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मंदिर किस दिशा में रखना होता है शुभ

पूजा पाठ सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है | जो भी पूजा पाठ करता है और प्रभु की भक्ति करता है उसका मन शांत रहता है और सकारात्मक उर्जा से घिरे रहते है | वैसे तो आज भी कईं लोग पूजा करने मंदिर में ही जाते हैं किन्तु कुछ लोगों के लिए रोज़ मन्दिर जाना आवश्यक नहीं होता, इसीलिए लोग मंदिर की स्थापना घर पर ही कर लेते हैं | और हर घर में मंदिर (temple at home) होना आवश्यक भी होता है क्योंकि घर में मंदिर होने से घर में सकारात्मक उर्जा बनी रहती है और भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है |

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लेकिन हमें घर में मंदिर की स्थापना करने के लिए या मन्दिर का रख रखाव करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए |

– माना जाता है की मंदिर को ईशान कोण में रखना अति शुभ होता है |

– मंदिर कभी भी ज़मीन पर ना रखें | ज़मीन से थोड़ी उचाई पर मन्दिर को रखा जाता है |

– मंदिर लकड़ी या मार्बल का बना होना चाहिए |

– याद रहे की मंदिर (temple at home) में स्थापित की हुई कोई भी मूर्ति टूटी हुई ना हुई, ऐसी मूर्तियाँ मन्दिरों में नहीं रखी जाती |

– मंदिर ऐसी जगह पर होना चाहिए जहाँ पर पूरा परिवार बैठ कर पूजा कर सके |

– मंदिर के पास कभी भी बेकार का सामन या कूड़ा ना रखें |

– जिस दीवार पर मंदिर है उस दीवार के पीछे शौचालय नहीं होना चाहिए |

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