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निर्जला एकादशी व्रत है अभी एकादशी व्रत के बराबर

13 जून, 2019 को हर जगह निर्जला एकादशी व्रत (Nirjala Ekadashi Vrat 2019) रखा जायेगा | यह दिन भीमसेना एकादशी के नाम से भी जाना जाता है | इस व्रत को करने से व्यक्ति को दीर्घायु तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है | यह व्रत करना काफी मुश्किल होता है क्योंकि इस व्रत में जल भी ग्रहण करना वर्जित होता है |
एक कथा के अनुसार, महाभारत काल में भीमसेन व्यास जी से कहते हैं की युधिष्ठर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, कुन्ती तथा द्रौपदी एकादशी के दिन व्रत करते हैं किन्तु मैं भूख सहन नही कर सकता हूँ | मैं तो दान देकर वासुदेव भगवान की अर्चना करके प्रसन्न कर सकता हूं | मैं बिना काया क्लेश के फल की प्राप्ति चाहता हूँ | कृपया सहायता करें | व्यास जी ने जवाब देते हुए कहा अगर तुम स्वर्गलोक जाना चाहते हो, तो दोनों एकादशी का व्रत बिना भोजन ग्रहण किया करो क्योंकि ज्येष्ठ मास की एकादशी का निर्जल व्रत करना विशेष शुभ कहा गया है | इस व्रत में आचमन में जल ग्रहण कर सकते है | अन्नाहार करने से व्रत खंडित हो जाता है | व्यास जी की आज्ञा अनुसार भीमसेन ने यह व्रत किया और वे पाप मुक्त हो गये |

निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi Vrat 2019) पूजा विधि

इस दिन प्रात: उठ कर स्नान आदि से निवृत हो जाएँ | फिर विष्णु की उपासना कर व्रत का संकल्प लें | इस दिन भक्तिभाव से भगवान का कीर्तन और कथा सुनें |
इस दिन किये जाने वाले उपाय जानने के लिए अथवा अपने जीवन से जुडी कोई परेशानी के समाधान जानने के लिए आप आचार्य इंदु प्रकाश जी से मिल सकते हैं |

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