पापमोचन एकादशी 2026 तिथि

पापमोचन एकादशी 2026: तिथि, कहानी और पापों के निवारण के नियम

हिंदू पंचांग में एकादशी का विशेष स्थान है, लेकिन पापमोचन एकादशी को विशेष रूप से पापों के निवारण और आत्मशुद्धि के लिए जाना जाता है। यह व्रत मन वचन और कर्म से हुई भूलों के प्रायश्चित का अवसर प्रदान करता है। एकादशी सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण व्रत है क्योंकि इसकी व्रत विधि से सभी पापों का नाश होता है।

आइए जानते हैं इसकी तिथि, कथा, पूजा विधि और व्रत नियम विस्तार से।

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पापमोचन एकादशी 2026 तिथि

पापमोचन एकादशी 2026 तिथि – 15 मार्च 2026, रविवार को है।व्रत के आयोजन के लिए एकादशी तिथि को सभी लोग उत्तर भारत में मनाते हैं।व्रत के आयोजन के लिए एकादशी तिथि को सभी लोग उत्तर भारत में मनाते हैं।व्रत के आयोजन के लिए एकादशी तिथि को सभी लोग उत्तर भारत में मनाते हैं।

यह तिथि होलिका दहन और चैत्र नवरात्रि के बीच आती है, जिससे इसका आध्यात्मिक प्रभाव और भी बढ़ जाता है। एकादशी जिस दिन गुरुवार आती है, उस दिन इसे गुरु वार एकादशी माना जाता है जो खास पुण्य लाती है।

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पापमोचन एकादशी 2026 कब है

पापमोचन एकादशी 2026 के लिए श्रद्धालु पूछते हैं कि पापमोचन एकादशी 2026 कब है इसका उत्तर 15 मार्च 2026 रविवार को है।व्रत का पालन करने के लिए चाहिए कि एकादशी तिथि के समय को सभी लोग देखें जो तिथि के प्रारंभ और समाप्ति समय में होता है।

पापमोचन एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

पापमोचन एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है।व्रत की शुरुआत एकादशी तिथि के सूर्योदय समय पर शुरू होती है।

वह व्यक्ति जो जानना चाहता है सटीक शुभ मुहूर्त और पारण समय, वह अनुभवी ज्योतिषाचार्य  World’s Best Astrologer से सलाह ले सके। पूजा के लिए सही समय जो आपकी जन्म विवरण (Kundli Analysis) अनुसार आता है विशेषज्ञ खगोलज्ञ आचार्य इंदु प्रकाश जी आपको बताते हैं।

पापमोचन एकादशी व्रत कथा

पापमोचन एकादशी व्रत कथा प्राचीन पुराणों में वर्णित है। कथा के अनुसार मेधावी ऋषि कठोर तपस्या कर रहे थे। अप्सरा मंजुघोषा के प्रभाव में आकर उनका तप भंग हो गया।

ऋषि ने अपनी गलती के बाद प्रायश्चित किया। उन्हें पापमोचन एकादशी का व्रत करने का उपदेश मिला। श्रद्धा से व्रत करने पर उनके सभी पाप नष्ट हो गए और उन्हें पुनः आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त हुई।

इसके बाद, himpori के लोग इस अद्भुत वस्त्र को एकादशी व्रत द्वारा सभी पाप निवारण करने के लिए प्राप्त करते थे।

पापमोचन एकादशी का महत्व

पापमोचन एकादशी का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक शुद्धि से भी जुड़ा है।

हमें इस व्रत से आती है: 

  • आत्मसंयम
  • गलतियों का स्वीकार
  • भगवान विष्णु की भक्ति
  • सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर होना

ज्योतिष के अनुसार यदि किसी की कुंडली में पाप ग्रहों का प्रभाव अधिक हो, तो यह व्रत विशेष लाभ देता है।

पापमोचन एकादशी पूजा विधि

पापमोचन एकादशी पूजा विधि सरल और श्रद्धापूर्ण होनी चाहिए:

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • तुलसी दल, धूप, दीप और फल अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • व्रत कथा का श्रवण करें।
  • पूजा में भाव और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण हैं।

पापमोचन एकादशी व्रत नियम

पापमोचन एकादशी व्रत नियम इस प्रकार हैं:

  • अन्न और चावल का सेवन वर्जित।
  • केवल फलाहार या निर्जला व्रत (स्वास्थ्य अनुसार)।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • पारण करें जो अगले दिन विधि अनुसार है।

पापमोचन एकादशी पारण समय 2026

पापमोचन एकादशी पारण समय 2026 द्वादशी तिथि में होता है। पठन करने का सही समय है जो पठन के सभी लोग इसके पारण के समय को पूरा करते हैं।

सभी लोग चाहिए कि वे सटीक पारण समय जानने के लिए पंचांग या विशेषज्ञ से सलाह लें।

Kundli Analysis और आध्यात्मिक मार्गदर्शन

विशेष लाभ एकादशी व्रत आपके लिए होगा अगर आपकी कुंडली में राहु, शनि या मंगल के अशुभ प्रभाव मौजूद हैं।  Acharya Indu Prakash जी जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी हैं गहन Kundli Analysis द्वारा बताते हैं कि यह व्रत आपके जीवन पर कैसे प्रभाव डालेगा।

उनकी सेवाओं में शामिल हैं:

  • विस्तृत कुंडली विश्लेषण
  • दोष निवारण उपाय
  • शुभ मुहूर्त परामर्श
  • आध्यात्मिक मार्गदर्शन

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निष्कर्ष

पापमोचन एकादशी 2026 आत्मशुद्धि और प्रायश्चित का पवित्र अवसर है। 15 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली यह एकादशी हमें अपनी गलतियों को स्वीकार कर एक नए आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।

सच्चे विश्वास, विधि की सही बांसुरी और उचित ज्योतिषीय मार्गदर्शन के साथ, यह व्रत दुनिया में लाइफ को बेहतर बना सकता है।

आपके लिए उच्च आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग विद्यमान है इस पावन दिन को आचार्य इंदु प्रकाश जी के मार्गदर्शन से मनाएं।

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