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Firoza sweetens your relationships

रिश्तों में मिठास लाता है फिरोजा रत्न

फिरोजा रत्न, जिसे अंग्रेज़ी में Turquoise कहा जाता है, ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत प्रभावशाली और शुभ रत्न माना गया है। मान्यता है कि यह रत्न जीवन में सौभाग्य, आत्मविश्वास और संबंधों में मधुरता लाने की क्षमता रखता है। विशेष रूप से जब कुंडली (Kundli Analysis) में गुरु (बृहस्पति) कमजोर हो या राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव […]

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महा मृत्युंजय यंत्र से भय खत्म होता है|

सभी मंत्रों में महा मृत्युंजय मंत्र (Maha Mrityunjaya Yantra) को सर्व शक्तिशाली माना जाता है | अलग अलग पुरानों और वेदों में इस मंत्र का ज़िक्र देखने को मिलता है | यह मंत्र ध्यान करते समय इस्तेमाल किये जाने वाले मंत्रों में से सर्वोच्च स्थान है | इसका साथ ही महा मृत्युंजय यंत्र भी बहुत

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क्या है ज्योतिष शास्त्र ? कैसे यह आपकी मदद करता है ?

जीवन में हमारे सामने सबसे बड़ा सवाल यही है की जीवन क्या है | अभी तक बहुत कम लोग ही जीवन का सही अर्थ और इसका महत्व जान पाए हैं | लेकिन ज्योतिष शास्त्र से आप ऐसा कर सकते हैं | ज्योतिष शास्त्र (Jyotish) के मुताबिक जीवन में होने वाली सभी घटनाओं का सूर्य, चन्द्र,

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सूर्य यंत्र से मिलेगी अच्छी नौकरी और स्वास्थ

सूर्य सभी ग्रहों का केंद्र है | सभी ग्रह सूर्य की ही परिक्रमा करते हैं | और साथ ही ज्योतिष शास्त्र में सबसे शक्तिशाली और आत्म कारक माना गया है | अगर आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत हो तो मान- सम्मान, सुख-समृद्धि मिलती है साथ ही पिता का साथ और सहयोग मिलता है |

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मान्यताओं के अनुसार दान का महत्व

मान्यताओं के अनुसार दान का महत्व

सनातन धर्म में दान को केवल सहायता या वस्तु देने की क्रिया नहीं माना गया है, बल्कि इसे आत्मशुद्धि, करुणा और धर्म पालन का माध्यम समझा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान करने से मनुष्य के भीतर विनम्रता, त्याग और सेवा की भावना विकसित होती है। यही कारण है कि शास्त्रों में दान को

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किस दिन है सीता नवमी, क्या है पूजन विधि ?

लक्ष्मी का अवतार कहे जाने वाली माता सीता का विवाह अयोध्या के राजा रदशरथ पुत्र श्री राम से हुआ था | यह तो हम सब जानते ही हैं | इस महीने की 13 मई को सीता नवमी (Sita Navmi 2019) है | पर क्या आपको पता है की माता सीता के जन्म के बारे में

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अगर नहीं बन रहा है आपका कोई भी काम

अगर आपको भी लग रहा है कि आपका कोई भी काम ठीक से नहीं बन पा रहा है या आप जो काम करते हैं, उसका आप सही फल नहीं मिल पा रहा है, भाग्य(luck) आपका साथ नहीं दे रहा है या पढ़ाई(education) के मामले में आपको कोई सपोर्ट नहीं कर रहा है या संतान के

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स्कन्द माता

स्कन्द माता

दुर्गा पूजा के पांचवें दिन स्कंदमाता, यानी कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है। जब दानवों का अत्याचार हद से ज़्यादा बढ़ जाता है, तब माता सिंह पर सवार होकर संतो की रक्षा करती हैं और दुष्टों का अंत करती हैं। माता अपने दो हाथों में कमल का फूल धारण किए हुए हैं और

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माता सिद्धिदात्री

जगत जननी माता दुर्गा की नौवें स्वरूप का नाम सिद्धिदात्री है । सभी प्रकार की सिद्धियों को देने के कारण ही इन्हें सिद्धिदात्री कहा गया है । जैसा की हम सभी जानते है कि शिव जी का एक रूप अर्धनारीश्वर भी है, जिसका आधा हिस्सा स्वयं मां सिद्धिदात्री हैं । देव पुराण के अनुसार भगवान

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माता कालरात्रि

नवरात्रि(Navratri) के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना की जाती है । मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, देवी काल रात्रि ही महामाया हैं और भगवान विष्णु की योगनिद्रा हैं । इन्होंने ही सृष्टि को एक दूसरे से जोड़ रखा है । देवी काल-रात्रि का वर्ण काजल के समान काले रंग का

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