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अप्सरा साधना – कसे आप सबको अपनी तरफ सम्मोहित कर सकते हैं ?

हर किसी के मन में यह बात जरूर आती होगी कि काश, मैं अपने व्यक्तित्व से जिसको चाहूं उसको आपनी तरफ सम्मोहित कर सकूं लेकिन फिर भी आप इसमे विफल रहते हैं, तो आप रम्भा तृतीय के दिन व्रत कर देवी रम्भा की साधना कर अपने अन्दर वो आकर्षण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आप […]

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विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस – 21 मई

प्रतिवर्ष 21 मई को विश्व भर में विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य विभिन्न देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को समझना तथा उनका सम्मान करना है। हर देश की अपनी अलग पहचान होती है—कहीं भाषा अलग है, कहीं पहनावा, कहीं खान-पान और कहीं जीवन जीने का तरीका। यही

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नारद मुनि – कैसे बने विश्व के प्रथम पत्रकार

नारद मुनि – कैसे बने विश्व के प्रथम पत्रकार

सनातन परंपरा में कोई भी धार्मिक या आध्यात्मिक उपाय, रुद्राक्ष धारण या विशेष साधना बिना सही जानकारी के नहीं की जाती। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि कुंडली विश्लेषण के बिना किया गया धारण या उपाय अपेक्षित फल नहीं देता। इसलिए किसी भी आध्यात्मिक निर्णय से पहले World Best Astrologer से कुंडली Analysis कराकर

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बुद्ध पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है | क्या है इसका महत्व |

निराशाजनक वातावरण के युग में पूरे समाज में शांति, भाईचारे, प्रेम व एकता का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध को समर्पित है बुद्ध पूर्णिमा का पर्व । वैशाख मास की पूर्णिमा का भारतीय संस्कृति में बेहद ही अद्वितीय स्थान है । यह पर्व अपने आप में कई ऐतिहासिक पलों को संजोये हुये है । पूर्णिमा

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नरसिंह अवतार की पूजा से कैसे दूर रहते हैं शत्रु और बुरी शक्तियां

नरसिंह अवतार की पूजा से कैसे दूर रहते हैं शत्रु और बुरी शक्तियां?

हिन्दू धर्म में World’s best astrologer के अनुसार जब भी जीवन में अचानक डर, नकारात्मक ऊर्जा या शत्रुओं की समस्या बढ़ने लगे, तो भगवान के उग्र रूपों की उपासना विशेष फल देती है। उन्हीं में से एक है भगवान नरसिंह अवतार की पूजा, जिसे सुरक्षा और शक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। कौन

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वट सावित्री व्रत कथा और पूजा विधि

वट सावित्री व्रत संवत 2074 ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या जानिये वट सावित्री व्रत कथा व पूजा विधि वट सावित्री व्रत एक ऐसा व्रत जिसमें हिंदू धर्म में आस्था रखने वाली स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और संतान प्राप्ति की कामना करती हैं । उत्तर भारत में तो यह व्रत काफी लोकप्रिय है । इस व्रत

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अशून्यशयन व्रत सुखी विवाहित जीवन कैसे जियें

अशून्यशयन व्रत- सुखी विवाहित जीवन कैसे जियें

जीवन में स्त्री और पुरुष दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस तरह स्त्री के बिना पुरुष का जीवन अधूरा है, ठीक उसी तरह पुरुष के बिना स्त्री का जीवन भी अधूरा माना जाता है। विवाह केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि जीवनभर एक-दूसरे का सहारा बनने का वचन है। हमारे सनातन धर्म में इस

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क्या है गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि-गढ़ि काढै़ खोट अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ।। हमारा भारत देश अनेक परंपराओं का साक्षी रहा है । इन्हीं परंपराओं में से एक है गुरु-शिष्य परंपरा । प्राचीनकाल से ही भारत देश महान गुरु और उनके शिष्यों की जन्मस्थली रहा है । गुरु भारतीय संस्कृति का एक

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चातुर्मास में नहीं होंगे शुभ कार्य

चातुर्मास में नहीं होंगे शुभ कार्य – जानें नियम, कारण और महत्व

हिन्दू धर्म में चातुर्मास का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। World’s best astrologer के अनुसार यह समय भोग-विलास से दूर रहकर साधना, भक्ति और आत्मशुद्धि का होता है। इस दौरान कई शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। चातुर्मास क्या होता है? चातुर्मास चार महीनों का

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बगलामुखी जंयती पर शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए

बगलामुखी जंयती आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस माना जाता है। देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से मानी जाती है। मां बगलामुखी को शत्रुनाश की देवी कहा जाता है। इनकी नजरों से कोई

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