आज का राहुकाल/ 10 दिसंबर-16 दिसंबर (दिल्ली)

  • Mon
  • Tue
  • Wed
  • Thu
  • Fri
  • Sat
  • Sun
आज का राहुकाल
08:20 - 09:38

आज का राहुकाल
14:50 - 16:08

आज का राहुकाल
12:14 - 13:32

आज का राहुकाल
13:33 - 14:51

आज का राहुकाल
10:57 - 12:15

आज का राहुकाल
09:40 - 10:58

आज का राहुकाल
16:10 - 17:28

रुद्राक्ष

भगवानी शिव जी को रूद्र नाम से जाना जाता है .एक कथा के अनुसार ऐसा मन जाता है की एक बार शिव जी अत्यंत व्यथित होकर घोर  तपस्या में बैठे , तभी उनकी नेत्रों से अश्रू के कुछ कण धरती पर आकार गी गए . शिव जी के अश्रु कणों सेएक फल  की उत्पत्ति हुई . इन्ही फलों को रुद्राक्ष कहा जाता है.

रुद्राक्ष के और भी  कई अन्न नाम हैं जैसे की

1. शिवाक्ष
२. श्रीवार्क्ष
३. भुत्नाशन
४. पवित्र
५. हरक्षा
६. शिव प्रिय   

रुद्राक्ष में भगवन शिव का अंश होता है .  रुद्राक्ष एक कल्याणकरी फल है जिसमी ईश्वर  की कल्याणकारी  शातियाँ विद्यमान होती हैं .  रुद्राक्ष अपने इन्ही गुडों की वजह से अत्यंत उपयोगी होता है . आम तौर पार १ से . २७  मुखी    रुद्राक्ष पाए  जाते  हैं . इन्ही मुखों  के अनुसार उनका वर्गीकरण किया जाता है.   मूलतः रुद्राक्ष भारत , मलेसिया  , इंडोनेसिया , नेपा और जावा में पाया जाता है.

अलग अलग प्रकार के रुद्राक्ष

एक मुखी रुद्राक्ष

एकमुखी रुद्राक्ष बड़ा उत्तम एवं पवित्र होता है| एक मुखी रुद्राक्ष बड़े ही भाग्यशाली को मिलता है| इसके दर्शन मात्र से ही पापो से छुटकारा मिल जाता है | और धारण करने से सम्पूर्ण अनिष्ट दूर होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है | एक मुखी रुद्राक्ष अत्यंत दुर्लभ होता है | नेपाल के असली एक मुखी गोल दाने के तो दर्शन भी किसी भाग्यशाली को हो प्राप्त होते है |

दो मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष को शिव और पार्वती का स्वरुप माना गया है | इसको धारण करने से घोर हत्या के पाप का नाश होता है | यह चित्र एकाग्रता, मानसिक शांति, आध्यात्मिक शांति तथा कुण्डलिनी जाग्रत करने के लिए अचूक है |दो मुखी रुद्राक्ष भी अत्यंत दुर्लभ होता है | यह भी असली नेपाली गोल दाने के रूप में कम ही प्राप्त होता है | शिव और शक्ति की उपासना करने वाले को यह अवश्य पहनना चाहिए |

तीन मुखी रुद्राक्ष

तीन मुखी रुद्राक्ष साक्षात अग्नि का स्वरुप माना गया है | यानी ब्रम्हा, विष्णु, महेश का स्वरुप है | इसे धारण करने से अगम्पागमन और पर स्त्री गमन के पापों का निवारण होता है | घर में धन धान्य की वृद्धि के साथ साथ मानव को त्रिकालदर्शी बनाता है | तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला मनुष्य त्रिपुरारी तुल्य हो जाता है| वृहन हत्या का पाप नष्ट होता है| धन एवं विद्या की वृद्धि होती है |

चार मुखी रुद्राक्ष

चार मुखी रुद्राक्ष ब्रम्हा जी का स्वरुप है | रुद्राक्ष पहनने से अनेक देवता प्रसन्न होते है| जो लोग उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते है | उनको चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए | जिस जिस यक्ति की स्मरण शक्ति क्षीण हो वाक् शक्ति कमजोर हो मंद बुद्धि को भी चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |

पांच मुखी रुद्राक्ष

पांच मुखी रुद्राक्ष कालाग्नि के समान रूद्र स्वरुप है | पंचमुखी रुद्राक्ष को परमपिता परमेश्वर का स्वरुप माना गया है | इसको धारण करने से सर्वशक्तिमान परमपिता परमेश्वर सदाशिव अति प्रसन्न हो कर समृद्धि प्रदान करते है |

छ:मुखी रुद्राक्ष

छ: मुखी रुद्राक्ष स्वयं में कार्तिकेय भगवान है | इसको बायीं भुजा में धारण करने से ऋद्धि - सिद्धि प्राप्त होती है | व्यापार में भी सफलता प्राप्त होती है | छ: मुखी रुद्राक्ष छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति विद्वान बनता है | यह छ: प्रकार की बुराई काम, क्रोध, लोभ,मोह,मद, और मत्सर को नष्ट करने वाला है | हिस्टीरिया, मूर्छा आदि रोगों में यह आश्चर्यजनक लाभ प्रदान करता है | अच्छी सेहत के लिए छ: मुखी रुद्राक्ष बहुत अच्छा है |

सात मुखी रुद्राक्ष

सात मुखी रुद्राक्ष अनन्त नाम से विख्यात है | यह लक्ष्मी स्वरुप माना गया है | सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने से नौकरी एवं व्यवसाय में उन्नति होती है और धन की प्राप्ति होती है| इसको धारण करने से मनुष्य निरोगी होता है | और प्रशंसा प्राप्त करता है | रंक भी राजा बन जाता है |

आठ मुखी रुद्राक्ष

अष्ट मुखी रुद्राक्ष साक्षात काल भैरव है | तथा गणेश जी का स्वरुप माना गया है | यह रुद्राक्ष अति बलशाली होता है | इसको धारण करने से शत्रु वश में हो जाते है | गणेश स्वरुप होने के कारण यह रुद्राक्ष ऋद्धि - सिद्धि और लक्ष्मी प्रदान करने वाला है | इसके साथ ही कोर्ट कचेहरी के मामलों में भी सफलता मिलती है | दुर्घटनाओं से भी रक्षा होती है | भूत प्रेत की बाधाओं को दूर करके साहस और शक्ति देना है | इसको धारण करने से अन्न, धन्न, और स्वर्ण में वृद्धि होती है |

नौ मुखी रुद्राक्ष

नव मुखी रुद्राक्ष का नाम भौरव व कपिल वर्ण है | जो मनुष्य इसे दायीं भुजा में धारण करतें है | वह शिव तुल्य हो जाते है नवमुखी रुद्राक्ष का भी स्वरुप माना गया है | इसे धारण करने वाले को यमराज का भय नहीं रहता |

दस मुखी रुद्राक्ष

दस मुखी रुद्राक्ष के प्रधान देव भगवान जनार्दन एवं दसो दिग्ग्पाल है इसे धारण करने से सभी कार्य सिद्ध होतें है | शत्रु द्वारा मारे जाने का भय नहीं रहता | दस मुखी रुद्राक्ष धारण करने से गृह बाधा दूर होती है | मरण, मोहिनी, वशीकरण आदि का प्रयोग भी निष्फल हो जाता है |

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को एकादश महारंद्र वीर भाद्रादी के स्वरन्थ का प्रतीक माना जाता है | ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से एकादशी व्रत के समान फल प्राप्त होता है | यदि बाँझ स्त्री श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक इसे धारण करें | तो वह शीघ्र ही संतानवती होती है | ग्यारह मुखी रुद्राक्ष शिखा में धारण करने से हजार अश्वमेध यज्ञ, वाजपेय यज्ञ के समान पुष्प देता है | स्त्रियाँ इसे पति की दीर्घायु एवं संतान प्राप्ति के लिए धारण करती है |

बारह मुखी रुद्राक्ष

साक्षात् सूर्य भगवान का रूप माना गया है| बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से चोट अग्नि का भय नहीं रहता | बारह मुखी रुद्राक्ष को सिखा में धारण करने से रोग नष्ट होते है | तथा लोगों को परलोक में शान्ति मिलती है | निराश रोगियों के लिए यह अत्यंत लाभ दायक माना गया है |

गौरी शंकर रुद्राक्ष

गौरी शंकर रुद्राक्ष कुदरती तौर पर वृक्ष से आपस में दो रुद्राक्ष भगवान शिव और माता शक्ति का स्वरुप है | इसको धारण करने से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न होते है | और मोक्ष प्राप्त करते है | जो यक्ति एकमुखी रुद्राक्ष न धारण कर सकें वह गौरी शंकर रुद्राक्ष करें | या तिजोरी में रखें | किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी और आप उन्नति प्राप्त करेंगे यह रुद्राक्ष भाग्य शाली को हो मिलता है इसे पूजा घर में रखना अत्यंत लाभदायक है|

Share this post

Submit रुद्राक्ष in Delicious Submit रुद्राक्ष in Digg Submit रुद्राक्ष in FaceBook Submit रुद्राक्ष in Google Bookmarks Submit रुद्राक्ष in Stumbleupon Submit रुद्राक्ष in Technorati Submit रुद्राक्ष in Twitter