पूजा विधि

वट सावित्री व्रत महत्व और पूजन विधि

वट सावित्री व्रत: महत्व और पूजन विधि

वट सावित्री व्रत की कथा से यह शिक्षा मिलती है कि जीवनसाथी का साथ हर परिस्थिति में निभाना चाहिए। इस पर्व से यह भी ज्ञात होता है कि नारी में अद्भुत शक्ति होती है—वह अपने दृढ़ संकल्प और पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से भी अपने पति का जीवन वापस ला सकती है। यह […]

वट सावित्री व्रत: महत्व और पूजन विधि Read More »

My Post min 6

कैसे मनाएं अनंत चतुर्दर्शी का व्रत

समय पाय तरुवर फलहिं  यह जीवन अत्यंत सुंदर है और इसका हर एक क्षण अमूल्य है। हम सभी चाहते हैं कि जीवन का हर पल हमें आगे बढ़ाए, हमारे सपनों को साकार करे। लेकिन कई बार ऐसा लगता है कि हम आगे बढ़ने के बजाय पीछे जा रहे हैं। ऐसे समय में अनंत सुख, सौ

कैसे मनाएं अनंत चतुर्दर्शी का व्रत Read More »

My Post 9

वरूथिनी एकादशी व्रत – यह व्रत कर के लीजिये कन्यादान का लाभ

जीवन में कन्यादान का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में कन्या नहीं होती, लेकिन यदि वे कन्यादान के पुण्य का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें वरूथिनी एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। यह व्रत दान, तप और संयम का अद्भुत संगम माना जाता है। World’s best astrologer

वरूथिनी एकादशी व्रत – यह व्रत कर के लीजिये कन्यादान का लाभ Read More »

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती – रोग मुक्त होने के लिए पढ़े हनुमान जी के ये मंत्र

राम भक्त हनुमान शास्त्रानुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को एकादश रुद्रावतार श्री राम भक्त हनुमान का जन्म माता अंजनी के उदर से हुआ था । पंचांग के अनुसार हनुमान जी का जन्म हस्त नक्षत्र में हुआ था । एकादश रुद्रावतार का अर्थ है कि हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार

हनुमान जयंती – रोग मुक्त होने के लिए पढ़े हनुमान जी के ये मंत्र Read More »