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क्या मंगल दोष को समाप्त किया जा सकता है ?

मंगल उग्र प्रकृति का ग्रह होने के कारण पाप ग्रह माना जाता है। विवाह के संदर्भ में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव का विचार विशेषतौर पर किया जाता है क्योंकि मंगलिक दोष का निर्माण मंगल की स्थिति से होता है जिसे दाम्पत्य जीवन के लिए शुभ योग नहीं माना जाता है। एक अनुमान के अनुसार […]

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अनिद्रा, वास्तु दोष, जादू टोने के असर से बचाव करता है दस मुखी रुद्राक्ष

10 मुखी रुद्राक्ष (10 mukhi rudraksha) को स्वयं भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त है | साथ ही साथ इसे यमराज और दस दिशों क स्वामी का वरदान भी प्राप्त है | अगर आप इस रुद्राक्ष को धारण करते हैं तो आपको स्वयं ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा | अब आप जानिए की दस

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हनुमान जयंती में किये जाने वाले उपाय

धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जंयती (Hanuman Jayanti) को भगवान हनुमान के जन्‍म के उपलक्ष्‍य में चैत्र मास के पू्र्णिमा को मनाया जाता है। हनुमान जी की पूजा सभी हिंदुओं के द्वारा की जाती है और कई मंदिर भी हनुमान जी को समर्पित होते हैं। जिन मंदिरों में भगवान राम की पूजा होती है वहां

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नवरात्र के तीसरे दिन, मां चंद्रघंटा का पूजन

नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरुप की उपासना की जाती है । इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा पूजी जाती हैं । मां चंद्रघंटा (Chandraghanta) के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा (Chandraghanta) के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा

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क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, क्या है इसका महत्व ?

हिंन्दू धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचागं देखने की जरूरत नहीं है। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्‍त होता है। इसे

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12 राशियों के स्वामी और उनके प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों और 9 ग्रहों का वर्णन मिलता है। ये सभी 12 राशियाँ इन सभी 9 ग्रहों के द्वारा ही संचालित होती है। यानि प्रत्येक राशि (Rashi) किसी न किसी ग्रह के अधीन होती है। जिसमें से सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रहों को 2-2 राशियाँ मिलती है। यानि सूर्य और

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शुक्ल योग में मासिक शिवरात्रि

आज का दिन आप सभी के लिए बहुत शुभ रहेगा क्योकि आज के दिन शुक्ल योग बन रहा है, जो की शुभ योग माना जाता है | आज रात 09 बजकर 47 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। इस योग में भगवान की कृपा से आपको हर काम में सफलता मिलेगी | इस योग में मन्त्र

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तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

तीन मुखी रुद्राक्ष के हैं कईं सारे लाभ

सनातन परंपरा में रुद्राक्ष को भगवान शिव का आशीर्वाद माना गया है। अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्षों का अलग महत्व होता है, और उनमें से 3 mukhi rudraksha विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि इसमें सृष्टि के त्रिदेव — Brahma, Vishnu और Shiva — की शक्ति निवास करती है। साथ ही तीन देवियां

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सेहत और दाम्पत्य जीवन, दोनों में लाभदायक है यह रुद्राक्ष

देवेश्वर  कहे जाने वाले दो मुखी रुद्राक्ष (Rudraksha) में शिव पार्वती दोनों का वास माना जाता है |  यह रुद्राक्ष काफी दुर्लभ एंड कल्याणकारी माना गया है | किसी भी रुद्राक्ष (Rudraksha) की पहचान उसमे मौजूद रेखाओं से होता है | जितनी रेखाएं रुद्राक्ष में होती हैं. उस रुद्राक्ष के उतने हे मुख होते हैं

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कुल देवता का महत्व और सही पूजा विधि

अनजाने में नई जगहों पर पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए? | कुल देवता का महत्व और सही पूजा विधि

आज के बदलते समाज और आधुनिक जीवनशैली में लोग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी दौड़ में कई बार अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और कुल परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। शिक्षा और सफलता मह त्वपूर्ण है, परंतु अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी उतना ही आवश्यक है। कई बार लोग किसी के

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