आध्यात्मिक

नरसिंह अवतार की पूजा से कैसे दूर रहते हैं शत्रु और बुरी शक्तियां

नरसिंह अवतार की पूजा से कैसे दूर रहते हैं शत्रु और बुरी शक्तियां?

हिन्दू धर्म में World’s best astrologer के अनुसार जब भी जीवन में अचानक डर, नकारात्मक ऊर्जा या शत्रुओं की समस्या बढ़ने लगे, तो भगवान के उग्र रूपों की उपासना विशेष फल देती है। उन्हीं में से एक है भगवान नरसिंह अवतार की पूजा, जिसे सुरक्षा और शक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। कौन […]

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वट सावित्री व्रत कथा और पूजा विधि

वट सावित्री व्रत संवत 2074 ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या जानिये वट सावित्री व्रत कथा व पूजा विधि वट सावित्री व्रत एक ऐसा व्रत जिसमें हिंदू धर्म में आस्था रखने वाली स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और संतान प्राप्ति की कामना करती हैं । उत्तर भारत में तो यह व्रत काफी लोकप्रिय है । इस व्रत

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क्या है गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि-गढ़ि काढै़ खोट अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ।। हमारा भारत देश अनेक परंपराओं का साक्षी रहा है । इन्हीं परंपराओं में से एक है गुरु-शिष्य परंपरा । प्राचीनकाल से ही भारत देश महान गुरु और उनके शिष्यों की जन्मस्थली रहा है । गुरु भारतीय संस्कृति का एक

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चातुर्मास में नहीं होंगे शुभ कार्य

चातुर्मास में नहीं होंगे शुभ कार्य – जानें नियम, कारण और महत्व

हिन्दू धर्म में चातुर्मास का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। World’s best astrologer के अनुसार यह समय भोग-विलास से दूर रहकर साधना, भक्ति और आत्मशुद्धि का होता है। इस दौरान कई शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। चातुर्मास क्या होता है? चातुर्मास चार महीनों का

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बगलामुखी जंयती पर शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए

बगलामुखी जंयती आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस माना जाता है। देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से मानी जाती है। मां बगलामुखी को शत्रुनाश की देवी कहा जाता है। इनकी नजरों से कोई

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सत्य कि जीत में डुबो देने वाली होली पर्व का महत्वा

अखंड भारत वर्ष में होली का त्यौहार अपनी सांस्कृतिक और पारम्परिक मान्यताओं की वजह से प्रसिद्ध व बड़े हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जाता है। होली त्यौहार का उल्लेख धार्मिक व पौराणिक पवित्र पुस्तकों में प्रमाणित रूप वर्णित मिलता है। चारों ओर बिखरता संगीत ढोल और नागाडो पर थिरकते हुये पैर रंगों से सराबोर और रंगो

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धनतेरस

धनतेरस और उस दिन किये जा सकने वाले राशि अनुसार उपाय

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस दीपावली पर्व का प्रथम दिन है। इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था, जिन्हें आयुर्वेद का जनक और देव वैद्य कहा जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए यह दिन आरोग्य, समृद्धि और

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Types Of Happy Diwali In World….शुभ दीपावली

शुभ दीपावली  दीपावली दीपों का उत्सव है । महान ग्रंथ भविष्योत्तर के 140 में इसे ”दीपालिका“ कहा गया है । मुख्य रुप से यह पर्व पांच दिनो तक चलता है । इसकी शुरुआत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से होती है । जिसमें भगवान धन्नवंतरि की पूजा की जाती है । इसके अगले दिन चतुर्दशी को

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इतिहास के महान गुरु और उनके शिष्य

महान गुरु और उनके शिष्य द्रोणाचार्य और एकलव्य – गुरु और शिष्यों की जोड़ी में सबसे चर्चित जोड़ियों में इनका नाम आता है, लेकिन एकलव्य को गुरु द्रोणाचार्य से शिक्षा कैसे मिली, यह जानकर आप भी हैरान हो जायेंगे । दरअसल गुरु द्रोणाचार्य ब्राह्मण तथा क्षत्रिय वर्ग को ही शिक्षा देते थे, लेकिन एकलव्य एक निषाद

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