Home Vastu Tips

घर के हर कमरे का वास्तु: किचन, बेडरूम, मुख्य द्वार, टॉयलेट और पूजा घर की सही दिशा

घर की बनावट , और उसकी दिशाओं का चुनाव सही सही से हो जाए तो एकदम सुखद सा, कुछ हद तक व्यवस्थित-सा, और मन को शांत करने वाला माहौल अपने आप बन ने लगता है। घर के वास्तु में खास कर मुख्य द्वार, किचन, बेडरूम, और पूजा घर को लेकर लोग बहुत ध्यान देते है , क्योंकि यहीं से घर की ऊर्जा का अंदाज़ा लगाया जाता है। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि घर की सही दिशा वास्तु के अनुसार क्या होनी चाहिए, और घर का वास्तु कैसे बनाना चाहिए, तो “Vastu Shastra for Home in Hindi” और “Home Vastu Tips in Hindi” जैसे लेख आपके काम आ सकते हैं। और हाँ, पारंपरिक मान्यताएँ समझने के लिए “World’s Best Astrologer” के नाम से मशहूर Acharya Indu Prakash Ji का ज्योतिषीय मार्गदर्शन और वास्तु संबंधी सलाह भी देख लेना चाहिए।

1. घर का मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का दायरा माना जाता है, और जो भी लोग आते हैं उन्हें “स्वागत” वाली फील देने वाली अहम जगह भी कहा जाता है। अब ये बात भी ठीक से ध्यान में रखें कि उत्तर, पूर्व , और उत्तर-पूर्व की तरफ वाला प्रवेश द्वार कई परंपराओं में शुभ माना गया है, पर केवल दिशा देख लेने से घर की पूरी हालत का आकलन हो ही जाता है, ऐसा जरूरी नहीं।

  • मुख्य द्वार को यथासंभव साफ-सुथरा , और ठीक-ठाक रखें, वहीं दूसरी तरफ वहां रोशनी का स्तर भी सही रहे।
  • दरवाजे के सामने जूते, कूड़ा या ऐसे ही “अनचाहे” सामान की जमावट बिल्कुल न हो।
  • दरवाजा, और चौखट की समय-समय पर देखभाल करना भी अहम समझा जाता है, क्योंकि छोटी छोटी ढील, या खराबी बाद में असर डाल सकती है।
  • अगर आप नया घर लेने की सोच रहे हैं, तो Best Vastu Consultant in Gurgaon से नक्शे और लेआउट के हिसाब से सलाह लेना काफ़ी मददगार हो सकता है।

2. वास्तु के अनुसार किचन की सही दिशा क्या है?

रसोई को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है, और इसलिए लोग इसे घर के “गर्म” हिस्से से देखने की कोशिश करते हैं। पारंपरिक मान्यताओं में दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को किचन के लिए खास तौर पर उपयुक्त समझा जाता है।

  • खाना बनाते वक़्त पूर्व दिशा की तरफ मुंह रखना शुभ माना जाता है, कई लोग यह बात छोटे से नियम की तरह मानते हैं।
  • गैस स्टोव और सिंक के बीच उचित दूरी रखना चाहिए, ताकि काम में भी सुविधा रहे और संतुलन बना रहे।
  • किचन में अच्छी रोशनी भी होनी चाहिए, साथ ही वेंटिलेशन वाला रास्ता यानी हवा का आना-जाना भी बना रहे।
  • गैस वाले उपकरण, और साथ में बिजली वाले साधनों की सुरक्षा पर भी खास ध्यान दें, क्योंकि लापरवाही भारी पड़ सकती है।

अगर किचन किसी और दिशा में बन गया है, तो घबराने वाली बात नहीं है। पहले घर की पूरी बनावट, लेआउट और व्यवहारिकता देख लें। उसके बाद ही कोई बदलाव, या अंतिम फैसला लेना ठीक रहेगा।

3. बेडरूम की सही दिशा क्या होनी चाहिए?

बेडरूम को आराम का, निजी जीवन का, और दिनभर की थकान से राहत वाला ठिकाना माना जाता है। वास्तु परंपराओं में दक्षिण-पश्चिम दिशा को मुख्य बेडरूम के लिए अच्छा माना जाता है।

  • सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रखने की सलाह मिलती है।
  • कमरे में बेवजह का सामान जमा न करें, क्योंकि इससे वातावरण भारी-सा लगता है।
  • आरामदायक रोशनी और शांत रंगों का चुनाव करें, ताकि मन भी शांत रहे।
  • बिस्तर के बिल्कुल सामने शीशा रखना, पारंपरिक वास्तु में थोड़ा वर्जित सा माना जाता है।

4. टॉयलेट और बाथरूम किस दिशा में होने चाहिए?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा को टॉयलेट के लिए एक विकल्प की तरह देखा जाता है। लेकिन अगर घर के अंदर बदलाव करना पड़े, तो पहले प्लंबिंग और निर्माण से जुड़ी जरूरतें समझें, फिर निर्णय लें।

  • बाथरूम साफ रखें, और हवादार भी।
  • टपकते नल, और पानी के रिसाव को तुरंत ठीक करवाएं, देर नहीं करनी चाहिए।
  • उचित ड्रेनेज, और फर्श का ढलान भी ध्यान में रखें।
  • सीलन, और फफूंदी जैसी समस्याओं को यूं ही नजरअंदाज मत करें।

5. पूजा घर की सही दिशा कौन-सी है?

उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण भी कहते हैं, पारंपरिक वास्तु में पूजा घर के लिए शुभ मानी जाती है। अगर जगह कम हो, तो घर के किसी साफ, शांत कोने या हिस्से में पूजा स्थल बनाया जा सकता है।

  • पूजा स्थल को रोजाना की तरह साफ रखें।
  • देवी-देवताओं की तस्वीरें, और मूर्तियां व्यवस्थित ढंग से रखें।
  • पूजा के समय पर्याप्त रोशनी का इंतजाम जरूर करें।
  • दीपक जलाते वक्त अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखना, बहुत जरूरी माना जाता है।

6. घर का वास्तु कैसे सुधारें? अपनाएं ये कुछ आसान से उपाय

हर घर का नक्शा अलग-अलग होता है , और दिशाओं का कॉम्बिनेशन भी बराबर बदलता रहता है। इसलिए बिना समझ के तोड़फोड़ , या महंगे फेरबदल करने से पहले घर की मौजूदा स्थिति को देख-भाल करके परखना बेहतर रहता है।

  • उत्तर-पूर्व वाली दिशा को साफ सुथरा और व्यवस्थित ही रहने दें।
  • प्राकृतिक रोशनी , और हवा के आने जाने के रास्ते खुले रखें, ताकि ऊर्जा का प्रवाह रुक न जाए।
  • टूटे सामान, और अनुपयोगी चीजों को धीरे-धीरे हटाएं।
  • घर के नक्शे के हिसाब से व्यक्तिगत वास्तु की सलाह लेना ज्यादा सही रहता है

Acharya Indu Prakash Ji से Vastu Consultation ले लीजिए ,

अगर आप घर का वास्तु , ग्रहों की स्थिति, और अपने लिए बने ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानना चाहते हैं, तो Acharya Indu Prakash Ji से मार्गदर्शन लिया जा सकता है। जो लोग Best Astrologer in Gurgaon या Top Astrologer in Delhi NCR खोज रहे होते हैं, उनके लिए वास्तु परामर्श के साथ Kundli Making और Kundli Analysis जैसे विकल्प भी साथ में काम आ सकते हैं। अपनी जरूरत के अनुसार Vastu Consultation ले, और जो सेवाएं व खास ऑफर्स दिए जा रहे हैं, उनकी जानकारी भी जरूर देखिए। व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए आज ही Book Appointment कर दें।

Leave a Comment