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औरंगाबाद का देव सूर्य मन्दिर

मन्दिर हिन्दू धर्म में बहुत महत्व रखते हैं | जो व्यक्ति मन्दिर जाकर भगवान की पूजा अर्चना करता है, उस पर सदैव प्रभु का आशीर्वाद बना रहता है | भारत में एक से एक अनूठे और अद्भुत मंदिर देखने को मिलते हैं जिनकी कल्पना करना आज के दौर में भी बहुत मुश्किल है |

Dev-Surya-Mandir-bihar

ऐसे ही अनेक मन्दिरों में एक है बिहार के औरंगाबाद स्थित देव सूर्य मंदिर (Dev Surya Mandir Aurangabad) | मान्यता है की इस मन्दिर का निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने किया था | पुरातत्व विभाग के मुताबिक इस मन्दिर को आंठ्वी से नौवीं सदी के बीच का मानते है |

एक प्रचलित कथा के अनुसार औरंगजेब मन्दिरों को तोड़ता हुआ औरंगाबाद के देव सूर्य मन्दिर तक पहुंचा | हमला करने से पहले मन्दिर के पुजारियों ने उससे अनुरोध किया की वह मन्दिर को ना तोड़े | तब औरंगजेब कहता है की अगर सच में तुम्हारा भगवान है तो इस मन्दिर का द्वार अगर पश्चिम दिशा में हो जाये तो वह मंदिर नहीं तोड़ेगा | ऐसा कह कर वह अगली सुबह तक का वक्त दे कर चले जाता है | तब मन्दिर के पुजारी सूर्य देव से प्रार्थना करते हैं और चले जाते हैं |अगली सुबह जब पुजारी मन्दिर में वापस प्रार्थना करने आते हैं तो वह देखते है की मन्दिर का द्वार पश्चिम दिशा में हो जाता है | और तभी से द्वार पश्चिम दिशा में ही है |

इस मन्दिर (Dev Surya Mandir Aurangabad) में देश भर से लोग आपनी मुरादें ले कर आते है और इच्छा पूरी होने पर अर्ध्य देने आते हैं | यहाँ पर देव सूर्य महोत्सव का आयोजन भी होता है |

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