ज्योतिषहिंदी

शुभ योग होने पर भी क्यों बनी रहती है आर्थिक परेशानियां

Image result for lakshmi
भारतीय ज्योतिषशास्त्र व पुराणों के अनुसार कर्म को प्रधान माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सभी राशियों में ग्रह-नक्षत्र की अलग-अलग स्थिति होती है। ज्योतिष शास्त्र में हर राशि के लिए समस्याओं से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं। पौराणिक मान्यताओ के अनुसार भारतीय धार्मिक शास्त्रों में माँ लक्ष्मी को अत्याधिक महत्व दिया गया है। वेदों में और पुराणों में इसका कईं बार ज़िक्र है। माँ लक्ष्मी सम्पूर्ण संसार का पालन पोषण कर व्यक्ति के कर्म का निचोड़ धन के रूप में करती है। पूरा संसार माँ लक्ष्मी के आभाव में अर्थ विहीन है।
ज्योतिषाचार्य इंदू प्रकाश जी कहते हैं की अक्सर कई जातको की समस्याएं आती रहती है जिनमे धन समस्या भी होती है, जब उनकी जन्म पत्रिका का अवलोकन किया जाता है, तब उतनी समस्या जातक की कुंडली में नही दिखयी देती जीवन मे आ रही होती है । फिर क्या कारण होता है जो वो परेशान हो रहा  है ?
उसके हर कार्य मे विघ्न और धन (money) प्राप्ति मे रुकावट आ रही है। आप या हम जिस घर मे रहते है वँहा वास्तु अनुसार कुछ नकारात्मक वायु रहती है, जो सकारात्मक वायु के प्रवेश को रोक देती है। शास्त्रों में शयन को योग क्रिया कहा गया है जो व्यक्ति के मस्तिष्क और बौद्धिक क्षमता को प्रभावित करता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। जो व्यक्ति धन (money) और देवी लक्ष्मी की कृपा चाहते हैं उन्हें सोने से पहले बिस्तर को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि सोने से पहले बिछावन पर साफ चादर बिछा लें। गंदे और अपवित्र स्थान पर शयन करने से नकारात्मक उर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है।
रात को जिस बिस्तर पर आप सोते हैं उस पर नई बैड शीट बिछा कर सोएं सारे दिन की बिछी बैडशीट पर न सोएं क्योंकि उस पर नकारात्मक ऊर्जा अपना वास बना लेती है और दिन भर की धूल और मिट्टी से नींद में भी विध्न पड़ता है। इससे मन में नकारात्मक विचार आते हैं, शरीर में उर्जा की कमी महसूस होती है। व्यक्ति के करियर में परेशानियां आती हैं |
इस लेख से जुड़ी अधिक जानकारी चाहते हैं या आप अपने जीवन से जुड़ी किसी भी समस्या से वंचित या परेशान हैं तो आप लिंक astroeshop पर क्लिक या विश्व विख्यात ज्योतिषाचार्यइन्दु प्रकाश जी द्वारा जानकारी प्राप्त कर समस्या का सामाधान प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Response