कामदा एकादशी 2026 तिथि, पारण समय और व्रत कथा

कामदा एकादशी 2026: तिथि, पारण समय और व्रत कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व है, लेकिन कामदा एकादशी को खास तौर पर पापों को मिटाने और इच्छाओं को पूरा करने वाली एकादशी माना जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली यह एकादशी भक्तों को आध्यात्मिक शुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा देती है।

कामदा एकादशी 2026 की तिथि, पारण समय, व्रत कथा और इसका धार्मिक महत्व जानें।

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कामदा एकादशी 2026 की तिथि

कामदा एकादशी 2026 का पावन व्रत रविवार, 29 मार्च 2026 को होगा।

  • पारण का समय
  • पारण तिथि: सोमवार, 30 मार्च 2026
  • पारण समय: सुबह 06:14 AM से 07:09 AM (शुभ मुहूर्त)

पारण (व्रत खोलना) व्रत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। भक्तों को द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद और निर्धारित समय के भीतर ही व्रत खोलना चाहिए। मान्यता है कि यदि पारण का समय चूक जाए, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।

कामदा एकादशी का महत्व

कामदा एकादशी का महत्व इस बात में है कि यह सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। “कामदा” का अर्थ है इच्छाओं को पूरा करने वाली।

इस दिन व्रत रखने से:

  • पूर्व जन्मों के पापों का नाश होता है
  • वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है
  • मानसिक तनाव कम होता है
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है

यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद माना गया है जो जीवन में मुसीबत या दुर्भाग्य का सामना कर रहे हैं।

कामदा एकादशी 2026 व्रत कथा

कामदा एकादशी 2026 की व्रत कथा पुराणों में है। कथा के अनुसार, रत्नपुर नामक नगर में ललित नामक गंधर्व अपनी पत्नी ललिता के साथ रहता था। एक दिन दरबार में गाते समय ललित से गलती हो गई, जिससे राजा ने उसे राक्षस बनने का श्राप दे दिया।

दुखी ललिता ने ऋषियों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने उसे कामदा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। ललिता ने पूर्ण श्रद्धा से व्रत रखा और उसका पुण्य अपने पति को अर्पित किया। भगवान विष्णु की कृपा से ललित को श्राप से मुक्ति मिल गई।

यह कथा सच्ची श्रद्धा और भक्ति की शक्ति को दर्शाती है।

कामदा एकादशी व्रत विधि

कामदा एकादशी व्रत विधि का पालन करने से व्रत का पूरा फल मिलता है:

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • घर के पूजा स्थान को साफ करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • तुलसी दल, पीले फूल, धूप और दीप अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  • दिनभर संयम, सत्य और सकारात्मक विचार रखें।

कामदा एकादशी उपवास के नियम

कामदा एकादशी के उपवास के नियम का पालन करना जरूरी है:

  • चावल, गेहूं और दालों का सेवन वर्जित है।
  • फलाहार या निर्जला उपवास रखा जा सकता है।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मकता से बचें।
  • द्वादशी के शुभ समय में ही पारण करें।

यह व्रत केवल भोजन त्याग नहीं, बल्कि आत्मसंयम और साधना का प्रतीक है।

कामदा एकादशी 2026 का मुहूर्त

कामदा एकादशी 2026 के अनुसार पारण का शुभ समय 30 मार्च 2026 को सुबह 06:14 से 07:09 बजे तक है।

यदि आप व्यक्तिगत रूप से शुभ मुहूर्त जानना चाहते हैं, तो अपनी जन्म कुंडली के अनुसार मार्गदर्शन लेना बेहतर होता है।

कामदा एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में

कामदा एकादशी का महत्व कर्म सिद्धांत से जुड़ा है। यह एकादशी हमें सिखाती है कि सच्चे मन से किया गया प्रायश्चित और भक्ति जीवन बदल सकते हैं।

यह व्रत खास तौर पर वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति और मानसिक शांति के लिए फायदेमंद माना जाता है।

कुंडली विश्लेषण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन

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  • विस्तृत कुंडली विश्लेषण
  • दोष निवारण उपाय
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निष्कर्ष

कामदा एकादशी 2026 केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मौका है।

29 मार्च 2026 को व्रत रखें और 30 मार्च 2026 को सुबह 06:14 से 07:09 बजे के बीच पारण जरूर करें।

सच्ची श्रद्धा, सही विधि और उचित मार्गदर्शन के साथ यह एकादशी आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

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