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क्या है आपकी समस्याओं का कारण

जन्मकुंडली के शुभ और अशुभ ग्रहों का प्रभाव हर जातक पर पड़ता है। कुंडली में स्थित ऐसे ग्रहों के कारण जातक को घर-परिवार में कलह (Grah Kalesh) होता रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा के साथ शनि-राहु बैठ गया तो जातक पीड़ित हो जाता है। जिस कारण मन दुखी रहता है। ऐसे जातक में निर्णय लेने की क्षमता कम रहती है। साथ ही ऐसे जातकों का जीवन विवादों से घिरा होता है। इसके अलावा ऐसे जातक दरिद्रता से घिरे रहते हैं। आगे जानते हैं कि कुंडली के कैसे ग्रह दशा के कारण घर-परिवार में कलह होते हैं।

यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा पाप ग्रह से युक्त हो तो योग आपको घर-परिवार में कलह (Grah Kalesh) का कारण बनता है। ये योग आपके मन को आपके वश में नहीं रहने देते हैं। साथ ही आपके निर्णय लेने की क्षमता को कम कर देते हैं। यदि चंद्रमा पाप ग्रह के साथ राहु से युक्त होता है और पांचवें या फिर आठवें स्थान में हो तो कलह योग बनता है। ऐसे जातक को पूरा जीवन किसी न किसी बात को लेकर घर में कलह होता है। चंद्रमा में जब शनि, मंगल और राहु एक साथ आ जाता है तब भी कलह का योग बनता है।

जब कुंडली में चंद्रमा के साथ शनि-मंगल बैठ गया तो जातक पंडित होते हैं। अगर कुंडली में चंद्रमा के साथ शनि और राहु बैठ जाए तो जातक के मन में वैराग्य आ जाता है। साथ ही ऐसे लोग दुखी मन के होते हैं। ऐसे जातक में निर्णय लेने की क्षमता बहुत कम रहती है। इस कारण घर परिवार हमेशा समस्याओं (Grah Kalesh) से घिरा रहता है |

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