चंद्र ग्रहण 2023

चंद्र ग्रहण 2023: जानें-सूतक काल, समय और धार्मिक महत्व

चंद्र ग्रहण 2023 वह घटना है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा पर आ जाते हैं और चंद्रमा पूर्ण रूप से चुप जाता है। यह एक रोचक और आकर्षक ज्योतिषीय घटना है जिसे विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में विशेष महत्व दिया जाता है। चंद्र ग्रहण 2023 भी एक ऐतिहासिक घटना होगी जो 28 अक्टूबर – 29 अक्टूबर को घटित होने वाली है। इस लेख में, हम चंद्र ग्रहण 2023 के सूतक काल, समय और इसका धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

सूतक काल: चंद्र ग्रहण 2023

क्या है सूतक काल ?

सूतक काल एक ऐतिहासिक धार्मिक अवस्था है जो चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के समय घटित होती है। इस अवस्था में लोग उपवास, ध्यान और पूजा करते हैं ताकि घटना के अशुभ प्रभावों से बचा जा सके। सूतक काल में विवाह, जन्म, दान, यज्ञ, जप आदि कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता।

चंद्र ग्रहण 2023: सूतक काल
सूतक काल: चंद्र ग्रहण 2023

चंद्र ग्रहण 2023 में सूतक काल

ग्रहण 2023 की घटना 28 अक्टूबर को घटित हो रही है और इसके साथ ही सूतक काल भी सम्बधित है। चंद्र ग्रहण के दिन लोग सूतक काल का पालन करते हैं। सूतक काल की अवधि व्यक्तिगत होती है और ज्योतिष शास्त्रों के आधार पर निर्धारित की जाती है।

ग्रहण 2023 में सूतक काल
ग्रहण 2023 में सूतक काल

समय: चंद्र ग्रहण 2023

चंद्र ग्रहण 2023 का समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार निम्नलिखित है:

शुरुआत: चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण की प्रारंभिक घटना मध्यरात्रि के 01:06 बजे होगी। इस समय पर चंद्रमा प्रवेश करेगा और ग्रहण की प्रक्रिया आरंभ होगी।

ग्रहण की शुरुआत
ग्रहण की शुरुआत

समापन चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण की समापन उपरांत, ग्रहण की प्रक्रिया रात्रि 2:22 बजे तक समाप्त हो जाएगी। चंद्रमा ग्रहण से बाहर निकलेगा और, चंद्रमा और पृथ्वी का आपसी स्थानांतरण समाप्त होगा।

समापन चंद्र ग्रहण
समापन चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2023: धार्मिक महत्व

ग्रहण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में विशेष ध्यान दिया जाता है। यहाँ कुछ मुख्य धार्मिक परंपराओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का महत्व दिया जा रहा है:

हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है। इस समय पर लोग व्रत, पूजा और ध्यान करते हैं ताकि अशुभ प्रभावों से बचा जा सके। धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा अथवा सत्संग का आयोजन भी किया जाता है।

धार्मिक महत्व
धार्मिक महत्व

जैन धर्म

जैन धर्म में भी चंद्र ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जाता है। जैन आचार्य और विद्वान इस समय को तपस्या और आत्मसमर्पण का अवसर मानते हैं।

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म में भी चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। विश्वास किया जाता है कि ध्यान और प्रार्थना से इस समय के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

संक्षिप्त

चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है जो धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस समय पर सूतक काल का पालन करना और ध्यान, पूजा आदि करना उचित माना जाता है। धर्म और आध्यात्मिकता के अनुयायी इस अवसर का उपयोग अपने आध्यात्मिक उन्नति के लिए कर सकते हैं। चंद्र ग्रहण के इस अद्भुत अवसर को ध्यान में रखते हुए, हम अपने आत्मा के विकास में एक कदम आगे बढ़ सकते हैं।

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