धनतेरस

धनतेरस और उस दिन किये जा सकने वाले राशि अनुसार उपाय

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस दीपावली पर्व का प्रथम दिन है। इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था, जिन्हें आयुर्वेद का जनक और देव वैद्य कहा जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए यह दिन आरोग्य, समृद्धि और दीर्घायु की कामना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

धनतेरस की पूजा के लिए प्रदोष काल सबसे उत्तम समय माना जाता है। इस दिन धन, स्वास्थ्य और यम कृपा की प्राप्ति हेतु विशेष पूजा और उपाय किए जाते हैं।

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आरोग्य के लिए धन्वंतरि मंत्र

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये।

अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोग निवारणाय।।

त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय।

श्री धन्वंतरि स्वरूप श्री औषधचक्र नारायणाय नमः।।

इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से रोगों से मुक्ति और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

धन प्राप्ति हेतु वैदिक मंत्र (ऋग्वेद)

ॐ भूरिदा भूरि देहिनां, या दभ्रं भूर्या भर।

भूरिरेदिन्द्र दित्ससि।।

ॐ भूरिदा व्यसि श्रुतः पुरुत्रा शूर वृत्रहन्।

आ नो भजस्व राधसि।।

(ऋग्वेद 4/32/20-21)

अर्थ: हे लक्ष्मीपति! आप महान दानी हैं। जो भक्त सच्चे मन से आपकी शरण में आता है, आप उसकी आर्थिक बाधाएँ दूर कर उसे समृद्धि प्रदान करते हैं।

धनतेरस के प्रमुख उपाय

  • घर के मुख्य द्वार पर चंदन या सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
  • भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा करें।
  • अपनी सामर्थ्य अनुसार तांबे, पीतल या चांदी के बर्तन खरीदें।
  • शाम को मिट्टी या तांबे के पात्र में तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  • एक पात्र में पुष्प रखकर मुख्य द्वार के पास उत्तर या पूर्व दिशा में रखें — इससे घर के मुखिया के ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वर्ष 2016 से धन्वंतरि जयंती के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने की शुरुआत की। आयुर्वेद का अर्थ है — “जीवन का ज्ञान”। इसमें मुख्यतः जड़ी-बूटियों, खनिजों और धातुओं से औषधियां बनाई जाती हैं।

पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने धन्वंतरि रूप में अवतार लेकर अमृत और औषध विज्ञान का ज्ञान प्रदान किया। गरुड़ पुराण में भी धन्वंतरि को रोग निवारण का देवता बताया गया है।

धनतेरस पर राशि अनुसार उपाय

मेष राशि: तिजोरी में मां लक्ष्मी की चांदी की मूर्ति रखें — धन लाभ और व्यापार वृद्धि होगी।

वृष राशि: चांदी का सिक्का खरीदकर पूजा करें — सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होगी।

मिथुन राशि: पांच चांदी के बर्तन खरीदें — घर में लक्ष्मी का वास होगा।

कर्क राशि: धन्वंतरि पूजा में खोये की मिठाई अर्पित करें — आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।

सिंह राशि: जीवनसाथी को सोने का आभूषण भेंट करें — दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी।

कन्या राशि: व्यापार में वृद्धि के लिए भैरव जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करें।

तुला राशि: प्रेमी युगल एक-दूसरे को उपहार दें — संबंध मजबूत होंगे।

वृश्चिक राशि: शाम की पूजा में गणेश जी को लड्डू अर्पित करें — आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

धनु राशि: चांदी की थाली खरीदना शुभ रहेगा — व्यवसाय में नए अवसर मिलेंगे।

मकर राशि: माता को सोने या चांदी का उपहार दें — घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

कुंभ राशि: पंचधातु की लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा खरीदकर दीपावली पर पूजा करें — धन लाभ होगा।

मीन राशि: लक्ष्मी-गणेश को सफेद मिठाई अर्पित करें — परिवार में खुशहाली बनी रहेगी।

निष्कर्ष

धनतेरस केवल धन-संपत्ति का पर्व नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा और उचित उपाय करने से जीवन में आरोग्य और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

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