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लौंग का प्रयोग अधिकतर लोग सेहत और स्वाद के लिए करते है लेकिन पूजा के कई कामों में भी लौंग का बहुत उपयोग किया जाता है। तंत्र मंत्र में भी इसके चमत्कारी फायदे होते हैं, जानिए कुछ लौंग के उपाय। पहला उपाय...
शरद पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी संपूर्ण 16 कलाओं के साथ आकाश में चमकता है और अमृत वर्षा करता है। वर्ष 2026 में शरद पूर्णिमा 24 अक्टूबर, शनिवार को मनाई...
सनातन परंपरा में सुपारी को अत्यंत शुभ और पूजनीय माना गया है। जब सुपारी की विधि-विधान से पूजा की जाती है, तो यह साधारण वस्तु न रहकर दिव्य और चमत्कारी मानी जाती है। मान्यता है कि यदि पूजित सुपारी को...
दशहरे की पवित्र परंपरा : शुभता के प्रतीक नीलकंठ के दर्शन, नीलकंठ तुम नीले रहियो दूध-भात का भोजन करियो हमरी बात राम से कहियो इस लोकोक्ति के अनुसार नीलकंठ पक्षी को भगवान का प्रतिनिधि माना गया है।दशहरा...
नवम नवदुर्गा: माता सिद्धिदात्री नवरात्रि के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। सिद्ध माने मोक्ष और माँ सिद्धिदात्री माने मोक्ष प्रदान करने वाली। नवरात्र में विशेष तौर पर मां के नौ...
अष्टम नवदुर्गा: माता महागौरी नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरीजी की पूजा करी जाती है। मान्यताओं के अनुसार भगवान् शिव जी की तपस्या करते हुए माँ का शरीर धूल भरा हो गया | यह देख शिव जी बहुत ही प्रसन्न...
छठा नवदुर्गा : देवी कात्यायनी नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की आराधना की जाती है। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या के फल स्वरुप में माँ ने कात्यायन के घर जन्म लिया जिसके कारण माता रानी का नाम...
स्कंदमाता रानी की चार भुजाएं हैं जिनमें से माता रानी ने अपने दो हाथों में कमल का फूल पकड़ा हुआ है। उनकी एक भुजा ऊपर की ओर उठी हुई है, जिससे माता रानी भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और एक हाथ से उन्होंने...
चतुर्थी नवदुर्गा: माता कूष्मांडा नवरात्र के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की आराधना की जाती है। अपनी छोटी सी हसी से ब्राह्मण की रचना करने के कारण माता का नाम कुष्मांडा पड़ा। माँ कुष्मांडा की 8 भुजाये है जिसके...
