानताअ को दूर करने वाली देवी मन जाता है ....देवी के इस सातवें स्वरुप को अज्ञानता के दुश्मन के रूप में मन जाता है | कालरात्रि स्वरूप में देवी देवी के शरीर का रंग गहरा नीला है ....उनकी चार भुजाएं हैं ...एक हाथ में गंडासा तो दुसरे में एक टार्च....जो ये दर्शाता है कि देवी भक्तो के जीवन से अन्धकार को दूर कर उजाला फैलाती हैं ....देवी के बाकी दो हाथों की मुद्रा ऐसी है जैसे वो अपने भक्तो को अछे फल दे रही हों और दुसरे हाथ से भक्तो की रक्षा कर रही हों ....कालरात्रि रूप में देवी के बाल बिखरे हुए हैं ...माँ काल्र्त्री का रूप देखने में डरावना है ....लेकिन ये शुभ फल देने वाली देवी हैं और इसलिए इन्हें शुम्भकरी भी कहा जाता है | ग्रह बाधाओं को दूर करने और सिद्धि प्राप्त करने के लिए माँ कलि की पूजा की जाती है ....नवरात्रात्री के सातवें दिन माँ के कालरात्रि रूप की पूजा करने से साड़ी सिद्धियों के दरवाजे खुलने लगते हैं |साड़ी सिद्धियाँ पूर्ण हो जाती हैं ...साधक अपने मन के साथ दुसरे के मन को भी वश में करने की विद्या हासिल कर लेते हैं | माँ काल रात्रि की पूजा का विशेष महत्व है ...माँ कालरात्रि दुस्तो का विनाश करती हैं | और माँ कालरात्रि की पूजा करने वाले के पास कभी दर या भय नहीं आ सकता..... 


माता कालरात्रि के उपाय :-

 

स्वास्थ्य पाने के उपाय :-

उपाय :- 1 अस्थमा से मुक्ति पाने के लिये :-
गले में सात मुखी रुद्राक्ष के सात दाने पहन कर | शमी के पंचांग ( जड़ , पानी , फल , छाल ) से - ' जय त्वं देवि ..' मंत्र की इक्कीस आहुतियां तीन दिन तक देने से अस्थमा में आराम होता हैं | आराम मिलने पर इस प्रक्रिया को कान्टीन्यू कर सकते हैं या हफ्ते में एक दिन - शनिवार को कर सकते हैं | 
उपाय :- 2 बुरे सपनों और नींद में डर से बचाव के लिये :-
एक गोमती चक्र लेकर उसपर ' जय त्वं ...' का 21 बार जप करके - पलंग के पायें में चांदी के तार से बांध दें | न तो बुरे सपने आयेंगे न नींद में डर लगेगा | 
उपाय :- 3 लम्बी बीमारी से मुक्ति पाने के लिये :- 
नवरात्र से शुरू करके 42 दिनों तक मंत्र का प्रयोग करना चाहिये | पहले 108 बार ' जय त्वं देवि ...' का पाठ करें फिर आकाश की ओर देखकर 11 बार कहें - ' अच्युत , अनन्त , गोविन्द 
उपाय :- 4 झूठ बोलने से बचने के लिये :-
नवरात्र में 250 ग्राम लौंग लेकर उस पर नित्य ' जय त्वं देवि .' का 5 माला जय करें | बाद में उसमें से 2 लौंग नित्य प्रातः ' जय त्वं देवि ...पढ़ कर खा लें | धीरे - धीरे झूठ बोलने का अभ्यास छूट जायेगा | 
उपाय :- 5 अनिद्रा से बचाव के लिये :-
मध्यमा उंगली में सवा सात रत्ती से ऊपर का जमुनिया यानि एमेथीस्ट पहन कर ओर गले में सात मुखी रुद्राक्ष की पांच दानों की माला पहन कर - दो मुठ्ठी तिल एक मुठ्ठी जौ और थोड़ा सा गुल्गुल मिला कर - ' जय त्वं देवि ...' मंत्र की 54 आहुतियां देने से अनिद्रा रोग नष्ट होता हैं |
उपाय :- 6 दिल की बीमारियों से बचने का उपाय भी आसान हैं .. लौंग , कपूर , और अर्जुन के पेड़ की छाल की आहुति दें | और अपने घर में अशोक के पेड़ की बाईस पत्तियां तीन दिन तक रखें |
उपाय :- 7 कैंसर बेशक बहुत ही खतरनाक बीमारी हैं लेकिन इससे बचाव के उपाय आसान हैं .. लौंग , कपूर , कालीमिर्च औ राई की आहुति देकर अपने घर के दक्षिण - पश्चिम कोने में रखें | 
उपाय :- 8 ब्लड प्रेशर से बचने के लिये 18 लौंग और 3 टुकड़े कपूर के साथ अश्वगन्धा की आहुति दें | आहुति के लिये मिट्टी का बर्तन ठीक रहेगा | आहुति देने के बाद पांच कदम उलटें चाहिये |
उपाय :- 9 डायबिटीज से बचने का उपाय  :- 
- रोगी के पलंग के पायें पर चांदी की तार से गोमती बांधें डायबिटीज में फायदा होगा |


राशि :-

मेष राशि :– मेष राशि वाले इस दौरान अच्छी सेहत की तरफ कदम बढायेंगे | जिंदगी प्यार से भरी रहेगी और family में भी ख़ुशी का माहौल रहेगा | सुबह थोड़ी देर मौन रहना अच्छा रहेगा |  मां कालरात्रि के आरोग्य मन्त्र का 53 बार रोज जप करें | 
वृष राशि :- वृष राशि वालों आप पर मां की कृपा बनी हुई है, आपका परिवार स्वस्थ और सुखी रहेगा | जो भी काम करेंगे वो सफल होगा | दाम्पत्य सुखों में वृद्धि होगी | मां कालरात्रि के आरोग्य मन्त्र का जप पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके 51 बार रोज पढ़ें |   
मिथुन राशि :- मिथुन राशि वालों को दिल से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है, अपना cholesterol level ठीक रखें और time पर अपना चेकअप करायें | आप अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिये सुबह की सैर करें | मां कालरात्रि के आरोग्य मन्त्र का 21 बार जरुर पढ़ें | 
कर्क राशि :- इस राशि वाली महिलाओं के पैर में कुछ तकलीफ हो सकती है, सावधानी बरते | इस राशि के लोगों को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिये अन्यथा पेट से related कोई समस्या खड़ी हो सकती है | आरोग्य मन्त्र का पाठ पूर्व दिशा की ओर मुंह करके 51 बार रोज करें | 
सिंह राशि :-  सिंह राशि वाले लोग इस समय खुद को डिप्रेशन से बचाना होगा | कुछ अनआईडेंटीफाइड समस्यायें भी हो सकती हैं | डिप्रेशन से बचाव के लिये समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लें | मां कालरात्रि के आरोग्य मन्त्र को 32 बार रोज पढ़ें |    
कन्या राशि :- कन्या राशि वालों का समय अनुकूल है | स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या आपको नहीं सतायेगी | आपको अपने पीने के पानी पर विशेष ध्यान रखना चाहिये अशुद्ध पानी का सेवन आपके लिये संकट खड़ा कर सकता है | आरोग्य मन्त्र का पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके 33 बार रोज पढ़ें |   
तुला राशि :- तुला राशि वालों को अपने लीवर का बचाव करना होगा | आपका energy level भी काफी कम रहेगा | दूसरी ओर आपको पेट से संबन्धित कष्ट हो सकते हैं | मन की परेशानी से जूझना पड़ेगा | मां की शरण में जाने से शांति मिलेगी | आरोग्य मन्त्र का 27 बार पाठ रोज करें |  
वृश्चिक राशि :- इस राशि वाले लोगों अपने बुजुर्ग का विशेष ध्यान रखें | जो लोग दमा या खांसी से पीड़ित हैं वो अपनी दवाई खाने में कोई लापरवाही न बरतें | इस राशि की महिलाओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा | मां कालरात्रि के आरोग्य मन्त्र का पाठ ईशान दिशा की ओर मुंह करके 21 बार रोज पढ़ें | 
धनु राशि :- धनु राशि वाले अच्छी सेहत का भरपूर लुफ्त उठायेंगे | ध्यान रखें आपका weight बढ़ सकता है | लम्बे समय तक भूखे रहने की स्थिति से आप को बचना चाहिये | उत्तर दिशा की ओर मुंह करके आरोग्य मंत्र का 33 बार पाठ रोज करें | 
मकर राशि :- मकर राशि वालों की सेहत मध्यम रहेगी यानि कोई बड़ी परेशानी नहीं सतायेगी | हल्की-फुल्की सर्दी, जुकाम हो सकती है | व्यायाम पर ज्यादा ध्यान दें | ध्यान और योग का सहारा लेना ही आपके लिये बेहतर होगा | आरोग्य मन्त्र का जप 21 बार रोज करें |  
कुम्भ राशि :- कुम्भ राशि वालों की पुरानी बीमारियां भी ख़त्म होगी | आप को माता की सीधी कृपा प्राप्त होगी | योग से ज्यादा कारगर और क्या है लेकिन आप का ध्यान व्यायाम पर ज्यादा रहेगा | इस राशि की महिलायें खाना समय पर खायें अपना थोड़ा सा ध्यान रखें | आरोग्य मन्त्र का 24 बार जप रोज करें | 
मीन राशि :- मीन राशि वालों अपने आलस्य और ज्यादा खुशी से मिलने वाले अति उत्साह से खुद को बचाना होगा | अगले आने वाले कुछ दिनों में आपका आलस्य ख़त्म होगा | अपने बच्चों का ध्यान रखें, कहीं उछल-कूद में चोट न लग जाये | आरोग्य मन्त्र का 51 बार पाठ रोज करें |



Advertise

Your AD Here

Related Articles


Contact Us

Now You can publish your articles with us. if selected it will be publised in our magazines after taking your conformation