Acharya Indu Prakash
Fashion Blog

It's common knowledge that a large percentage of Wall Street brokers use astrology.

Acharya Indu prakash

खुश रहें मस्त रहें



एड्स के ज्यादातर लक्षण ऐसे है जो समान्य होते है इसलिए यह बिमारी चिकित्सकों को भी भ्रमित करने में सफल रहती है । सकरात्मक सोच के साथ-साथ अपनी सेहत पर ध्यान देकर एच. आई. वी. पाॅजिटिव व्यक्ति भी एक आम इंसान की तरह जीवन यापन कर सकता है...

एड्स के ज्यादातर लक्षण ऐसे है जो समान्य होते है इसलिए यह चिकित्सकों को भ्रमित करने में सफल रहती है । सकरात्मक सोच के साथ-साथ अपनी सेहत पर ध्यान देकर एच. आई. वी. पाॅजिटिव व्यक्ति भी एक आम इंसान की तरह जीवन यापन कर सकता है...

विश्व एड्स दिवस पहली बार 1 दिसम्बर 1988 में मनाया गया था । तब से यह प्रति वर्ष 1 दिसम्बर को मनाया जाता है । एच. आई. वी. एड्स का सिंबल एक लाल रंग का का रिबन है जिसे 1991 में अपनाया गया था । इस बीमारी के फैलने के मुख्य कारणों में यौन सम्बन्ध, दूषित खून, तथा इस्तेमाल की गई सुई कुछ मुख्य वजहें है । हलाकि सुरक्षित यौन सम्बन्धों के जरिये इसपर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है ।
एड्स क्या है ?- एड्स की फुल फाॅर्म ”एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम“ है तथा यह बीमारी एच. आई. वी. नाम के वायरस से फैलती है । एच. आई. वी. नाम का वायरस मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ज्यादा कमजोर कर देता है । एड्स एच. आई. वी. पाॅजीटिव गर्भवती महिला के द्वारा उसके बच्चे को, असुरक्षित यौन संबंधो से, संक्रमित खून या संक्रमित सूई के प्रयोग से हो सकता है । इस बिमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है की एच. आई. वी. पाॅजिटिव व्यक्ति को इस बीमारी का पता तब तक नहीं चलता जब तक इसके लक्षण प्रदर्शित नहीं होते ।
एच. आई. वी. के लक्षण-
आपको लम्बे समय तक बुखार रहता है तो आप जल्द से जल्द किसी डाॅक्टर को दिखाए क्यांेकि एक बार एड्स जैसी बिमारियों से सक्रमित होने के बाद ऐसी बिमारी काफी समय तक शरीर में बनी रहती है तथा दवाइयों से भी ठीक नहीं होती ।
थकान- एड्स के विषाणु हमारी कार्य क्षमता को प्रभावित करते है जिसके कारण एड्स से सक्रमित व्यक्ति को अक्सर थकान महसूस होती है अगर आप कुछ भी करने से पहले ही थका-थका महसूस करते है तो आप थोडा सतर्क रहे ।
मासपेशियो में जकड़न- एड्स के विषाणु हमारी मासपेशियों पर बुरा प्रभाव प्रभाव डालते है इसलिए इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को अक्सर मासपेशियों में जकड़न तथा दर्द की समस्या बनी रहती है ।
खांसी, सिरदर्द एवं खराश- एड्स विषाणु हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है इसलिए अक्सर सिरदर्द, गले में खराश तथा गले में दर्द जैसी बिमारियां लगी रहती है । लगातार पानी पीने के बाद भी गले में सूखापन भी एड्स का एक संकेत है ।
जोड़ो में सुजन तथा दर्द- घुटनों कंधो तथा शारीर के किसी भी जोड़े में दर्द तथा सुजन होना भी एड्स के लक्ष्ण हो सकते है 
अचानक से वजन का घटना- एड्स से पीड़ित व्यक्तियांे का वजन एक दम से कम नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे कम होता है । अगर पिछले कुछ महीनों में आपके वजन में भी लगातार गिरावट आई है तो हमारी सलाह है की आप डाॅक्टर से चेक करवा लें ।
एड्स के कुछ अन्य लक्ष्ण- 
मुंह में घाव होना, भूख खत्म हो जाना, बार- बार दस्त लगना, सोते समय पसीना आना । रिपोर्ट में एच. आई. वी. पाॅजिटिव आने का मतलब है की एड्स वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर चूका है पर इसका मतलब यह नहीं की आपको एड्स है । एच. आई. वी. पाॅजिटिव होने के बाद 6 महीने से 10 साल के बिच कभी भी एड्स हो सकता है ।
एच.आई.वी. से सुरक्षा के उपाय-
अगर महिला एच. आई. वी. से संक्रमित है तथा गर्भधारण करना चाहती है तो वह पहले चिकित्सक से सम्पर्क जरूर करंे ।
असुरक्षित संबंधो से बचें । हमेशा नयी सिरिंज तथा सुई का ही प्रयोग करंे ।
एड्स के ज्यादातर लक्षण ऐसे है जो समान्य होते है इसलिए यह बिमारी चिकित्सकों को भी भ्रमित करने में सफल रहती है । सकरात्मक सोच के साथ-साथ अपनी सेहत पर ध्यान देकर एच. आई. वी. पाॅजिटिव व्यक्ति भी एक आम इंसान की तरह जीवन यापन कर सकता है ।
एच. आई. वी. के बारे में सिर्फ भारत में ही नहीं पूरे विश्व में बहुत से भ्रम फैले हुए है लोगांे के भ्रमो की वजह से एच. आई. वी. पीड़ित व्यक्ति का जीना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है एड्स से जुड़े कुछ तथ्यों को भी जानना उतना ही जरूरी है जितना इस बिमारी को समझना ।
एड्स से सम्बन्धित भ्रम तथा उनके उत्तर 
प्रशन- क्या एच. आई. वी. के मरीज के साथ रहने से एच. आई. वी. हो जाता है ?
उत्तर- नहीं यह बिलकुल गलत है एच. आई. वी. मरीज को छुने से, उसके साथ रहने से, उसके साथ खाना खाने से एच. आई. वी. नहीं फैलता । निचे दिए गए कारणों से भी एच. आई. वी. नहीं फैलता । एक ही शौचालय का इस्तेमाल करने से, जूठा पानी पिने से, गले लगाने से, हाथ मिलाने से, एक साथ एक ही बर्तन में खाना खाने से आदि ।
प्रष्न- क्या एच. आई. वी. को दवाइयों के माध्यम से जड़ से उखाड़ा जा सकता है ? 
उत्तर- जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है, हलांकि कई शोधकर्ताओं द्वारा दावे किये गए की उन्होंने एच. आई. वी. का इलाज खोज लिया है । पर कोई भी सच साबित नहीं हो पाया । हां यह बात भी सत्य है कि कुछ एंटीरेट्रोवाइरल ड्रग्स आने से एच. आई. वी. के मरीजों की स्थिति में काफी सुधार आया है लेकिन यह दवाइयां बहुत ज्यादा महंगी है तथा इनके साइड इफेक्ट्स भी बहुत खतरनाक है अभी तक इस बिमारी का उपचार पूरे विश्व में नहीं खोजा जा सका है ।
प्रशन- क्या मच्छरों के काटने से भी एच. आई. वी. होता है?
उत्तर- जी नहीं, क्यूंकि एच. आई. वी. रक्त के द्वारा फैलने वाला संक्रमण है इसलिए सबको लगता है कि यह मच्छरों के काटने से भी हो जाता है । पर ऐसा कुछ नहीं है ।
प्रशन- जिन एच. आई. वी. मरीजांे का इलाज हो रहा है उनसे दूसरे व्यक्तियों को एच. आई. वी. नहीं फैलता?
उत्तर- जी नहीं, अगर किसी भी एच. आई. वी. पीड़ित का अच्छे से इलाज हो रहा है तो भले ही उसके शरीर में एच. आई. वी. वायरस की मात्रा कम हो जाये पर एच. आई. वी. का वायरस शरीर से पूरी तरह से नहीं निकलता वह शरीर में ही कही ना कही छुपा होता है इसलिए एच. आई. वी. का इलाज करवा रहे मरीजों से भी एच. आई. वी. वायरस फैलने का खरता बना रहता है ।
प्रशन - अगर दोनों पार्टनर्स में से कोई एक भी एच. आई. वी. वायरस से संक्रमित है तो इसका पता कैसे चलता है?
उत्तर- आप एच. आई. वी. का पता बिना चेकअप करवाये नहीं लगा सकते, यह भी सम्भव है कि आपको तथा आपके पार्टनर को बहुत सालांे तक तो इस वायरस का कोई भी लक्षण देखने को न मिले या तो अचानक से बहुत लक्षण नजर आने लगे । इसलिए अच्छा होगा की आप पहले ही एच. आई. वी. की जांच करवाले । एच. आई. वी. से पीड़ित लोगांे को भी जीने का उतना ही हक है जितना की किसी आम इंसान को, किसी भी प्रकार से एड्स से युक्त व्यक्ति को एहसास दिलाना की उसकी जिन्दगी अब खराब हो गई है पूर्ण रूप से गलत है, हमे उन्हें निराश करने के बजाए उनका सहारा बनके उनके हर गम में उनका साथ देना चाहिए जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से यह एहसास न हो पाए की उनके पास अब सिर्फ रोने के अलावा अब कुछ नहीं है । इसलिए अगर आप एड्स से ग्रस्त किसी भी व्यक्ति को जानते है तो उनका सम्मान करें, उनसे अच्छे से बात करें, तथा उन्हें खुश रखने की हर सम्भव कोशिश करें ।
 



Advertise

Your AD Here

Related Articles


Contact Us

Now You can publish your articles with us. if selected it will be publised in our magazines after taking your conformation