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ज्योतिषशास्त्र के द्वारा जन्मकुंडली में बने सत्य घटना मृत्यु के बारे में सभी लोग जानते होंगे की जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित ही है| मृत्यु को कोई न रोक सकता न कोई टाल सकता है जो जन्मा है तो...
शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक (Holashtak) में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से कष्ट और पीड़ाओं की आशंका घेरती है और संबंधों में खटास भी आ सकती है। इस तरह की परेशानियों से बचने...
हर व्यक्ति की जिंदगी में कोई ना कोई शत्रु जरूर होता है। कोई शत्रु प्रत्यक्ष रूप से परेशान करता है तो कोई अप्रत्यक्ष रूप से। हर व्यक्ति चाहता है कि उसे उसके शत्रु से छुटकारा मिले और शत्रु द्वारा...
प्रकृति में नर नारी के अलावा एक अन्य वर्ग भी है| जो न तो पूरी तरह नर होता है और न नारी। इन लोगों को हम किन्नर या हिजड़ा कहते हैं। आज के समय में इन्हें थर्ड जेंडर की संज्ञा मिली है। वैसे प्राचीन काल से...
इस मानव जगत में हर व्यक्ति चाहता है, की जीवन में हर प्रकार से मेरा समय खुशियाँ से भरा रहे और मैं सुखी जीवन यापन करता रहूँ | परन्तु ज्योतिषीय ग्रह गणित द्वारा अशुभ ग्रहों की चाल ऐसा कहाँ सुख होने देती...
पहला सुख निरोगी काया आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग में व्यक्ति अपने कर्म, करियर और भौतिक सुख-सुविधाओं पर अधिक ध्यान देने लगा है। बेहतर जीवन की चाह में दिनचर्या अनियमित हो जाती है, जिससे खान-पान और...
भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्र देव को सभी पूजनीय देवताओं में से एक मुख्य स्थान प्राप्त है। चन्द्रमा को जल तत्व का देव भी कहा जाता है। चंद्र ‘नवग्रह’ का एक महत्वपूर्ण ग्रह भी है, जो...
भारतीय ज्योयतिष शास्त्र के अनुसार समस्तर ग्रहों का राजा परम तेजस्वीर सूर्य को माना जाता है। सूर्य की श्रेष्ठयता को देखते हुए प्राचीन आचार्यों ने इसे जगत-जीवात्मा की संज्ञा दी है। भारतीय वेद – पुराण...
भारतीय अखंड ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर माह के कॄष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या तिथि का उद्गमन होता है | इस दिन प्रेत आत्माएं अधिक प्रभावशील रहती है इसीलिए चतुर्दशी और अमावस्या के दिन बुरे कार्य...
