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क्या है ॐ का अर्थ ?

आपने किसी हवन, कीर्तन या किसी पूजन में ‘ॐ’ या Aum का उच्चारण ज़रूर सुना होगा | इसका उच्चारण किसी भी तरह के पूजन से पहले किया जाता है जिससे की वातावरण और पूजन में उपस्थित सभी लोग पवित्र हो जाते हैं | यह शब्द तीन ध्वनियों से जुड़ कर बना है जो हैं अ, उ और म |

“अ” का अर्थ है उत्पन्न होना, “उ” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, “म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना ।

‘ओ’ का उच्चारण पेट और उसके आस पास के हिस्से में कंपन करता  है साथ ही ‘उ’ के उच्चारण से शरीर के मध्य भाग (फेफड़ों का हिस्सा) में कंपन होता  है और ‘म’ से  शरीर के ऊपरी भाग यानि की मष्तिष्क में कम्पन होता है | ऐसा करने से शरीर में सकारात्मक उर्जा पैदा होती है जिससे व्यक्ति तनाव मुक्त हो जाता है | इसके उच्चारण से शरीर की कार्यशैली भी सुचारू रूप से चलती रहती है जिससे कई तरह की बीमारियाँ आपको छु नहीं पाती |

aum mantra

ॐ का उच्चारण करने से होने वाले लाभ :

– ॐ का उच्चारण ध्यानपूर्वक करने से व्यक्ति का घबराहट और तनाव कम होता है |

– इसके मंत्र के उच्चारण से नींद ना आने की समस्या भी दूर होती है |

– इसके उच्चारण के दौरान गले में हुए कम्पन से थायराइड ग्रंथि में सकारात्मक असर होता है |

– ऐसा करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बहतर तरीके से होता है | साथ ही शरीर में मौजूद विशैले तत्वों को मारता है |

– ॐ या Aum का उच्चारण रोज़ करने से चेहरे पर चमक आती है जो आपका सौंदर्य और ज्यादा निखारती है |

– यह व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है जिससे आपको कोई भी कार्य करने में सफलता मिलती है |

– ॐ का उच्चारण कर ध्यान करना सभी तरह के लोगों के लिए लाभदायक है |

उच्चारण की विधि :

प्रात: उठ कर स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत हो कर साफ कपड़े पहनें | फिर पद्मासन अवस्था में बैठें | फिर ॐ का जप करें | कुछ देर तक करने से आपके शारीर से नकारात्मकता, तनाव और बिमारिय दूर हो जायेंगी |

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