bhavishyavaniआध्यात्मिक

राम नवमी – भगवन श्री राम को जन्मदिन की बधाई

नाम             – श्री राम चन्द्र

अवतार        – विष्णु के सातवें अवतार

जन्म            – चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी माता पिता- दशरथ-कौशल्या

पत्नी             – सीता (लक्ष्मी अवतार) भाई  -भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न

बहन            – शांता गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र

परम भक्त   – हनुमान

दिन के बारह बजे थे कि चारों तरफ भाग-दौड़, चहल- कदमी होने लगी । कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे थे तो कहीं भाव-विभोर होकर सब नाच रहे थे । धरती पर तो क्या, आकाश में भी देवी-देवता, ऋषिगण, नारद-मुनि, सब नाच-गा रहे थे । पशु-पक्षी उछल-कूद मचा रहे थे और अपनी मधुर ध्वनि से कलरव कर रहे थे । चारों तरफ उत्सव की लहर दौड़ रही थी और सब आनंद रस से सराबोर थे । ये सब तब हो रहा था जब अयोध्या नगरी के एक घर में बच्चे की किलकारियां गूंज रही थी । यह घर था स्वयं अयोध्या नरेश दशरथ का और वह बालक कोई और नहीं, साक्षात भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम थे, जिन्होंने दशरथ पुत्र के रूप में इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया था । जब सौंदर्य निकेतन, शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण किए हुए श्रीराम प्रकट हुए तब माता कौशल्या तो उन्हें देखकर विस्मित ही हो गई । राम के सुंदर रूप व तेज को देखकर उनके नेत्र मानो किसी अद्भुत तृप्ति की कल्पना का साक्षात दर्शन कर रहे हो । श्रीराम के जन्मोत्सव के सामने तो देवलोक भी फीका लग रहा था । वह चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी का ही दिन था जब रघुकुल के चिरंजीवी और महाराज दशरथ व महारानी कौशल्या के पुत्र राम ने जन्म लिया था । तब से चैत्र पक्ष की यह तिथि हमारे शास्त्रों में दर्ज है और बिल्कुल उसी दिन की तरह भगवान श्री राम का जन्मोत्सव प्रत्येक वर्ष रामनवमी के रूप में पूरे देश में बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है । कहते हैं हर सतयुग में एक राम जन्म लेता है और ये 27 वे राम हैं ।

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