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आयुर्वेद



प्याज खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमे प्याज का तड़का होना आवश्यक है। प्याज हमारे शरीर के लिए आवश्यक है।  प्याज का प्रयोग सलाद के रूप मे भी  किया जाता है। प्याज का सेवन करने से कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है। कुछ लोग मुँह की र्दुगन्ध के डर से इसको नही खाते हैं। शारीर को फिट रखने के लिए योग या डायटिंग करने के बावजूद भी कोई फर्क नहीं पड़ता है तो अपने भोजन में प्याज की मात्र को बढ़ा कर नियमित रूप से सेवन करने से  शारीर में कार्बोहाइडेªट के मेटाबाॅलिज्म को तेज कर फैट को जल्दी घटाया जा सकता है।प्याज में अधिक मात्र में एंटी- बैक्टीरियल गुण होता है जो कोलेस्ट्राॅल को नियंत्रित करते हैं।प्याज में ऐसे तत्व होते है जो पेनकिलर का काम करते हंै। जिससे महिलाओ को पीरियड्स में दर्द से छुटकारा मिलाता है। इसलिए महिलाओ को पीरियड्स के 3,4 दिन पहले ही प्याज का सेवन बढ़ा देना चाहिए।चेहरे के दाग धब्बे मिटने के लिए प्याज का प्रयोग अति आवश्यक होता है। प्याज में मैजूद विटामिन सी की मैजूदगी से चेहरे के दाग धब्बे को कम किया जा सकता है।बालो का सफेद होना व टूटकर गिरने जैसी परेशानिओ सेे निजत दिलाने में प्याज रामबाण का काम करता है और रात में नींद न आने की समस्या से निजात दिलाता है।लहसुन लहसुन खाने में ना केवल चटपटापन और तीखेपन का स्वाद लेकर आता है अपितु इसके फायदे भी बहुत सारे हैंै। लहसुन की पूरी दुनिया में खेती की जाती है मानव जाती सदियों पहले से लहसुन के बारे में परिचित है और इसका उपयोग चिकित्सा हेतु किया जाता रहा था। इसके तीखेपन में भी बहुत सारे फायदे छुपे हंै यहा कुछ ऐसे फायदे के बारे में हम बात करते है जो लहसुन से प्राप्त कर सकते है।लहसुन में पोषक तत्व ज्यादा होते है और केलोरिज कम होती है जिसकी वजह से मोटापे से ग्रस्त लोग इसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते है लहसुन आपके शरीर में कमजोरी दूर करता है और चूँकि इसमें पतवद की भी अच्छी खासी मात्रा होती है जिसकी वजह से यह लाल रक्त कोशिकाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पउउनदपजल के लिए भी लहसुन कमाल का होता है मौसमी बीमारियों से आपकी रक्षा करता है।साथ ही एंटीओक्सिडेंट एटीबायोटिक होने के कारण इसका नियमित सेवन आपको कई तरह की असाध्य बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है जिसमे ीमंतज कमेमंेमए इसववक चतमेेनतम और कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियमित करना शामिल है। डायरिया जैसे रोग से भी लहसुन बचाके रखता है और नाश्ते में इसका सेवन करना अच्छा है। लहसुन के नियमित सेवन से आपकी पाचन क्षमता में काफी सुधार आता है जिसकी वजह से आपको भूख भी नियमित होने लगती है। कैंसर जैसे असाध्य रोग में लहसुन का सेवन लिए बेहद फायदेमंद होता है। उच्च रक्तचाप की समस्या को भी दूर करता है।।स्रीमपउमतष्े क्पेमंेम ंदक क्मउमदजपं जैसी बीमरियों से लहसुन का सेवन आपको बचाता है। एथलीट के खाने में सामान्य तौर पर लहसुन शामिल होता है क्योंकि स्टैमिना और पाचन शक्ति बढ़ा देता है जिसकी वजह से डाक्टर इसे खाने की सलाह देते है।अदरक महज एक मसाला ही नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं। अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लोरीन व विटामिन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही अदरक एक शक्तिशाली एंटीवायरल भी है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। अदरक को ताजा और सूखा दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। अदरक हमेशा से खांसी की बेहतरीन दवा है। खांसी आने पर अदरक के छोटे टुकडे को बराबर मात्रा में शहद के साथ गर्म करके दिन में दो बार सेवन कीजिए। इससे खांसी आना बंद हो जाएगी और गले की खराश भी समाप्त होगी।अदरक का नियमित सेवन करने से भूख न लगने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आपको भूख कम लगती हैं तो अदरक को बारीक काटकर, थोड़ा सा नमक लगाकर दिन में एक बार आठ दिन तक खाइए। इससे पेट साफ होगा और ज्यादा भूख लगेगी।पेट की समस्याओं के लिए अदरक बहुत ही फायदेमंद होता है। यह अपच और पाचन में सुधार करने में मदद करता है। अदरक को अजवाइन, सेंधा नमक व नींबू का रस मिलाकर खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है। इससे पेट में गैस नहीं बनती, खट्टी डकार आना बंद हो जाती है। साथ ही कब्ज की समस्या से भी निजात मिलती हैं।अदरक के सेवन से त्वचा चमकदार बनती है। अगर आप भी अपनी त्वचा को चमकदार बनाना चाहते हैं तो सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अदरक का एक टुकड़ा जरूर खाएं। इससे न केवल आपकी त्वचा में निखार आएगा बल्कि आप लंबे समय तक जवां दिखेंगे।अदरक का प्रयोग हमारे कोलेस्ट्रोल को भी कंट्रोल करता है, इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और इसके इस्तेमाल से खून में क्लाट नहीं बनते साथ ही इसमें एंटी फंगल और कैंसर प्रतिरोधी होने के गुण भी पाए जाते हैं।अदरक को दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। अदरक का सेवन करने से गठिया, अर्थराइटिस, साइटिका, गर्दन और रीढ की हड्डियों के रोग के इलाज में किया जा सकता है। अदरक महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में भी मददगार होता है।अदरक को एक प्राकृतिक दर्द निवारक भी कहा जाता है। ‘फूडस दैट फाइट पेन’ पुस्तक के लेखक आर्थर नील बर्नार्ड के अनुसार, अदरक में दर्द मिटाने के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं। यह बिना किसी दुष्प्रभाव के दर्दनिवारक दवा की तरह काम करता है। ताजे अदरक को पीसकर इसमें थोडा सा कपूर मिला कर लेप तैयार कर अगर सूजन और दर्द वाले अंगों पर लगाया जाए तो दर्द और सूजन कम हो जाती है।खीरा गर्मियां आते ही खीरा हर घर की एक जरूरत बन जाता है। शरीर को ठंडक देने के लिए ये एक कारगर और नेचुरल उपाय है। मुख्य रूप से सलाद में प्रयोग होने वाले खीरे में बहुत कम मात्रा में कैलोरी पायी जाती है। यही वजह है कि यह मोटापा कम करने के इच्छुक लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वैसे सिर्फ खीरा ही नहीं उसका छिलका भी बहुत उपयोगी है।खीरे के छिलके में ऐसे फाइबर मौजूद होते हैं जो घुलते नहीं है। ये फाइबर पेट के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। कब्ज की परेशानी को दूर करने में भी ये कारगर है। अगर आप वजन कम करना चाह रहे हैं तो आज से खीरे के छिलके को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें। वैसे तो खीरा भी वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन छिलके के साथ इसका सेवन करना और भी अधिक फायदेमंद रहता है।खीरे के छिलके में विटामिन पर्याप्त मात्रा में मिलता है। ये विटामिन प्रोटीन को एक्टिव करने का काम करता है। जिसकी वजह से कोशिकाओं के विकास में मदद मिलती है। साथ ही इससे ब्लड-क्लॉटिंग की समस्या भी दूर होती है।छिलके समेत खीरा खाने से आंख की रौशनी अच्छी रहती है। खीरे के छिलके में बीटा कैरोटीन होता है, टेनिंग और सनबर्न में भी खीरे के छिलके का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। इससे त्वचा का रूखापन भी कम होता है और मॉश्चराइजर बना रहता है। इसके छिलके को सुखाकर पीस लें और उसमें गुलाबजल की बूंदें मिलकार फेस पैक की तरह इस्तेमाल कर सकतें हैं।आयुर्वेद उपचारों से पाये कब्ज से छुटकारातले भुने व मसालेयुक्त आहार से बचें।फल, कच्ची सब्जियों, छिलके वाली दाल, अंकुरित चने, मूंग, उबली सब्जियां, हरे पत्तेदार सब्जियां, सलाद, पालक का कच्चा रस, बेल का शर्बत, नारंगी, मौसमी, नींबू, आम, अमरूद, पपीता, केला का अधिक प्रयोग करें।भोजन में दलिया या मोटे पिसे हुए आटे की रोटियों का प्रयोग करें।खूब पानी पीये, नियमित व्यायाम करें, प्रतिदिन पैदल चलें।बार-बार चाय पीने से बचें।बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू का सेवन न करें।मानसिक तनाव से दूर रहें।चार से पांच मुनक्का का बीज निकालकर एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें और रात को पीये। मधुमेह के मरीज इसका प्रयोग न करे।रात को सोते समय ईसबगोल की भूसी दो चम्मच तक एक गिलास पानी में घोलकर तुरंत पी लें। इससे कब्ज में आराम मिलता है।कब्ज में पका हुआ पपीता खाना भी लाभदायक सिद्ध होता है।



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