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क्यों मनाई जाती है गंगा सप्तमी, क्या है इसका महत्व ?

गंगा (Ganga) भारत की सबसे पवित्र नदी है | गंगा (Ganga) नदी को गंगा माँ और गंगा मैया से सम्बोधित किया जाता है | गंगा नदी का पवित्र जल सभी लोग अपने घरों में रखते हैं | यही नहीं, लोग गंगा जल को हर पवित्र कार्य में इसका उपयोग करते हैं | मान्यता है कि […]

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14 मुखी रुद्राक्ष है हनुमान जी का अवतार, प्राप्त है शिव जी का आशीर्वाद

शनि सम्बन्धी परेशानियों में 14 मुखी रुद्राक्ष (14 mukhi rudraksha) बहुत लाभदायक है |  इसे महाशनी भी कहा जाता है क्योंकि इस पर शनि का प्रभाव है | साथ ही इस पर भगवान शिव का आशीर्वाद भी बना रहता है | इस रुद्राक्ष से सम्बन्धित मान्यता है की जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को कपाल के

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अक्षय तृतीय

इस दिन है अक्षय तृतीय, अपराधों की क्षमा मांगने का दिन

आने वाली तारीख़ 19 अप्रैल 2026 (रविवार) और 9 मई 2027 (रविवार) को वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) के रूप में मनाई जाएगी। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस दिन विशेष रूप से शुभ

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क्या आपकी विदेश यात्राओं में अड़चन आ रही है ?

इस भौतिक जीवन में हर व्यक्ति विदेश (abroad) की यात्रा करना चाहता है और मान-सम्मान को प्राप्त करना चाहता है लेकिन कुंडली के कुछ ग्रह ऐसे होते हैं जो व्यक्ति को विदेश जाने से रोकते रहते हैं | जो व्यक्ति विदेश (abroad) जाना चाहता है और उसकी विदेश यात्रा में हर बार कोई अड़चन आ

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राशियों द्वारा ग्रहों के उच्च-नीच, उदय-अस्त व राहु केतू का ज्ञान

भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रह बताए गए हैं। इसमें 2 छाया ग्रह हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ग्रह हैं जो आकाशीय मंडल में दृष्टमान हैं। राहु-केतु छाया ग्रह हैं, जो ग्रह नहीं हैं क्योंकि ये आकाशीय मंडल में दिखाई नहीं देते हैं। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ये ग्रह समय-समय पर उदय,

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इस शनिश्चरी अमावस्या पाईये शनि देव का आशीर्वाद

जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya) कहा जाता है। यह तिथि शनि देव की उपासना और उनके कृपा-प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है। 2026 में शनिश्चरी अमावस्या 18 जुलाई (शनिवार) को पड़ रही है। इस दिन भगवान शनि की पूजा के साथ-साथ भगवान शिव और पितरों

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कैसे प्राप्त होगा आपको अपने मनपसंद का घर ?

इस भौतिक चरा-चर जीवन में हर कोई अपने आशियाने का सपना संजोता है। घर चाहे महल हो या झोपड़ी, उसे अपना कहने में जो सुकून मिलता है वो वाकई अद्भुत  है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसके जहन में अपना खुद का घर (house) का खरीदने का खयाल ना पनपता हो। लेकिन दिनों-दिन बढ़ती

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मेष राशि – तुला राशि में बुध गोचर – 3 अक्टूबर 2025

बुध करेंगे मेष राशि में प्रवेश

मेष राशि – तुला राशि में बुध गोचर – 3 अक्टूबर 2025 3 अक्टूबर 2025 को बुध ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार, संवाद, तर्कशक्ति और गणित का कारक माना गया है। जब बुध मेष राशि से तुला राशि में गोचर करते हैं, तो यह कई राशियों पर

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सुख-साधन, सम्पत्ति और यश के लिए पहने इसे

सभी रुद्राक्षों में सबसे दुर्लभ है 19 मुखी रुद्राक्ष (19 mukhi rudraksha) | भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करने वाला यह 19 मुखी रुद्राक्ष (19 mukhi rudraksha) भगवान शिव-पार्वती तथा गणेश जी का प्रतीक भी माना गया है | यह रुद्राक्ष आर्थिक समृधि और भगवान नारायण और लक्ष्मी मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये बहुत

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कौनसा ग्रह है आपकी बीमारी के लिए जिम्मेवार ?

ग्रहों (planets) का रोग कारकत्व एवं उनका शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रभाव प्रत्येक ग्रह में विभिन्न रोगों को उत्पादन करने वाले निहित गुण होते हैं। कौन सा ग्रह किस रोग के लिए जिम्मेदार है या यह कहें किस रोग का कारक है ग्रहों का रोग कारकत्व | इस बात का जानना आवश्यक है। ताकि

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