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इस वर्ष दर्श अमावस्या के दिन बन रहा है यह योग

भारतीय धर्म ग्रंथों में चन्द्रमा की 16वीं कला को ‘अमा’ कहा गया है। चन्द्रमंडल की ‘अमा’ नाम की महाकला है जिसमें चन्द्रमा की 16 कलाओं की शक्ति शामिल है। शास्त्रों में अमा के अनेक नाम आए हैं, जैसे अमावस्या, सूर्य-चन्द्र संगम, पंचदशी, अमावसी, अमावासी या अमामासी। अमावस्या के दिन चन्द्र नहीं दिखाई देता अर्थात जिसका […]

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जन्मकुंडली में अशुभ चंद्र ग्रह के प्रभाव से दिल-दहलाने वाली बीमारियाँ

मानव जीवन में हर व्यक्ति चाहता है कि मेरा जीवन सदैव हर प्रकार से खुशियाँ से भरा रहे और में एक सुखी जीवन यापन करता रहूँ परन्तु ग्रहों की चाल ऐसा कहाँ होने देती जो की सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में अपना दब-दवाव बनाये रखती है। भारतीय फलित ज्योतिष गणना के अनुसार ग्रह कहीं न कहीं से

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जानिये ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रह का मानव जीवन में शुभ-अशुभ प्रभाव

भारतीय ज्योतिष गणना के अनुसार ब्रह्माण्ड के तमाम ग्रह, नक्षत्रों व पिंडों के माध्यम से मानव जगत पर पढ़ने वाले अनेकों शुभ – अशुभ प्रभाव का सार्थक अध्ययन जो की हमारे ऋषि-मुनीयों के हजारों वर्ष के तप व संचरण से अखंड ज्योतिष शास्त्र का उद्गमन हुआ जो आज के युग में विख्यात व सम्पूर्ण विश्व

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क्यों शिव जी के मस्तक पर विराजमान हैं चंद्रमा ? क्यों नहीं चढ़ाये जाते उन्हें सफ़ेद फूल ?

क्यों है भगवान शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा? भगवान शिव जी का एक नाम भालचंद्र भी बहुत ही प्रसिद्ध है। भालचंद्र का अर्थ होता है मस्तक पर चंद्रमा धारण करने वाला। चंद्रमा का स्वभाव शीतल होता है। चंद्रमा की किरणें भी शीतलता प्रदान करती हैं। भगवान शिव जी कहते हैं कि जीवन में कितनी भी

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