क्या हैं गठिया रोग के उपाय

क्या हैं गठिया रोग के उपाय


पहला सुख निरोगी काया

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आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग में व्यक्ति अपने कर्म, करियर और भौतिक सुख-सुविधाओं पर अधिक ध्यान देने लगा है। बेहतर जीवन की चाह में दिनचर्या अनियमित हो जाती है, जिससे खान-पान और स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं। अनियमित भोजन, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण कई रोग जन्म लेते हैं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है — “पहला सुख निरोगी काया”, अर्थात् जीवन का सबसे बड़ा सुख स्वस्थ शरीर है।

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में रोगों की उत्पत्ति नवग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है। जन्मकुंडली में उपस्थित ग्रह-योगों और उनकी दशा-अन्तर्दशा के दौरान विशेष रोग उत्पन्न हो सकते हैं। जब कोई ग्रह अशुभ स्थिति में होता है, तो वह शरीर के किसी विशेष अंग को प्रभावित करता है।

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गठिया रोग और ग्रहों का संबंध

गठिया रोग (Arthritis) जोड़ों के दर्द से संबंधित बीमारी है। यह शरीर के छोटे-बड़े 

सभी जोड़ों को प्रभावित कर सकता है। ज्योतिष में शनि को वात कारक ग्रह माना गया है। यदि कुंडली में शनि की स्थि

ति अनुकूल नहीं हो, तो व्यक्ति को जोड़ों के दर्द या गठिया जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

  • यदि शनि तीसरे, छठे, आठवें या बारहवें भाव का स्वामी होकर बुध एवं शुक्र को दृष्टि 
  • करे, तो गठिया रोग की संभावना बढ़ती है।
  • यदि बुध या शुक्र शनि के साथ एक ही भाव में स्थित हों, तो रोग की संभावना कम हो जा
    ती है।

  • प्रथम भाव में बृहस्पति और सप्तम भाव में शनि की स्थिति भी गठिया रोग का कारण बन सकती है।
  • शनि की दृष्टि दसवें भाव या उसके स्वामी पर होने से भी जोड़ों की समस्या हो सकती है।
  • वृष, मिथुन और तुला राशि वालों में यह समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है।
  • यदि शनि चंद्रमा को दृष्टि करे, तो भी जातक को गठिया की पीड़ा झेलनी पड़ सकती है।

क्या हैं गठिया रोग के ज्योतिषीय उपाय?

गठिया रोग से पीड़ित व्यक्ति को चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ वैदिक उपाय भी अपनाने चाहिए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि की शांति से इस रोग का प्रभाव कम किया जा सकता है।

मुख्य उपाय इस प्रकार हैं:

  • प्रतिदिन या शनिवार को “ॐ शं शनिश्चराय नमः” मंत्र का जप करें।
  • शनिवार को काली उड़द, तिल या लोहे की वस्तु का दान करें।
  • शनि देव की विधिपूर्वक पूजा करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।
  • संयमित दिनचर्या, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाएं।

इन उपायों से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मक ग्रह प्रभाव कम हो सकते हैं।

यदि आप स्वास्थ्य या जीवन से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान चाहते हैं, तो अनुभवी ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना लाभकारी हो सकता है। आप इंदु प्रकाश से जुड़कर व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण एवं वास्तु परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

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