आज का राहुकाल/ 10 दिसंबर-16 दिसंबर (दिल्ली)

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आज का राहुकाल
08:20 - 09:38

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14:50 - 16:08

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12:14 - 13:32

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13:33 - 14:51

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09:40 - 10:58

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16:10 - 17:28

वसंत पंचमी

                                                                              बसन्त पंचमी

आज के दिन सौर मण्डल में पृथ्वी और सूर्य के बीच जो मैगनेटिक फील्ड होती है उसमे अगर सूर्य की किरणें पीले रंग से होकर हमारे शरीर में जायें तो साल भर हमारा लीवर -जो कि हमारे शरीर का पाँवर हाउस है | वो स्वस्थ रहता है | अगर आप अपना लीवर स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आज के दिन पीले कपड़े पहनिये |
सरस्वती पूजा का क्या विधान है ?
सरस्वती पूजा के लिये तो लम्बा चौड़ा विधान है | लेकिन हमारे दर्शको के लिये विद्या यन्त्र बेहद आसान है | इसे आप घर बैठे बेहद आसानी से बना सकते है |शास्त्र के अनुसार यह यन्त्र गोरोचन , कुंकुम , अलक्तक , कपूर ,सिन्दूर,शहद ,मिश्री और घी कि स्याही बना कर अनार कि कलम से भोजपत्र पर लिखना चाहिये| इसे आप चांदी पर भी खुदवा सकते है |और कुछ नहीं कर सकते तो कागज पर लाल स्केच पेन से बनाये | कागज कि नाप बच्चे के हाथ के आठ अंगुल के बराबर होनी चाहिये | सबसे पहले नौ खाने एक कागज पर बना लीजिये –
यन्त्र---

पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठिये और यन्त्र पर भी दिशायें,चाहें तो पेन्सिल से ,अंकित कर लीजिये | अब  इन खानों में कुछ बिन्दियां अंकित करनी है | दिशावों के क्रम से इन्हे लिख लीजिये – यन्त्र—
यानि पूर्व दिशा में एक फिर, दक्षिण पूर्व में आठ, दक्षिण में नौ , दक्षिण पश्चिम में तिन , पश्चिम में बारह , उत्तर पश्चिम में पांच,उत्तर में चार और उत्तर पूर्व में ग्यारह बिन्दियां बनानी है | इस तरह आपका विद्या यन्त्र इस प्रकार दिखेगा –
यन्त्र --------

इस तरह के यन्त्र को चांदी या तांबे पर खुदवा कर उनमे प्राण प्रतिष्ठा करावा देने से इनमे अदभुत विद्यादात्री शक्ति आ जाती है लेकिन कागज पर बने यंत्रों को बिना प्राण प्रतिष्ठा के इस्तेमाल करने से भी फायदा होता है | बच्चे के आठ अंगुल नाप के कागज पर बने यन्त्र को आप लैमिनेट करा के बच्चे की study table के पास लटका सकते है | ये जरुर फायदा करेगा | अगर आप इस यन्त्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो इस मंत्र की ग्यारह माला जप करके यन्त्र की पूजा करे मंत्र है ------ " ॐ हीं ऐं हीं ॐ सरस्वत्यै नम:"
अलग -अलग उद्देश्यों के लिए अलग अलग यन्त्र है-
कृपया ध्यान दे -यहां हम निचे हर जगह बिना बिन्दी के बिद्य यन्त्र बनायेगे -आप कृपया हर जगह बिन्दी सहित पूरा  कीजिये विद्या यन्त्र डिस्प्ले कीजिये साथ ही पूर्व ,पश्चिम ,उत्तर ,दक्षिण दिशाये भी दीखाये-
1 -   डाक्टर: बनने के लिये सामान्य विद्या यन्त्र के दक्षिण तरफ पांच बिन्दियां बनाइये – यन्त्र-
2 -   मैनेजमेन्ट :- में जाने के लिये पूरब में एक और उत्तर में दस बिन्दियां बनाइये यन्त्र-

3 - फैशन  टेक्नालाँजी :- उत्तर में दस और aagney में 13 बिन्दियां
यन्त्र-

4 - मिडिया के क्षेत्र में सफलता पाने के लिये -उत्तर में दस और उत्तर पश्चिम में दस बिन्दियां बनाइये -  
यन्त्र –

5 - फ़िल्म और ग्लैमर के क्षेत्र में सफलता पाने के लिये दक्षिण पूर्व में तेरह बिन्दियां बनाये -
यन्त्र-
6 - इन्फार्मेशन टेक्नालोंजी के क्षेत्र में सफलता पाने के लिये बिद्या यन्त्र के दक्षिण पश्चिम में ग्यारह और उत्तर पश्चिम में दस बिन्दियां लगाइये |
यन्त्र –
7- सशस्त्र बल -सेना ,पुलिस ,बी o ,एस o ,एफ o आदि के लिये उत्तर पूर्व में दस बिन्दियां और दक्षिण में पांच बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

8 - नेवी /मर्चेन्ट नेवी /समुन्द्र से जुड़े कैरियर के लिये उत्तर पश्चिम में तिन और दक्षिण में पांच बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

9 - एयर फोर्स / पायलट / केबिन क्रू / एयर होस्टेस बनने के लिये दक्षिण पश्चिम में ग्यारह और दक्षिण में पांच बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

10 - राजनीति के क्षेत्र में सफलता के लिये दक्षिण पश्चिम के पश्चिमी तरफ ग्यारह बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

11 - सफल व्यवसायी / उद्यमी के लिये उत्तर दिशा में दस बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

12 - सफल प्रशासनिक अधिकारी आई o ए o एस o बनाने के लिये पूर्व दिशा में दस बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

13-इन्जीनियर की शिक्षा पाने के लिये दक्षिण पश्चिम में ग्यारह और पश्चिम में तिन बिन्दियां लगाइये –
यन्त्र –

14 - कर्पोरेट क्षेत्र में सफलता के लिये उत्तर में छ: पूर्व में एक और दक्षिण पश्चिम में सात बिन्दियां लगाइये –

यन्त्र –

बसंत पंचमी को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए -
इस दिन अपने जीवन साथी की पूजा करनी चाहिए दिन के समय माता सरस्वती की पूजा करनी चाहिए ... माता सरस्वती, राहू ग्रह से सम्बंधित है औए भारत की वास्तुदशाओं में राहू का वास घर के दक्षिण - पश्चिम कोने में होता है .. दक्षिण - पश्चिम कोने का सम्बन्ध दाम्पत्य प्रेम से है .. लिहाजा इस दिन घर के दक्षिण - पश्चिम कोने की सफाई करके वहां एक क्रिस्टल बाल लटकानी चाहिये | मैडरीन बतखो के जोड़े, जिनमे एक मेल हो और दूसरी फिमेल के स्टेच्यु अपने शयन कक्ष के दक्षिण - पश्चिम कोने में रखनी चाहिए .... शाम को जीवन साथी की पूजा करके उसको कुछ गिफ्ट जैसे परफ्यूम या लाल और सफ़ेद फूल भेंट करने चाहिए ...तथा रात्री में दाम्पत्य भाव में रहना चाहिए .... जहां तक न करने का प्रश्न है आज के दिन पुस्तकों को गन्दा नहीं रहने देना चाहिए ... बासी भोजन नहीं करना चाहिए और किसी भी दशा में क्रोध नहीं करना चाहिए |
आजकल जिंदगी की भागदौड़ में बहुत से लोगों के आपसी सम्बन्ध बिगड़ गएँ हैं या जिन लोगों के सम्बन्ध कायम हैं लेकिन कुछ, किन्तु, परन्तु लगा रहता है या जो लोग अपना प्रेम पाना चाहते हैं
उन लोगों के लिए क्या कुछ ख़ास किया जा सकता है ?
हाँ बिलकुल किया जा सकता है -
बसंत पंचमी के दिन ऐसे किये जाने वाले उपाय बड़े ही कारगर होतें हैं |
जैसे :- बहुत लोगों के सम्बन्ध तो अच्छे होते हैं लेकिन वो अपने संबंधों को और भी अच्छा बनाना चाहते हैं |
इतनी व्यस्तता और थकान भरी जिंदगी में आजकल ये प्रश्न कौमन है बल्कि ये उपाय हर गृहस्थ को जरूर करना चाहिए ...... सबसे पहले कामदेव का यंत्र लाकर अपनी पूजा कक्ष की उत्तर दिशा में स्थापित करना चाहिए .... उत्तर की मुंह करके रेशमी चादर पर बैठ कर स्फटिक की माला से कामदेव के  मन्त्र की २१ माला या १११ माला जप करें जप शुरू करने से पहले
यंत्र में रति और कामदेव का आह्वान करें | गंध, अक्षत, पुष्प, चन्दन आदि अर्पित करें और यंत्र के आगे दो दीपक जलाएं .. अपने दाहिने हाँथ के सामने तिल के तेल का दीपक और बाएं हाँथ के सामने देसी घी का दीपक जलाना चाहिए जप के लिए मन्त्र इस प्रकार है ...
क्लीं कामदेवाय नम:
जप के लिए इस्फाटिक की माला सर्वश्रेष्ठ है इसके अलावा चन्दन रुद्राक्ष या लाल चन्दन की माला ले सकते हैं किन्तु तुलसी की माला इस काम के लिए इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए ....
अगर कोई व्यक्ति वसंत पंचमी से शुरू करके होली के दिन तक तीन लाख मन्त्रों का जप कर ले यानि चालीस दिनों तक सत्तर माना नित्य जपे तो साक्षात कामदेव सिद्ध हो जाते हैं .....
जप के बाद ८ नामो से हवन करना चाहिए |
(१) - ॐ कामाय नम:
(२) - ॐ भष्मशरीराय नम:
(३) - ॐ अनंगाय नम:
(४) - ॐ मन्मथाय नम:
(५) - ॐ वसंतसरवाय नम:
(६) - ॐ स्मराय नम:
(७) - ॐ इक्षुधनुर्धाराय नम:
(८) - ॐ पुष्पबाणाय नम:  
1-प्रत्येक मन्त्र से पांच आहुतियाँ देनी चाहिए |
2-यह ज्यादा मुश्किल नहीं है बस आप अपने लिए किसी सुयोग्य ब्राह्मण से यंत्र सिद्ध करा कर, जप करवाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं सरल उपाय के तौर पर आप आज के दिन सातमुखी रुद्राक्ष धारण करिए यह काम देव का रूप माना जाता है .....दूसरा सरल उपाय यह है की नागदौन की 108 मनको की माला या अंगूठी पहनिये इससे आपसी प्रेम बढ़ता है |   
3-ग्यारह गोमती चक्र लेकर लाल सिंदूर की डिब्बी में भरकर अपने घर में रखने से दाम्पत्य प्रेम बढ़ता है| अगर पति -पत्नी में से किसी का मन भटक गया हो तो ये उपाय करने से वह वापस अपने घर के प्रेम के दायरे में आ जाता है और प्रेम दिन दूना रात चौगुना बढ़ता रहता है |
अपना मनचाहा जीवन साथी पाने के लिए -
१ इक लाल कपड़े पर हल्दी से अपने मनचाहे जीवन साथी का  नाम लिखकर मंदिर में रख आवें आपको आपका मनचाहा जीवन साथी मिल जाएगा |
२ चावल में हल्दी मिलाकर चिड़ियों को डालने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है |
३ लाल सिन्दूर , दही, कन्च की चूड़ी, बिंदी, और मिठाई एक लाल कपड़े में बांधकर मंदिर में देने से मनचाहा जीवन साथी मिल जाता है |
यंत्र  -

प्रेमी या प्रमिका का वशीकरण करने के लिए भोजपत्र पर केशर से यह यंत्र बनाकर आज रख लीजिये | इसे धोकर पानी जिसे पिला देंगे वह आपके वस् में हो जाएगा |
प्रेमी - प्रेमिका का आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए -
१ दो लघु नारियल लेकर रोली को गंगा जल में घोलकर एक नारियल पर प्रेमी का  नाम लिखे और दूसरे नारियल पर प्रेमिका का नाम लिखकर मंदिर में चढ़ा दें तो आपसी प्रेम बढ़ता है |
२ चांदी की डिब्बी में बिल्ली के जेर रखकर दोनों कुछ - कुछ दिन अपने पास रखें तो आपसी प्रेम बढ़ता है
३ हिरन को काले चने खिलाने से आपसी प्रेम बढ़ता है |
रूठे प्रेमी को मनाने के लिए -
१ एक लघु नारियल और एक स्फटिक की माला लाल कपड़े में लपेटकर बाह्मण को दान करने से रूठा प्रेमी मान जाता है |
२ एक नए लोटे में पानी भरकर उसमे लाल फूल डालकर और प्रसाद  देवी के मंदिर में चढ़ाकर देसी घी से आरती करने से रूठा प्रेमी या रूठी प्रेमिका मान जाती है |
३ किसी खास व्यक्ति को प्रेम के वश में करने के लिए आज रात इस मन्त्र की ११ माला जप करें -
'ॐ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुकं श्रीपति में वश्यं कुरु स्वाहा'
यहाँ अमुकं की जगह उस व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करें जिसे अपने वश में करना हो |

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