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नवरात्र के तीसरे दिन, मां चंद्रघंटा का पूजन

नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरुप की उपासना की जाती है । इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा पूजी जाती हैं । मां चंद्रघंटा (Chandraghanta) के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा (Chandraghanta) के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा […]

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क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, क्या है इसका महत्व ?

हिंन्दू धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचागं देखने की जरूरत नहीं है। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्‍त होता है। इसे

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12 राशियों के स्वामी और उनके प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों और 9 ग्रहों का वर्णन मिलता है। ये सभी 12 राशियाँ इन सभी 9 ग्रहों के द्वारा ही संचालित होती है। यानि प्रत्येक राशि (Rashi) किसी न किसी ग्रह के अधीन होती है। जिसमें से सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रहों को 2-2 राशियाँ मिलती है। यानि सूर्य और

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शुक्ल योग में मासिक शिवरात्रि

आज का दिन आप सभी के लिए बहुत शुभ रहेगा क्योकि आज के दिन शुक्ल योग बन रहा है, जो की शुभ योग माना जाता है | आज रात 09 बजकर 47 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। इस योग में भगवान की कृपा से आपको हर काम में सफलता मिलेगी | इस योग में मन्त्र

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सेहत और दाम्पत्य जीवन, दोनों में लाभदायक है यह रुद्राक्ष

देवेश्वर  कहे जाने वाले दो मुखी रुद्राक्ष (Rudraksha) में शिव पार्वती दोनों का वास माना जाता है |  यह रुद्राक्ष काफी दुर्लभ एंड कल्याणकारी माना गया है | किसी भी रुद्राक्ष (Rudraksha) की पहचान उसमे मौजूद रेखाओं से होता है | जितनी रेखाएं रुद्राक्ष में होती हैं. उस रुद्राक्ष के उतने हे मुख होते हैं

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कुल देवता का महत्व और सही पूजा विधि

अनजाने में नई जगहों पर पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए? | कुल देवता का महत्व और सही पूजा विधि

आज के बदलते समाज और आधुनिक जीवनशैली में लोग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी दौड़ में कई बार अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और कुल परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। शिक्षा और सफलता मह त्वपूर्ण है, परंतु अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी उतना ही आवश्यक है। कई बार लोग किसी के

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जीवन के सुख-दुख के सहारे के लिए ज्योतिष का बड़ा योगदान है

ज्योतिषशास्त्र (Astrology) का प्रधान कार्य मानव जीवन को फलादेश कर्म से जोड़े रखना ही है। कर्म के परिपाक को व कर्म के फल को अभिव्यक्ति करना ही ज्योतिष का कार्य है। जिस प्रकार अंधकार में स्थित वस्तुओं का दर्शन दीप के सहारे होता है ठीक उसी तरह ज्योतिष (Astrology) के अनुसार ग्रहों के सहारे कर्म

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संतान प्राप्ति या चाहते हों लम्बी आयु, करें इसकी पूजा

हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ का बहुत बड़ा महत्व है | माना जाता है की पीपल के पेड़ पर देवी-देवताओं का वास होता है | इस पेड़ को श्रेष्ठ देव वृक्ष की पदवी भी मिली है| वैज्ञानिक नज़रिए से देखने पर भी पीपल के पेड़ हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है | विज्ञान के मुताबिक

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मंगल ग्रह का जीवन पर प्रभाव

भारतीय अखंड ज्योतिष शास्त्र में मंगल (Mangal) ग्रह को कालपुरुष का पराक्रमी सेनापति ग्रह माना गया है। ब्रहमाण्ड में स्थित मंगल (Mangal) ग्रह पराक्रम, स्फूर्ति साहस, आत्मविश्वास, रक्त, भूमि, धैर्य, देश प्रेम, छोटे भाई-बहन, आन्तरिक बल, अचल सम्पति, दृढ़ता, महत्वाकांक्षा, खतरे उठाने की शक्ति, क्रोध, घृणा, उत्तेजना, झूठ, नैतिकता की हानि का कारक ग्रह है.

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