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दुसरे नवरात्र के दिन करें ब्रह्मंचारिणी की पूजा

द्वितीय नवरात्र : माता ब्रह्मचारिणी नवरात्री में माता रानी के नौ स्वरुपों में दूसरा स्वरुप है माँ ब्रह्मचारिणी। माँ ब्रह्मचारिणी जी का विवाह शिव जी से होने के कारण माता रानी का नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। ब्रह्मचारिणी दो शब्दों से मिलकर बना ब्रह्मा यानि तपस्या और चारिणी मतलब आचरण करने वाली। ब्रह्मचारिणी का पूरा अर्थ है

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माँ दुर्गा के पहले स्वरूप – माँ शैलपुत्री

पहले नवरात्री में किन देवी को पूजा जाता है?

नवरात्रि का प्रथम दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन माँ दुर्गा के पहले स्वरूप – माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शैलपुत्री माता को नवदुर्गा का प्रथम रूप कहा जाता है और इनकी उपासना से नवरात्रि का शुभारंभ होता है। माँ शैलपुत्री कौन हैं? माँ शैलपुत्री का अर्थ है –

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नवरात्री में कलश स्थापना और पूजा की पूरी विधि

नवरात्री हिन्दुओ का पर्व है जिसमे माँ दुर्गा जी के प्रति आस्था प्रकट की जाती है, नवरात्री का अर्थ है नौ राते, इन नौ रातो में भक्त पुरे मन से देवी शक्ति (लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा) के नौ रूपों की उपासना करते है. साल में नवरात्री चार बार चैत्र, आषाढ़, आश्विन, माघ महीने में आती है,

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जानिये क्या है नीलम रत्न के फायदे और नुकसान ?

नौ ज्योतिषीय रत्नों में से नीलम सबसे प्रभावी और सबसे जल्दी असर करने वाला रत्न हैं। नीलम रत्न धारण वालो के लिए नीलम रत्न धन में लाभ, समस्या का समाधान, अप्रत्याशित लाभ आदि के साथ तुरंत प्रभाव दिखाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नीलम शनि का रत्न है। शनि एक दैत्य ग्रह है और शनि

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बुधवार को क्यों पूजे जाते हैं श्री गणेश?

हिंदू धर्म में प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व होता है और हर दिन किसी न किसी देवता की पूजा-अर्चना करने के लिए उत्तम माना गया है। बुधवार को विशेष रूप से श्री गणेश भगवान की पूजा करने का महत्व है। श्री गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है, सभी कार्यों की

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Ravivaar vrat katha and it's vidhi

रविवार व्रत कथा और उसकी विधि

रविवार का दिन सप्ताह के दिनों में खास अहमियत रखता है। सूर्य देवता जीवन में ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार करते हैं। सूरज की हर पहली किरण को उम्मीद की नई किरण के रूप में देखा जाता है। सूर्य देव का एक नाम रवि भी है, इसलिए रविवार का दिन उनकी आराधना के लिए

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If you have Shani dosh, then do these remedies

हैं शनि दोष से पीड़ित तो करें ये उपाय?

जीवन में ग्रहों का प्रभाव बहुत प्रबल माना जाता है और यदि विशेष रूप से शनि ग्रह अशांत हो जाएं, तो व्यक्ति के जीवन में अनेक प्रकार के कष्टों और बाधाओं का आगमन शुरू हो जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में उचित उपाय करना अत्यंत आवश्यक होता है। world’s famous astrologer के

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तिलक में है देवताओं का वास और मोली है रक्षासूत्र

तिलक में है देवताओं का वास और मोली है रक्षासूत्र

सनातन धर्म में कई ऐसी परंपराएं हैं जिनका संबंध केवल आस्था से नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक जीवन से भी माना जाता है। माथे पर लगाया जाने वाला त्रिपुंड और हाथ में बांधी जाने वाली मौली (कलावा) भी ऐसी ही पवित्र परंपराओं में शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रिपुंड भगवान शिव का प्रतीक

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करने हैं दर्शन? तो ये हैं मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिर

वैष्णों देवी मंदिर वैष्णो देवी भारत में मां दुर्गा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। जो समुद्र तल सेलगभग 1584 मीटर की ऊंचाई पर जम्मू-कश्मीर राज्य के त्रिकुटा पर्वत के बीच स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वैष्णो देवी भगवान विष्णु की उपासक थीं। कहा जाता है कि भैरो नाथ नाम के एक तांत्रिक ने देवी

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