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अपना लक्ष्य कैसे प्राप्त करें

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हर व्यक्ति का कोई न कोई लक्ष्य होता है। लेकिन व्यक्ति का सफल होना उसकी तैयारी पर निर्भर करता है जो इच्छाशाक्ति पर निर्भर करती है अगर आपमें अपने लक्ष्य के प्रति इच्छाशाक्ति है तो आपको अपने लक्ष्य तक पहुचंने के लिए कोई नहीं रोक सकता। लेकिन सामान्यतः देखा गया है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य की सीढियों को चढ़ते चढ़ते अचानक से एक के बाद एक कई सारे कामों में व्यस्त हो जाता है जिससे उसकी इच्छाशक्ति बिखर जाती है और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता कम हो जाती है। इसलिए लक्ष्य प्राप्ति के लिए दृढ़ता, एकाग्रता, आत्मविश्वास और धैर्य का होना अत्यंत आवश्यक है ।null
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दृढ़ता – अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति दृढ़ संकल्प रहें । दृढ़ता कठिन से कठिन कार्य को सरलतम बना देती है । दृढ़ता एक ऐसी शाक्ति है जो आपको मुश्किल से मुश्किल चुनौती का सामना करने में मदद करती है । यदि आपने इसमें थोड़ी भी चंचलता दिखाई और भावनाओं में बह गए तो आपके प्रयासों की तीव्रता में कमी आ जाएगी और आप अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाएंगे। बेहतर यही है कि यदि आप अपनी सोच को लगातार बदलते रहते हैं और किसी एक लक्ष्य के प्रति दृढ़ न रहकर अलग – अलग लक्ष्यों को निर्धारित करते रहते है तो आप एक भी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाएंगे । यदि आप अपने लक्ष्य तक पहुचंने के बारे में गंभीर है तो सही दिशा में प्रयास करने के प्रति भी गंभीर रहे । साथ ही दृढ़ता से अपने लक्ष्य की ओर बढ़े । निरंतर प्रयास और लगन आपको निश्चित रुप से लक्ष्य तक पहुचेंगे।
एकाग्रता – अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अन्य बातों पर ध्यान न लगाते हुए एक ही चीज पर ध्यान केंद्रित करें । अपने लक्ष्य से ध्यान न भटकने देना ही एकाग्रता है । अपनी मंजिल को पाने के लिए आपकी एकाग्रता जितनी ज्यादा होगी, लक्ष्य आपके उतना ही निकट होगा | हमें लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी तरह से एकाग्र होना होगा । जिसने भी अपने जीवन में बड़ी उपलब्धि पाई है उसके जीवन को देखो। उसमें अपने लक्ष्य के लिए अनन्य लगन थी । जैसे अर्जुन ने एक आंख बंद कर मछली की आंख को निशाना बनाया था ठीक उसी तरह आप अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें । तब आपको आपका लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा ।

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धैर्य – अगर आप अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते है तो आपको अपने लक्ष्य के प्रति धैर्यवान होना पड़ेगा। यदि आप अपने अंदर धैर्य रखते हुए अपनी मंजिल की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ेंगे तो अवश्य ही आपको आपकी मंजिल हासिल होगी। लेकिन सभी लक्ष्य पूरा होने में समय लेते है । यहां तक कि जब आप बहुत से कार्य एक साथ कर रहे हो तो सामान्य चीजों को करने में भी समय लग सकता है। लेकिन जब आपका धैर्य कम होने लगे तब आप यह याद रखिए कि आप ने क्या लक्ष्य निर्धारित किया है। यह भी कि जब आप उसे प्राप्त करेंगे तो कैसा महसूस करेंगे । आप उसे प्राप्त करने की खुशी को महसूस करिए और अपने लक्ष्य में आगे बढ़ते रहिए ।
सकारात्मक सोच – जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए सबसे पहले आप अपने लक्ष्य के प्रति अपनी सोच सकारात्मक रखें । अपने मन पर कोई पाबंदियां ना लगाएं । जिस प्रकार एक चींटी अपने लक्ष्य के प्रति दृढसंकल्प करती है और सकारात्मक विचारों के साथ कोशिश करती है और अंत में अपने लक्ष्य को प्राप्त भी करती है वैसे ही मनुष्य को भी सकारात्मक विचारों के साथ लक्ष्य प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए | हरिवंश राय बच्चन ने लिखा भी है – 

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

आत्मविश्वास – आत्मविश्वास से मेरा मतलब खुद पर विश्वास से है । यदि आप पूरे विश्वास के साथ लक्ष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करेंगे, और सदैव अपने लक्ष्य के प्रति आशांवित रहेंगे, तो अवश्य ही एक दिन अपने लक्ष्य को प्राप्त करके ही रहेंगे । यदि अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाने में संशय है तो आप अपने लक्ष्य की ओर न ही बढ़े तो बेहतर है । आप में जब विश्वास ही नहीं तो आप कैसे अपने लक्ष्य को पायेंगे । एक निराश और हताश व्यक्ति कभी किसी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता । आपको अपने लक्ष्य की एक सार्थक और स्पष्ट चित्र अपने मस्तिष्क में निर्धारित करना पड़ेगा। साथ ही निरंतर अपने आप को प्रेरित करना होगा कि आप निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्णत: सक्षम है ।
जीवन वैसा बनता है जैसा हम उसे बनाते है । संसार एक खेल के मैदान की तरह है । हमें हर दिन अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेलनी होती है । जैसे फुटबाल के खेल में गोल किए बिना मैच नहीं जीत सकते ठीक वैसे ही जीवन में लक्ष्य को हासिल किए बिना जीवन का मैच जीतना नामुमकिन हैं । लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए कड़ी मेहनत करके लक्ष्य हासिल कर लेने के बाद आप में आत्मविश्वास साहस और धैर्य पूर्ण रुप से व्याप्त हो जायेगा और आप जीवन में सफलता हँसते हँसते हासिल करने लग जायेंगे ।

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