बुध वाणी और बुद्धि के देवता हैं | किसी व्यक्ति के व्यापार और वाणी के बारे में पता करने के लिए बुध

सभी रुद्राक्षों में सबसे दुर्लभ है 19 मुखी रुद्राक्ष (19 mukhi rudraksha) | भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करने वाला यह 19 मुखी

ग्रहों (planets) का रोग कारकत्व एवं उनका शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रभाव प्रत्येक ग्रह में विभिन्न रोगों को उत्पादन करने वाले

अगर ग्रह (planets) मजबूत होंगे और ग्रहों में कोई दोष नहीं होगा तो जिंदगी में खुशियां ही खुशियां आएंगी | लेकिन ग्रहों

रुद्राक्ष भगवान शिव जी के प्रिय आभूषणों है | साथ ही रुद्राक्ष धारण करने वाले को कईं तरह की हानिकारक उर्जाओं से

माँ दुर्गा के नौ रूपों की शक्तियां नौ मुखी रुद्राक्ष (9 mukhi rudraksha) में निहित हैं | इस रुद्राक्ष को स्वयं माँ

20 अप्रैल 2019 से वैशाख (Vaisakh) यम नियम शुरु होने वाला है | मान्यता के अनुसार इस माह के दौरान भगवान विष्णु

ज्योतिष शास्त्र व वास्तुशास्त्र के अनुसार पारिवारिक सदस्यों की कमाई के बाद भी घर में धन का अभाव होता है। अधिक मेहनत

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार नजर लगना यानी कुदृष्टि एक बड़ा दोष माना जाता है। जब कभी कोई किसी की उन्नति या किस्मत

गयारह मुखी रुद्राक्ष (11 mukhi rudraksha) को भगवान शिव के ग्यारवें अवतार भगवान हनुमान का प्रतिक माना गया है | मान्यता के

भारतीय ज्योतिषशास्त्र व पुराणों के अनुसार कर्म को प्रधान माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सभी राशियों में ग्रह-नक्षत्र की अलग-अलग स्थिति

मंगल उग्र प्रकृति का ग्रह होने के कारण पाप ग्रह माना जाता है। विवाह के संदर्भ में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव