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क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, क्या है इसका महत्व ?

हिंन्दू धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचागं देखने की जरूरत नहीं है। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्‍त होता है। इसे […]

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तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

सनातन परंपरा में रुद्राक्ष को भगवान शिव का आशीर्वाद माना गया है। अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्षों का अलग महत्व होता है, और उनमें से 3 mukhi rudraksha विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि इसमें सृष्टि के त्रिदेव — Brahma, Vishnu और Shiva — की शक्ति निवास करती है। साथ ही तीन देवियां

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क्या आपको अपना कारोबार शुरू करना है ?

प्राचीन काल से चली आ रही रीति से व्यक्ति सदैव दो रास्तों पर चलता आ रहा है | वह अपनी योग्यताओं और क्षमताओं के अनुसार अपनी आजीविका के साधन को चुनता रहता है कभी वह अपने खुद के व्यवसाय (business) के पीछे दौड़ता है तो कभी वह नौकरी करने के लिए घर से दूर चला

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होलिका दहन क्यों है हमारी सेहत के लिए फायेदेमंद

होली के दिन जितना महत्व रंगों का है, उतना ही महत्व है होलिका दहन (Holika Dahan) का | मान्यता है की होलि की अग्नि में किसी भी प्रकार की बुराई को जला कर मिटाया जा सकता है | होली का त्यौहार खास कर उत्तर भारत में काफी हर्षो उल्लास के साथ  मनाया जाता है |

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समस्त ग्रहों में परम-पराक्रमी सूर्य ग्रह का प्रभाव

भारतीय ज्योयतिष शास्त्र के अनुसार समस्तर ग्रहों का राजा परम तेजस्वीर सूर्य को माना जाता है। सूर्य की श्रेष्ठयता को देखते हुए प्राचीन आचार्यों ने इसे जगत-जीवात्मा की संज्ञा दी है। भारतीय वेद – पुराण, जो कि हिन्दु‍ धर्म के सबसे पुराने लिखित इतिहास के निम्न आलेख मिलते है। कि दक्ष प्रजापति की दिति एंव

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भुत प्रेत की समस्या से पाएं छुटकारा

भारतीय अखंड ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर माह के कॄष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या तिथि का उद्गमन होता है | इस दिन प्रेत आत्माएं अधिक प्रभावशील रहती है इसीलिए चतुर्दशी और अमावस्या के दिन बुरे कार्य तथा नकारात्मक विचार से दूरी बनाए रखने में व्यक्ति को सुख का अनुभव होता है। खासकर इस दिन

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कब और कैसे करें इस महापर्व शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न

इस वर्ष महाशिवरात्रि 4 मार्च 2019 को सायं 16:28 बजे से आरंभ होगी। दिलचस्‍प बात यह है कि इस दिन सोमवार पड़ रहा है। इसके अलावा महाशिवरात्रि का व्रत नक्षत्र के हिसाब से मगलवार, 5 मार्च 2019 तक मनाया जायेगा। इस बार महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग बन रहा है और इस दिन व्रत रख कर

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जानिए प्रदोष व्रत की कथा व उसका महत्व

भारतीय धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रदोष व्रत को रखने से दो गायों को दान देने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। प्रदोष व्रत को लेकर एक पौराणिक कथा सामने आती है कि ‘एक दिन जब चारों और अधर्म की स्थिति होगी, अन्याय और अनाचार का एकाधिकार होगा, मनुष्य में स्वार्थ भाव अधिक होगी। व्यक्ति

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क्यों खास है इस बार की महाशिवरात्रि

फाल्गुन महिने में कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली शिवरात्रि, महाशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है | इस साल महाशिवरात्रि 4 March, 2019 के दिन है | माना जाता है की इसी दिन भगवान शिव जी और पार्वती का विवाह हुआ था | साल भर में मनाई जाने वाली सभी शिवरात्रियों में से Mahashivratri |और

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भुत प्रेत का साया या बनते काम में अड़चन, पहने ये रत्न

ज्‍योतिष शास्‍त्र में गोमेद रत्न को राहू का रत्‍न माना जाता है। यह रत्न राहू के दोष को दूर करने के लिए जाना जाता है | यूँ तो राहू अशुभ हे माना जाता है | किन्तु केंद्र में स्थित राहू को गोमेद के धारण करने से अनुकूल बना दें तो धन सम्पदा आदि का लाभ होता है

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