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वरलक्ष्मी व्रत से मिलगा धन, यश और सम्मान

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श्रावण माह के शुक्ल पक्ष के दसवें दिन स्त्रियाँ हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा व्रत करती हैं | इस व्रत में माता लक्ष्मी का ही वर लक्ष्मी (Var Lakshmi Mata) के रूप में पूजन होता है | यह व्रत इस बार 9 अगस्त, 2019 के दिन किया जायेगा |

यह व्रत करने से स्त्रियों को पति की लम्बी आयु, धन, यश और सम्मान में वृद्धि के साथ साथ संतान प्राप्ति होती है |

आईये, अब जानते हैं इस व्रत की कथा |

मगध राज्य के कुण्डी नगर की एक कथा आज भी प्रचलित है | वहाँ चारुमती नामक एक महिला की कथा आज भी धन, वैभव, स्मपन्नता, समृद्धि, सुख, सम्पत्ति की प्रेरणा है | एक रात्रि माता लक्ष्मी चारुमती के सपने में आती हैं और उन्हें इस व्रत के बारे में विस्तार से बताती हैं | तब चारुमती यह व्रत को नियम पूर्वक रखती हैं | इस व्रत के बारे में चारुमती अपनी सहेलियों को बताती हैं और कलश स्थापना कर परिक्रमा करती हैं | पूजा के पश्चात, सभी स्त्रियों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं | तभी से यह व्रत की लोकप्रियता बढ़ गयी और सभी स्त्री यह व्रत करने लगीं | ऐसा भी माना जाता है की माता पार्वती ने भी यह पूजा की थी |

अब वरलक्ष्मी व्रत (Var Lakshmi Mata) की पूजन विधि भी जानिए |

इस दिन प्रात: उठ कर घर की साफ़ सफाई करें | स्नान आदि कार्यों से निवृत होकर घर के पूजन स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें | इसके पश्चात व्रत रखने का संकल्प करें | इसके बाद पूर्व दिशा में माता लक्ष्मी को गणेश जी को स्थापित करें | दोनों प्रतिमों को नए वस्त्र और ज़ेवर पहनाये | फल और फूल चढ़ाएं और कलश में पानी भर कर उसके ऊपर एक नारियल रख कर कलश स्थापना करें | ऐसा करने के बाद माता के आगे एक दिया जलाएं और वरलक्ष्मी की कथा पढ़ें | महिलाओं में प्रसाद वितरित करने के बाद व्रत रखने वाले भक्त शाम में पूजा के बाद केवल फलों का सेवन करें ।

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