तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

सनातन परंपरा में रुद्राक्ष को भगवान शिव का आशीर्वाद माना गया है। अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्षों का अलग महत्व होता है, और उनमें से 3 mukhi rudraksha विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है।

मान्यता है कि इसमें सृष्टि के त्रिदेव — Brahma, Vishnu और Shiva — की शक्ति निवास करती है। साथ ही तीन देवियां — Lakshmi, Saraswati और Durga — का आशीर्वाद भी इसमें समाहित माना गया है।

इसे अग्नि देव का स्वरूप भी कहा जाता है, इसलिए यह नकारात्मकता और पाप कर्मों को भस्म कर आत्मशुद्धि में सहायक माना जाता है।

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तीन मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख लाभ

1. मानसिक शांति और आत्मविश्वास

यह रुद्राक्ष मानसिक तनाव, अपराधबोध और हीन भावना को कम करने में सहायक माना जाता है। इसे धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति अंदर से मजबूत महसूस करता है।

2. तीन नाड़ियों का संतुलन

योग शास्त्र के अनुसार यह रुद्राक्ष आदि, मध्य और अंत — तीनों नाड़ियों को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे मानसिक और आध्यात्मिक स्थिरता आती है।

3. हठ से रक्षा

मान्यता है कि यह राज हठ, बाल हठ और स्त्री हठ जैसे व्यवहारिक दोषों से रक्षा करता है और व्यक्ति को संतुलित सोच प्रदान करता है।

4. संबंधों में संतुलन

यह मित्र, शत्रु और सम — तीनों प्रकार के संबंधों में समभाव बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

5. स्वास्थ्य लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तीन मुखी रुद्राक्ष रक्तचाप, मधुमेह, उदर रोग, ज्वर, आंखों की समस्याएं और रक्त संबंधी विकारों में लाभकारी माना जाता है।
यह सूजन, रक्त वाहिनियों की समस्याएं और प्रोस्टेट जैसी बीमारियों में भी सहायक बताया गया है। (ध्यान दें: यह आध्यात्मिक मान्यता है, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।)

6. कुंडली में शुभता वृद्धि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह जन्मपत्रिका के लग्न, पंचम और नवम भाव के शुभत्व को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

भूमि विवाद में सफलता

ऐसा माना जाता है कि इसे धारण करने से जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

कौन पहन सकता है?

तीन मुखी रुद्राक्ष स्त्री-पुरुष, युवा-वृद्ध सभी धारण कर सकते हैं। विशेष रूप से वे लोग जिन्हें आत्मविश्वास की कमी, मानसिक तनाव या जीवन में बार-बार असफलता का सामना करना पड़ रहा हो।

कैसे धारण करें?

  • सोमवार या किसी शुभ नक्षत्र में धारण करना श्रेष्ठ माना जाता है।
  • गंगाजल से शुद्ध कर “ॐ अग्नि देवाय नमः” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • लाल या पीले धागे में गले या दाहिने हाथ में पहनें।

निष्कर्ष

तीन मुखी रुद्राक्ष केवल एक धार्मिक आभूषण नहीं, बल्कि यह आत्मशुद्धि, आत्मबल और संतुलित जीवन का प्रतीक है। श्रद्धा और विश्वास के साथ धारण किया गया रुद्राक्ष जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

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