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14 मुखी रुद्राक्ष है हनुमान जी का अवतार, प्राप्त है शिव जी का आशीर्वाद

शनि सम्बन्धी परेशानियों में 14 मुखी रुद्राक्ष (14 mukhi rudraksha) बहुत लाभदायक है |  इसे महाशनी भी कहा जाता है क्योंकि इस पर शनि का प्रभाव है | साथ ही इस पर भगवान शिव का आशीर्वाद भी बना रहता है | इस रुद्राक्ष से सम्बन्धित मान्यता है की जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को कपाल के […]

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राशियों द्वारा ग्रहों के उच्च-नीच, उदय-अस्त व राहु केतू का ज्ञान

भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रह बताए गए हैं। इसमें 2 छाया ग्रह हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ग्रह हैं जो आकाशीय मंडल में दृष्टमान हैं। राहु-केतु छाया ग्रह हैं, जो ग्रह नहीं हैं क्योंकि ये आकाशीय मंडल में दिखाई नहीं देते हैं। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ये ग्रह समय-समय पर उदय,

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इस शनिश्चरी अमावस्या पाईये शनि देव का आशीर्वाद

जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही हो तो वह शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya) कहलाती है | आने वाले मई महीने की 4 तारिक को शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya) है क्योंकि उस दिन शनिवार भी है | शास्त्रों के अनुसार शनिश्चरी अमावस्या का बहुत महत्व है | इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से

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आत्मविश्वास और बल पाने के लिए धारण करें 11 मुखी रुद्राक्ष

गयारह मुखी रुद्राक्ष (11 mukhi rudraksha) को भगवान शिव के ग्यारवें अवतार भगवान हनुमान का प्रतिक माना गया है | मान्यता के अनुसार इसमें ग्यारह रुद्रों की शक्ति भी विद्यमान है | ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को उसपे बनी ग्यारह धारियों से पहचान सकते हैं | भगवान शिव जी का आशीर्वाद पाने के लिए भी यह

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शुभ योग होने पर भी क्यों बनी रहती है आर्थिक परेशानियां

भारतीय ज्योतिषशास्त्र व पुराणों के अनुसार कर्म को प्रधान माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सभी राशियों में ग्रह-नक्षत्र की अलग-अलग स्थिति होती है। ज्योतिष शास्त्र में हर राशि के लिए समस्याओं से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं। पौराणिक मान्यताओ के अनुसार भारतीय धार्मिक शास्त्रों में माँ लक्ष्मी को अत्याधिक महत्व

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क्या मंगल दोष को समाप्त किया जा सकता है ?

मंगल उग्र प्रकृति का ग्रह होने के कारण पाप ग्रह माना जाता है। विवाह के संदर्भ में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव का विचार विशेषतौर पर किया जाता है क्योंकि मंगलिक दोष का निर्माण मंगल की स्थिति से होता है जिसे दाम्पत्य जीवन के लिए शुभ योग नहीं माना जाता है। एक अनुमान के अनुसार

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अनिद्रा, वास्तु दोष, जादू टोने के असर से बचाव करता है दस मुखी रुद्राक्ष

10 मुखी रुद्राक्ष (10 mukhi rudraksha) को स्वयं भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त है | साथ ही साथ इसे यमराज और दस दिशों क स्वामी का वरदान भी प्राप्त है | अगर आप इस रुद्राक्ष को धारण करते हैं तो आपको स्वयं ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा | अब आप जानिए की दस

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नवमी का हवन से मिलेगी सकारात्मकता

नवरात्र के नवमी (Navmi) तिथि को हवन करने की मान्यता है । इस दिन आप तिल, जौ और गुग्गुल को मिलाकर हवन करें । हवन में जौ के मुकाबले तिल दो गुना होना चाहिए और गुग्गुल आदि हवन सामग्री जौ के बराबर होनी चाहिए। हवन के दौरान यह मंत्र के साथ आहुति दें | मंत्र

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वृषभ संक्रांति स्नान-ध्यान का महत्व

भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन करना एक अहम घटना माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन से जातकों के राशिफल पर तो असर पड़ता ही है साथ ही सूर्य के इस परिवर्तन से सौर वर्ष के मास की गणना भी की जाती है। कहते हैं सूर्य देव पूरे वर्ष में एक एक

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मेष संक्रांति है सभी पर्वों में विशेष

14 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर सूर्य मीन राशि से परिवर्तित होकर मेष राशि में आ रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को क्रूर ग्रह माना जाता है और यह जातक के जीवन में कई शुभ अशुभ प्रभाव डालता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कहा जाता है कि सूर्य का राशि परिवर्तन

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