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इस पूर्णिमा करें चंद्र देव को प्रसन्न

पूर्णिमा !!! जैसे की इसका नाम है, इस दिन चन्द्रमाँ का पूर्ण दर्शन होता है | अभी मार्गशीर्ष का महीना चल रहा है और श्री मदभागवत गीता में इस माह के बारे में स्वयं भगवान श्री कृष्ण कहते हैं की ‘महीनों में मैं मार्गशीर्ष (Margashish Purnima) का पवित्र महीना हूँ’ | मान्यता है की इसी माह से सतयुग का आरम्भ हुआ था | बता दें, ऋषि कश्यप ने इसी माह के दौरान भारत देश के अभिन्न अंग ‘कश्मीर’ की स्थापना की थी |

मार्गशीर्ष माह (Margashish Purnima) के दौरान पूर्णिमा के दिन किये गये पूजन का भी अपना महत्व है | इस वर्ष मार्गशीष माह की पूर्णिमा 12 दिसम्बर के दिन है | इस तिथि पर विशेष रूप से चंद्र देव का आधिपत्य माना जाता है | इस दिन चंद्र देव का पूजन किया जाता है | मान्यता है की इसी दिन चंद्र देव को अमृत से सींचा गया था | इस दिन को दत्तात्रेय जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

क्योंकी इस दिन चन्द्रमा की पूजा होती है इसीलिए अगर आपकी कुंडली में चन्द्रमा कमज़ोर है तो इस दिन आपको चंद्र देव की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करना चाहिए | ऐसा करने से आपको सभी प्रकार के मानसिक रोग या कमज़ोर मानसिक स्थिति से निजाद मिलेगी | साथ ही इस दिन चन्द्रमा को प्रसन्न करने के लिए और अपनी कुंडली में चन्द्रमा को मजबूत बनाने के लिए आपको चंद्र यंत्र धारण करना चाहिए |

चंद्र यंत्र आपकी पर्सनैलिटी को निखार कर एक आकर्षक व्यक्ति है और आपका मानसिक संतुलन बरकरार रखता है साथ ही आपके दाम्पत्य जीवन को भी बहतर बनाता है |

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