ज्योतिषहिंदी

समस्त ग्रहों में परम-पराक्रमी सूर्य ग्रह का प्रभाव

भारतीय ज्योयतिष शास्त्र के अनुसार समस्तर ग्रहों का राजा परम तेजस्वीर सूर्य को माना जाता है। सूर्य की श्रेष्ठयता को देखते हुए प्राचीन आचार्यों ने इसे जगत-जीवात्मा की संज्ञा दी है। भारतीय वेद – पुराण, जो कि हिन्दु‍ धर्म के सबसे पुराने लिखित इतिहास के निम्न आलेख मिलते है। कि दक्ष प्रजापति की दिति एंव अदिति नाम की दो कन्याओं का विवाह कश्यप मुनि के साथ हुआ और अदिति के गर्भ से सूर्य का जन्मा हुआ।  जिनकी पत्नी का नाम संज्ञा था और संज्ञा स्वायं विश्वकर्मा की पुत्री थी।  जिन्होंने हिन्दु-धर्म की मान्यतानुसार सम्पूर्ण धरती का निर्माण किया।  संज्ञा के गर्भ से यम नामक पुत्र और यमुना नामक पुत्री तथा सूर्य की दूसरी पत्नी छाया के गर्भ से एक महान प्रतापी पुत्र शनि का जन्म हुआ था।  जिसे भारतीय फलित ज्योतिष में सबसे खतरनाक ग्रह माना जाता है क्योंकि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि  न्याय का देवता है और न्याय बहुत कठोर होता है।

If you get angry on small things or you just want to know about your future then meet best astrologer in Gurgaon Acharya Indu Prakash.

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को शूरवीर, क्षत्रिय जाति‍ का सुगठित और दीर्घकाल, कम बालों वाला, पित प्रकृति का वयस्क ग्रह माना गया है। सूर्य ग्रहों का सूत्रधार, सोना, तांबा, धातु, पिता, प्रभाव, शरीरिक गठन, नैरोग्याता, सरकार, सत्ताम, राज्याकृपा, श्री, लक्ष्मी्, धर्म एवं अधिकार युक्तै कर्म का कारक ग्रह है। उदारता, इमानदारी, ख्यायती तथा प्रभावाशाली व्यलक्तित्व , सूर्य का शुभ प्रभाव है। यानी यदि किसी व्याक्ति की जन्मत-कुण्डकली में सूर्य सबसे अधिक बलशाली स्थिति में हो, तो वह व्यजक्ति शूरवीर यानी सत्य व न्याय के लिए लड़ने-मरने को तैयार रहने वाला 

सुगठित शरीर वाला और गेहूं जैसे पीले रंग की चमड़ी वाला होता है जिसमें आयुर्वेद के अनुसार पित्तं प्रकृति की अधिकता होती है। साथ ही सूर्य से प्रभावित इस तरह के व्यक्ति के सिर में कम बाल होते हैं। इसलिए यदि किसी व्यतक्ति के सिर के बाल 30 – 35 साल की काफी कम उम्र में काफी कम हो जाऐं  तो भारतीय फलित ज्योतिष की मान्यता अनुसार उस व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव अन्यत ग्रहों से अधिक होता है।

सूर्य से प्रभावित व्योक्ति काफी प्रभावशाली व्यक्तित्व के, उदार व ईमानदार होते हैं  व काफी गर्वित दिखाई देते हैं। लेकिन यदि व्यक्ति सूर्य के अशुभ प्रभाव से प्रभावित हो तो, परन्तु सूर्य शुभ स्थिति में न हो तो ऐसे व्यक्तियों के ये शुभ गुण समाप्त होकर दुर्गुण में बदल जाते हैं यानी वही व्यक्ति काफी कंजूस व बेईमान भी होते हैं| तथा देखने में काफी अनुदारवादी व अहंकारी प्रतीत होते हैं।  यदि आप उसका फल नहीं मिल पा रहा हो तो आप इस  जीवन से जुडी किसी भी समस्या का निदान चाहते  हैं तो विश्व विख्यात (best vastu consultant in gurgaon) ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश जी से जुड़ कर अपनी समस्या का निदान प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Response