नारद मुनि – कैसे बने विश्व के प्रथम पत्रकार

‘नारायण-नारायण’ गाते भगवन्नाम निरन्तर प्रेम रस सुधा सागर मग्न तन मन की स्मृति नहीं तनिक-सी, वृत्ति नित्य प्रभु पद संलग्न ।। सहज बजाते वीणा सुस्वर मधुर, लिये कर में करताल । हो उन्मत्त नृत्य करते, मुनि नारद रहते नित्यनिहाल’ सूचना और संवाद के क्षेत्र में सबसे पहला नाम नारद मुनि का ही आता है । …

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