आज का राहुकाल/ 10 दिसंबर-16 दिसंबर (दिल्ली)

  • Mon
  • Tue
  • Wed
  • Thu
  • Fri
  • Sat
  • Sun
आज का राहुकाल
08:20 - 09:38

आज का राहुकाल
14:50 - 16:08

आज का राहुकाल
12:14 - 13:32

आज का राहुकाल
13:33 - 14:51

आज का राहुकाल
10:57 - 12:15

आज का राहुकाल
09:40 - 10:58

आज का राहुकाल
16:10 - 17:28

दिवाली

दीपावली का त्योहार सभी को खुशहाली देनेवाला पर्व है ,इस दिन लक्ष्मी माता की श्रद्धा भक्ति से पूजा करने से सुख सौभग्य प्राप्त होता है ,धन की कमी नहीं हो ती है ,इस दिन सायंकाल में शुभ महूर्त देखकर पूजा करनी चाहिए ,मिटटी की लक्ष्मी गंनेश जी की मूर्ति ,ला कर पूजा स्थल पर स्थापित करे ,जल, दूध, दही  घी ,शहद शक्कर ,से स्नान कराये ,साफ कपडे से पोछ कर ,शुद्ध आसन पर स्थापित करे ,सर्वप्रथम मौली तथा वस्त्र -आभूषण अर्पण करे ,रोई सिंदूर का टिका लगाये ,चावल ,पुष्प ,माला ,अर्पण करे ,धूप,दीप से पूजा करे ,नैवेध ,मिठाई खील ,बताशे फल आदि का भोग लगाये ,तथा दक्षिणा अवश्य अर्पण करे ,कपूर की आरतीगंध ,अक्षत ,पुष्प ,धूप .नैवेध से भगवती महाकाली की पूजा करे .

 

क्षत से पूजन करे .

बही खाता पूजन ....एक साफ वस्त्र की थैली पर रोली से स्वस्तिक का चिन्ह बनाये ,और थैली में ५ पञ्च साबुत हल्दी की गांठ .धनिया ,कमलगट्टा ,अक्षत ,दूर्वा ,और सिक्का रख कर उस थैली में श्री सरस्वत्यै नम: का जप करते हुए गंध पुष्प से पूजन करे

कुबेर पूजन .....तिजोरी या घर में धन  रखने वाले स्थन में भगवान कुबेर का आवाहन  करे ,ॐ कुबेराय  नम: से गंध ,पुष्प अक्षत से पूजन करे उसके बाद पूर्व पूजित थैली को तिजोरी में रख दे ,तराजू पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर गंध ,पुष्प अक्षत से पूजन करे  सभी जगह घी का दीपक जलाये अंत में आरती करे ७ घी के दिए पूजा में प्रज्वलित करे ,पूजा के अंत में प्रभु से भूल के लिए छमा माँगा ले  घी के सातो दीपक घर में सभी जगह लगा दे और अंत में आरती करे ,

व्यापारिक प्रतिष्ठानों में व्यापारी लोग गणेश लक्ष्मी  जी की पूजा करने के बाद अपने कार्यालय ,फेक्ट्री ,दुकान ,में दिवार पर स्वस्तिक ,शुभ  लाभ आदि मांगलिक शब्दों को सिंदूर से लिख कर पूजन मन्त्र  ॐ देहली विनायकाय नाम: बूल कर गंध ,अक्षत ,पुष्प से पूजन करे .स्याही से भरी दवात को महालक्ष्मी के सामने पुष्पों और अक्षतो के आसन पर रखकर उस पर रोली से स्वस्तिक बनाकर  ,मौली बांध कर ॐ श्री महाकाल्यै  नाम: मन्त्र से गंध ,अक्षत ,पुष्प ,धूप .नैवेध से भगवती महाकाली की पूजा करे .

दीपावली का त्योहार सभी को खुशहाली देनेवाला पर्व है ,इस दिन लक्ष्मी माता की श्रद्धा भक्ति से पूजा करने से सुख सौभग्य प्राप्त होता है ,धन की कमी नहीं हो ती है ,इस दिन सायंकाल में शुभ महूर्त देखकर पूजा करनी चाहिए ,मिटटी की लक्ष्मी गंनेश जी की मूर्ति ,ला कर पूजा स्थल पर स्थापित करे ,जल, दूध, दही  घी ,शहद शक्कर ,से स्नान कराये ,साफ कपडे से पोछ कर ,शुद्ध आसन पर स्थापित करे ,सर्वप्रथम मौली तथा वस्त्र -आभूषण अर्पण करे ,रोई सिंदूर का टिका लगाये ,चावल ,पुष्प ,माला ,अर्पण करे ,धूप,दीप से पूजा करे ,नैवेध ,मिठाई खील ,बताशे फल आदि का भोग लगाये ,तथा दक्षिणा अवश्य अर्पण करे ,कपूर की आरती

Share this post

Submit दिवाली in Delicious Submit दिवाली in Digg Submit दिवाली in FaceBook Submit दिवाली in Google Bookmarks Submit दिवाली in Stumbleupon Submit दिवाली in Technorati Submit दिवाली in Twitter