Acharya Indu Prakash
Fashion Blog

It's common knowledge that a large percentage of Wall Street brokers use astrology.

Acharya Indu prakash

होली की रात सिद्ध किये जाने वाले मंत्र



भगवान कार्तिकेय का मंत्रभगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है। दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को मुरुगन या अयप्पा नाम से भी जाना जाता है। भगवान कार्तिकेय शक्ति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं। मान्यतानुसार कोर्ट, जमीन, पैसे आदि के विवाद को निपटाने से पहले भगवान कार्तिकेय की आराधना की जाए तो उसमें सफलता प्राप्त होती है। आइए भगवान कार्तिकेय के इन मंत्रों द्वारा विजय की प्रार्थना करें।शत्रुओं के नाश के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।ऊं शारवाना-भावाया नमःज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरादेवसेना मनः काँता कार्तिकेया नामोस्तुतेऊं सुब्रहमणयाया नमः।।बबवतकपदह जव भ्पदकन उलजीवसवहल जीम ेवद व िस्वतक ैीपअ ंदक ळवककमेे च्ंतअंजप पे स्वतक ज्ञंतजपामलए जीम ळवक व िइंजजसमण्  भ्म पे ादवूद ंे डनतनहंद वत ।लंचं पद ैवनजी प्दकपंण् स्वतक ज्ञंतजपामल ेलउइवसप्रमे चवूमत ंदक मदमतहलण् ।बबवतकपदह जव जतंकपजपवदए भ्म पे ूवतेीपचचमक इमवितम बवनतज बंेमे वत उंजजमते तमहंतकपदह संदक वत उवदमल वित ं ंिअवनतंइसम वनजबवउमण् स्मजश्े सववा ंज जीम उंदजतंे वित जीम ूवतेीपच व िस्वतक ज्ञंतजपामल वित अपबजवतलण्व्उ ैींतंअंदं.इींअंलं छंउंींळलंदंेींाजपकींतं ेांदकं अंससपपांसलंदं ेनदकंतंक्मअंेमदं उंदंी ांदजं ांतजपामलं दंउवंेजनजमव्उ ेनइतंीउंदलंलं दंउंीण्सफलता प्राप्ति के लिए भगवान कार्तिकेय की इन मंत्रो द्वारा आराधना करना चाहिए।आरमुखा ओम मुरूगावेल वेल मुरूगा मुरूगावा वा मुरूगा मुरूगावादी वेल अज्गा मुरूगाअदियार एलाया मुरूगाअज्गा मुरूगा वरूवाईवादी वेलुधने वरूवाई।स्वतक ।लंचचं डंदजतं वित ैनबबमेे पद भ्पदकपण्।ंतंउनाीं व्उ डनतनहंटमस टमस डनतनहं डनतनहंटं टं डनतनहं डनतनहंटंकप टमस ।्रींहं डनतनहं।कपलंत म्संपलं डनतनहं।्रींहं डनतनहं टंतनअंपटंकप टमसनकंदमल टंतनअंपण्कार्तिकेत गायत्री मंत्र हर प्रकार के दुखों और कष्टों का नाश करने के लिए भगवान कार्तिकेय का गायत्री मंत्र ओम तत्पुरुषाय विधमहेः महा सैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यातःव्उ ज्ींजचनतनेींलं टपकीउंीमडंीं ैमदंलं क्ीपउंीपज्ींददव ैांदकं च्तंबीवकींलंजीण्दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को प्रसन्न करने के लिए निम्न मंत्रों का जाप किया जाता है।हरे मुरूगा हरे मुरूगा शिवा कुमारा हरो हराहरे कंधा हारे कंधा हारे कंधा हरो हराहरे षण्मुखा हारे षण्मुखा हारे षणमुखा हरो हराहरे वेला हरे वेला हारे वेला हरो हराहरे मुरूगा हरे मुरूगा ऊं मुरूगा हरो हरा।भ्ंतमल डनतनहं भ्ंतमल डनतनहं ैीपअं ज्ञनउंतं भ्ंतव भ्ंतंभ्ंतमल ज्ञंदकीं भ्ंतमल ज्ञंदकीं भ्ंतमल ज्ञंदकीं भ्ंतव भ्ंतंभ्ंतमल ैींदउनाीं भ्ंतमल ैींदउनाीं भ्ंतमल ैींदउनाीं भ्ंतव भ्ंतंभ्ंतमल टमसं भ्ंतमल टमसं भ्ंतमल टमसं भ्ंतव भ्ंतंभ्ंतमल डनतनहं भ्ंतमल डनतनहं व्उ डनतनहं भ्ंतव भ्ंतंण्महामृत्युंजय मंत्रडंींउतपजलनदरंल डंदजतं‘महामृत्युंजय मंत्र’ भगवान शिव का सबसे बड़ा प्राण रक्षक और महामोक्ष मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जाप करने वाले जातक से मृत्यु भी डरती है। इस मंत्र को सिद्ध करने से मोक्ष प्राप्त होता है। यह मंत्र ऋषि मार्कंडेय द्वारा सबसे पहले पाया गया था।ज्ीपे उंदजतं पे तमहंतकमक जव इम जीम उंरवत उंदजतं व िस्वतक ैीपअण् प्द भ्पदकनपेउए जीपे उंदजतं पे इमसपमअमक जव इम जीम सपमि ेंअपदह ंदक उवोी ंजजंपदउमदज उंदजतंण् प्ज पे इमसपमअमक जींज जीम वदम ूीव बंद उंाम स्वतक ैीपअ ींचचल इल बींदजपदह जीपे उंदजतं पे मिंतमक इल कमंजी पजेमसण् ित्महनसंत बींदजपदह व िजीपे उंदजतं पे ेनतम जव इतपदह उवोीण्  ज्ीपे उंदजतं ूंे तमअमंसमूक इल त्पेीप डंतांदकंलण् ऊँ त्रर्यमबकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात।।व्उ ज्तमलंउइंांउ ल्ंरंउंीमण्ैनहंदकीपउ च्नेीजप टंतकींदंउण्न्तअंतनांउपअ ठंदकींदंदण्डतपजलनतउवोींल डंउतजंजण्महामृत्युंजय मंत्र का अर्थहम तीन नेत्र वाले भगवान शंकर की पूजा करते हैं जो प्रत्येक श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन-पोषण अपनी शक्ति से कर रहे हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि जिस प्रकार एक ककड़ी अपनी बेल में पक जाने के उपरांत उस बेल-रूपी संसार के बंधन से मुक्त हो जाती है, उसी प्रकार हम भी इस संसार-रूपी बेल में पक जाने के उपरांत जन्म-मृत्यु के बंधनों से सदा के लिए मुक्त हो जाएं तथा आपके चरणों की अमृतधारा का पान करते हुए शरीर को त्यागकर आप ही में लीन हो जाएं और मोक्ष प्राप्त कर लें।डमंदपदह व िडंींउतपजलनदरंल डंदजतं . ॅम ूवतेीपच जीम जीतमम मलमक स्वतक ैीपअ ूीव पद मंबी इतमंजी पे जीम बतमंजवत व िसपमि वितबमए ूीव दनतजनतमे जीम मदजपतम ूवतसक ूपजी ीपे मदमतहलए उंल भ्म ेमअमतम वनत इवदकंहम व िूवतसकसल सपमिए सपाम ं बनबनउइमत पे ेमअमतमक तिवउ जीम इवदकंहम व िपजे बतममचमत ंदक जीने सपइमतंजम ने तिवउ जीम बलबसम व िसपमि ंदक कमंजीए इल उंापदह ने तमंसप्रम जींज ूम ंतम दमअमत ेमचंतंजमक तिवउ वनत पउउवतजंस दंजनतमण्   महामृत्युंजय मंत्र के फायदेइस मंत्र से मृत्यु भय से मुक्ति मिलती है  इस मंत्र का सवा लाख बार निरंतर जप करने से किसी भी बीमारी तथा अनिष्टकारी ग्रहों के दुष्प्रभाव को खत्म किया जा सकता है। इस मंत्र के जाप से आत्मा के कर्म शुद्ध हो जाते हैं और आयु और यश की प्राप्ति होती है। साथ ही यह मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।ठमदमपिजे व िडंींउतपजलनदरंल डंदजतं . ज्ीपे उंदजतं दवज वदसल तमउवअमे जीम मिंत व िकमंजी इनज ंसेव बंद कमसंल वदमश्े कमंजीण् प्ज पे इमसपमअमक जींज इल बींदजपदह जीपे उंदजतं 1ए50ए000 जपउमे वदम बंद तमउवअम ंदल पससदमेे वत जीम दमहंजपअम मििमबजे व िनदंिअवनतंइसम चसंदमजंतल चवेपजपवदेण् ब्ींदजपदह व िजीपे उंदजतं चनतपपिमे जीम ंबजपवदे व िजीम ेवनस ंदक वदम ंकके उवतम लमंते जव वदमश्े सपमि ंदक हंपदे ंिउमण् मीनाक्षी गायत्री मंत्र डममदंोीप ळंलंजतप डंदजतंमीनाक्षी देवी माता पार्वती का अवतार है और भगवान शिव की अर्धांगिनी। मीनाक्षी देवी की पूजा दक्षिण भारत में होती है। देवी को शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है मीनाक्षी देवी भगवान विष्णु की बहन हैं। सबसे बड़ा मंदिर मदुरई में स्थित है। मीनाक्षी गायत्री मंत्र को बल, बुद्धि, विद्या, धन, ज्ञान, सुख-शांति और ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है। डममदंोीप पे ंद पदबंतदंजपवद व िळवककमेे च्ंतअंजप ंदक जीम ूपमि व िस्वतक ैीपअण् ैीम पे ूवतेीपचचमक उंपदसल पद ैवनजी प्दकपंण् ैीम पे तमहंतकमक जव इम जीम ेलउइवस व िचवूमत ंदक मदमतहलण् प्ज पे इमसपमअमक जींज ेीम पे जीम ेपेजमत व िस्वतक टपेीदनण् ज्ीम ळवककमेेश् संतहमेज जमउचसम पे ेपजनंजमक पद डंकनतंप बंससमक जीम डममदंोीप ।उउंद डंदकपतण् ज्ीम डममदंोीप ळंलंजतप डंदजतं पे इमसपमअमक जव हतंदज ेजतमदहजीए मकनबंजपवदएूपेकवउए ूमंसजीए ादवूसमकहमए चमंबमए चतवेचमतपजल ंदक मदमतहलण् ऊँ उन्नी-थ्रियै च विद्महे,सुंठ्प प्रियायै च धीमही,तन्नो मिनाक्षी प्रचोदयात।।व्उ न्ददप.जीतपलंम ब्ीं टपकउंीमैनदजींचं च्तपलंलंम ब्ीं क्ीपउंीममज्ंददव डममदंोीप च्तंबीवकंलंजीमीनाक्षी गायत्री मंत्र के प्रभाव - मीनाक्षी गायत्री मंत्र उन अविवाहित कन्याओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है जो अच्छा या अपनी इच्छा अनुसार जीवन साथी पाने की कामना करती हैं। इसके अलावा इस मंत्र के प्रभाव से घर में शांति बनी रहती है।  ठमदमपिजे व िडममदंोीप ळंलंजतप डंदजतंज्ीपे उंदजतं पे इमसपमअमक जव इम अमतल मििमबजपअमण् प्ज पे नेमनिस वित जीवेम हपतसे ूंदजपदह ं हववक ीनेइंदक वत जव हमज उंततपमक जव ं चमतेवद जीमल ींअम ंसतमंकल बीवेमदण् ।चंतज तिवउ जीपेए जीम बींदजपदह व िजीपे उंदजतं इतपदहे चमंबम पद जीम ीवनेमण् ।दलवदम बंद बींदज जीपे उंदजतं जव वइजंपद जीम इसमेेपदहे व िडममदंोीप क्मअपण्भगवान श्री राम के मंत्रडंदजतंे व िस्वतक त्ंउ भगवान विष्णु के दस अवतार बताए गए हैं। इन अवतारों में से सबसे प्रमुख है श्री राम अवतार। रावण को मारने और धर्म की स्थापना के लिए विष्णु जी का यह सातवां अवतार माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम के नाम का जाप करने मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान राम से जुड़े कुछ विशेष मंत्र निम्न हैं। ज्ीम भ्पदकन तमसपहपवद जमससे व िजमद पदबंतदंजपवदे व िस्वतक टपेीदनण् ।उवदह ज्ीमउए स्वतक त्ंउ पे अमतल चवचनसंतण् ज्व ापसस जीम कमउवद ापदह त्ंअंद ंदक मेजंइसपेी तमसपहपवदए ीम पे इमसपमअमक जव ींअम जंामद इपतजी ंे जीम ेमअमदजी ंअंजंत व िस्वतक टपेीदनण् प्ज ंसेव इमसपमअमक जींज बींदजपदह जीम दंउम व ित्ंउ तमचमंजमकसल इतपदहे लवन बसवेमत जव उवोीण् थ्वससवूपदह ंतम मिू उंदजतंे व िस्वतक त्ंउण्श्री राम मंत्रऊँ राम ऊँ राम ऊँ राम।ह्रीं राम ह्रीं राम।श्रीं राम श्रीं राम।रामाय नमः।रां रामाय नमः।व्उ त्ंउ व्उ त्ंउ व्उ त्ंउण्भ्ततउ तंउ ीतपउ तंउण्ैतपउ तंउ ैतपउ तंउण्त्ंउंलं दंउंीण्त्ंउ तंउंलं दंउंीण्सौभाग्य और सुख की प्राप्ति के लिए श्री राम के इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।श्री राम जय राम जय जय राम ।श्री रामचन्द्राय नमः ।राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।ज्व ंजजंपद ंिअवनतंइसम सनबा ंदक ींचचपदमेेए जीम विससवूपदह उंदजतंे व िस्वतक त्ंउ ेीवनसक इम बींदजमकण्ैीतप तंउ रंलम तंउ रंलम रंलम तंउण्ैीतप तंउंबंदकतंलं दंउंीण्त्ंउ तंउमजप तंउमजप तंउम तंउम उंदवतंउमण्ैंींेजतं दंउं जंजजनदलंउ तंउ दंउ अंतंदंदमण्अकाल मृत्यु के निवारण हेतु श्री राम के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट।ज्व चतमअमदज नदजपउमसल कमंजीए जीपे उंदजतं पे नेमकण्छंउ चंींतन कपअंें दपेप कीलंदं जनउींतं ांचंजंण्दरिद्रता को दूर भगाने के लिए श्री राम का यह मंत्र अति फलदायी माना जाता है। अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के। कामद धन दारिद दवारि के।।ज्व चतमअमदज संबा व िूमंसजी जीम विससवूपदह उंदजतं व िस्वतक त्ंउ पे इमसपमअमक जव इम अमतल इमदमपिबपंसण्।जपजीप चनरलं चतपलंजंउं चनतंतप ामण् ज्ञंउंकं कींदं कंतपकं कंअंतप ामण्पुत्र प्राप्ति के लिये श्री राम का इस मंत्र द्वारा स्मरण करना चाहिए।  ‘प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।।’लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहि बाट।।ज्व वइजंपद ं ेवद स्वतक त्ंउ ेीवनसक इम ूवतेीपचचमक ूपजी जीम विससवूपदह उंदजतंण्च्तमउं उंहंदं ांनेंसलं दपेपकपदं रंजं दं रंदंण्ैनजं ेंदमीं इंें उंजं इंसंबंतपजं ांतं हंदंण्स्वबंदं दपरं चंकं रंदजतपजं रंीपउ चतंदं ामीप इंजंण्लक्ष्मी प्राप्ति के लिये श्री राम का इस मंत्र द्वारा स्मरण करना चाहिए।जिमि सरिता सागर महुँ जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहींतिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएँ। धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ।।ैीतप त्ंउ ेीवनसक इम ूवतेीपचचमक बींदजपदह जीम विससवूपदह उंदजतं जव वइजंपद स्ंनउपण्श्रपउप ेंतपजं ेंहंतं उंीनउ रंीपण् श्रंकलंचप जंीप ांउंदं दंीपउज्पउप ेनाीं ेंउचंजप इपदंीपउ इवसंमउ. क्ींतंउंेपसं चंीपउ रंीपउ ेनइींमउण्हनुमानजी के मंत्रभ्ंदनउंद डंदजतंशक्ति और बल का प्रतीक श्री राम के भक्त हनुमान जी रामायण के मुख्य किरदार रहे है। हनुमान जी की पूजा के लिए लोग हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं हनुमान जी की पूजा के लिए कुछ आसान मंत्र निम्न हैं।प्द भ्पदकनपेउए स्वतक भ्ंदनउंद पे बवदेपकमतमक जव इम जीम ेलउइवस व िचवूमत ंदक ेजतमदहजीण् ।द पउचवतजंदज पिहनतम पद त्ंउंलंदए भ्ंदनउंद पे जीम कमअवजमम व िस्वतक त्ंउण् ज्व ूवतेीपच स्वतक भ्ंदनउंद चमवचसम उवेजसल बींदज जीम भ्ंदनउंद ब्ींसपेंण् ठनज जव ूवतेीपच भ्पउए इमसवू ंतम हपअमद ं मिू मंेल उंदजतंेण् ऊँ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनायनारसिंहाय ऊँ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः।प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ग्यानधन।जासु हृदय आगार बसिंह राम सर चाप घर।।व्उ क्ंोीपदंउनाींलं चंबबंउनाीं ींदनउंजम ांतंसंइंकंदंलंदंतंेपदींलं ींउ ीपउ ीवउ ींनउ ींी ेंांसंइीपजंचतमजंकंउंदंलं ेअंींीच्तंदंअंनउ चंअंदंानउंतं ाींसं इंदं चंअंां हलंदंकींदंण्श्रंेन ीपतकंलं ंहंतं इंेपदीं तंउं ेंतं बंचं हींतण्शत्रुओं से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जाप करें।ज्व वइजंपद तिममकवउ तिवउ मदमउपमे बींदज जीम विससवूपदह उंदजतंऊँ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा।च्नतअंांचपउनाींलं चंबबंउनाीं ींदनउंजम जंउ जंउ जंउ जंउ जंउ ेंांसं ेंजतन ेंींदतंदंलं ेअंींण्अपनी रक्षा, लाभ हेतु इस मंत्र का जाप करें।ज्व चतवजमबज ंदक हंपद वित वदमेमस िअज्जनागर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम।रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा।।ंररंदंहंतइीं ेंउइीनजं ांचपदकतं ेंबपअवजजंउंण्त्ंउंचतपलं दंउंेजनइीलंउ ींदनउंद तंों ेंतअंकंण्मुकदमे में विजय प्राप्ती के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।ज्व ूपद ं बवनतज बंेमपवन तनय बल पवन समाना।बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।।च्ंअंदं जंदंलं इंसं चंअंदं ेंउंदंण्ठनकीप इपइमां इपहलंदं दपकींदंण्धन और स्मृद्धि के लिए हनुमान मंत्र।भ्ंदनउंद उंदजतं वित ूमंसजी ंदक तपबीदमेेण्मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन ।शत्रून संहर मां रक्षा श्रियं दापय मे प्रभो।।डंतांजमें उंीवजेंीं ेंतअंेवां अपदंेंदंण्ैंजतनदं ेंदींतं उंउ तंोीं ैतपलंउ कंचंलं उम चतंइीनण्कार्य की सिद्धि के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।थ्वत बवउचसमजपवद व िजंेोऊँ हनुमते नमःव्उ भ्ंदनउंजम दंउंीण्अच्छी सेहत के लिए हनुमान मंत्र।भ्ंदनउंद उंदजतं वित हववक ीमंसजीहनुमान अंगद रन गाजे।हांके सुनकृत रजनीचर भाजे।।नासे रोग हरैं सब पीरा।जो सुमिरै हनुमत बल बीरा।।भ्ंदनउंदं ंदहंकं तंदं हंरमण्भ्ंदाम ेनदंातजं तंरंदपबंतं इींरमण्छंेम तवहं ींतम ेंइ चपतंण्श्रव ेनउपतंप ींदनउंजं इंस इपतंण्हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप करें।ब्ींदज जीपे उंदजतं जव कमसपहीज भ्ंदनउंद श्रप
सुमिरि पवन सुत पावन नामू।अपने बस करि राखे रामू।।ैनउपतप चंअंदं ेनजं चंअंदं दंउनण्।चंदम इंें ांतप तंाीम तंउनण्हनुमानजी की पूजा में इस मंत्र से क्षमा-प्रार्थना करना चाहिए।भ्ंदनउंद ेीवनसक इम ंेामक वित वितहपअमदमेे इल जीपे चनरंमन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं कपीश्वर।यत्पूजितं मया देव! परिपूर्ण तदस्तु मे।।डंदजतंीममदंउ ज्ञतपलंीममदंउ ठींाजपीममदंउ ज्ञंचपेीूंत द्यल्ंजचववरपजंउ डंलं क्मअ! च्ंतपचववतद ज्ंकंेजन डम द्यद्यहनुमानजी की पूजा में इस मंत्र को पढ़ते हुए सुवर्णपुष्प समर्पण करना चाहिए।ॅीपसम ूवतेीपचचपदह स्वतक भ्ंदनउंद ूपजी जीपे उंदजतंए ैनअंतंदचनेीच उनेज इम वििमतमकवायुपुत्र ! नमस्तुभ्यं पुष्पं सौवर्णकं प्रियम।पूजयिष्यामि ते मूर्धि्न नवरत्न समुज्जलम।।टंलनचनजतं ! छंउंेजनइीलंउ च्नेीचंउ ैंनअंतदंांउ च्तपलंउ द्यच्ववरंलपेीलंउप ज्म डववतकीदप छंअतंजद - ैंउनररंसंउ द्यद्यहनुमानजी की पूजा में इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें ऋतुफल समर्पण करना चाहिए।स्वतक ींदनउदंद उनेज इम वििमतमक त्पजनंिस ूीपसम कनतपदह जीपे चनरंफलं नानाविधं स्वादु पक्वं शुद्धं सुशोभितम।समर्पितं मया देव गृह्यतां कपिनायक।।थ्ंसंउ छंदंअपकींउ ैूंकन च्ंाअंउ ैीनककींउ ैनेीवइीपजंउ द्यैंउंतचपजंउ डंलं क्मअ ळतपीलंजंउ ज्ञंचपदंलंा द्यद्य ।



Advertise

Your AD Here

Related Articles


Contact Us

Now You can publish your articles with us. if selected it will be publised in our magazines after taking your conformation