
रत्नों (gemstones) का हमारे जीवन से भुत गहरा प्रभाव है | अलग अलग रत्न हमारी कई परेशानियाँ को दूर करने में हमारी मदद करते हैं | हमारे शास्त्रों में रत्नों के औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बताया गया है | अलग अलग बिमारियों के लिए शास्त्रों में अलग अलग रत्नों
(gemstones) का प्रयोग बताया हया है | तो आईए जानते हैं कोनसा रत्न किन बिमारियों में हमारी मदद करता है |
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माणिक्य रत्न-
यह रत्न ज़्यादातर पेट की बिमारियों में राहत दिलाता है | इसके अलावा यह रत्न क्षय रोग, धातु-क्षीणता, हृदय रोग, दर्द, उदरशूल, तथा नपुंसकता को दूर करने में भी मददगार है |
मोती-
बुखार, मिर्गी, कृशता या दुबलापन, रक्तचाप, ह्रदय रोग, जीर्णता, बवासीर, गठिया बाय, तथा श्वास से जुड़े बिमारियों में लाभ प्रदान करने वाला है | मोती शारीरिक बल में वृद्धि भी करता है |
मूंगा–
मूंगा रत्न से कफ तथा पित्त संबंधी विकारों में आराम मिलता है | इसके साथ ही यह कुष्ठ रोगों, बुखार, अग्नि माद्य व पांडुरोग के लिए भी एक बढ़िया औषधि है |
नीलम-
नीलम रत्न पूरी तरह से पारदर्शी होता है | इस भस्म का उपयोग मियादी बुखार, मिरगी, मस्तिष्क की कमजोरी, उन्माद, हिचकी, गठिया, संधिवात, उदर शूल, स्नायुविक दर्द, भ्रान्तियां, गुल्म, तथा बेहोशी जैसे रोगों में किया जाता है |
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