gurgaon best astrologer

12 mukhi rudraksha acharya indu prakash ji

12 मुखी रुद्राक्ष से प्राप्त होती है सूर्य की कृपा

बारह मुखी रुद्राक्ष (12 mukhi rudraksha) भगवान महा विष्णु का स्वरुप माना गया है| बारह आदित्यों का तेज इस रुद्राक्ष में सम्माहित है इसलिए भगवान सूर्य देव की विशेष कृपा का भी पात्र है यह रुद्राक्ष| बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने मात्र से असाध्य व भयानक रोगों से मुक्ति मिलती है | ह्रदय रोग, उदार […]

12 मुखी रुद्राक्ष से प्राप्त होती है सूर्य की कृपा Read More »

My Post min 1

प्रेम प्राप्ति के उपाय

जीवन (Life) में प्रेम का बहुत महत्व होता है | सब कुछ होते हुए भी अगर प्रेम (love) ना हो तो जीवन व्यर्थ सा लगता है | मनुष्य एक सामाजिक जिव है और जीवन व्यतीत करने और अपना वंश आगे बढ़ाने के लिए सभी मनुष्यों को एक साथी (Life Partner) की ज़रूरत होती है |

प्रेम प्राप्ति के उपाय Read More »

My Post min 2

12 मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

सूर्य (Sun) सारे ब्रह्मांड (Universe) का केंद्र है और ज्योतिषशास्त्र (Astrology) में कहा जाता है की सूर्य सभी 9 ग्रहों के स्वामी भी हैं | अगर आप पर सूर्य की कृपा हो तो व्यापार और नौकरी (Job) सम्बंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है और साथ ही समाज में मान सम्मान भी बढ़ता है | पर

12 मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ Read More »

My Post min 7

वास्तु दोष और ग्रह प्रवेश के लिए उत्तम है कुर्म जयंती

वैसाख मास की पूर्णिमा के दिन कुर्म जयंती (Kurma Jayanti 2019) का पर्व मनाया जाता है | हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार  भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन में सहायता करने के लिए एक कुर्म यानि की एक कछुए का अवतार लिया था, ताकि वह अपनी पीठ पर मंदराचल पर्वत को धारण कर सकें |

वास्तु दोष और ग्रह प्रवेश के लिए उत्तम है कुर्म जयंती Read More »

आपकी कुंडली में लिखा है आपकी मृत्यु का राज़

आपकी कुंडली में लिखा है आपकी मृत्यु का राज़

ज्योतिषशास्त्र के द्वारा जन्मकुंडली में बने सत्य घटना मृत्यु के बारे में सभी लोग जानते होंगे की जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित ही है| मृत्यु को कोई न रोक सकता न कोई टाल सकता है जो जन्मा है तो उसका मरना भी लिखा है| हमारे प्राचीन ऋषि-महर्षियों ने ज्योतिष की गणना के आधार

आपकी कुंडली में लिखा है आपकी मृत्यु का राज़ Read More »

My Post

क्यों नहीं करना चाहिए होलाष्टक में शुभ कार्य

शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक (Holashtak) में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से कष्ट और पीड़ाओं की आशंका घेरती है और संबंधों में खटास भी आ सकती है। इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए इन दिनों में शुभ कार्यों का निषेध किया गया है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष

क्यों नहीं करना चाहिए होलाष्टक में शुभ कार्य Read More »

क्या हैं गठिया रोग के उपाय

क्या हैं गठिया रोग के उपाय

पहला सुख निरोगी काया आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग में व्यक्ति अपने कर्म, करियर और भौतिक सुख-सुविधाओं पर अधिक ध्यान देने लगा है। बेहतर जीवन की चाह में दिनचर्या अनियमित हो जाती है, जिससे खान-पान और स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं। अनियमित भोजन, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण कई रोग जन्म लेते हैं।

क्या हैं गठिया रोग के उपाय Read More »

My Post min 7

गणपति जी के ये मंत्र बदलेंगे आपकी किस्मत

हिंदू धर्म में भगवन श्री गणेश को परम पूज्य माना जाता है | मतलब किसी भी शुभ कार्य से पहले श्री गणेश की पूजा होती है, तभी वह कार्य शुरू होता है | श्री गणेश को बल, बूद्धि और विवेक का देवता माना जाता है | साथ ही साथ इन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है

गणपति जी के ये मंत्र बदलेंगे आपकी किस्मत Read More »

My Post min 6

यही है आपके सभी दुखों का कारण

मनुष्य अपने जीवन में कई तरह के दुखों का सामना करता है | इनमे से सभी दुखों का कारण होता है अपने आप को कम आंकना और दूसरों से अपनी तुलना करना | ऐसा करना इंसानी फितरत में है की वह अपनी दूसरों से तुलना करता है और और पहले से ज्यादा दुखी हो जाता

यही है आपके सभी दुखों का कारण Read More »

My Post min 5

मंदिर जहाँ हुआ भगवन शिव-पार्वती का विवाह

क्या आपको पता है की भगवान शिव और पार्वति का विवाह कहाँ हुआ था | उत्तराखंड में स्थित  त्रियुगी नारायण मंदिर वो जगह है जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती विवाह कर एक पवित्र बंधन में बधें थे | इस मंदिर को बहुत ही पवित्र माना जाता हैं और इस मंदिर का विशेष पौराणिक महत्व

मंदिर जहाँ हुआ भगवन शिव-पार्वती का विवाह Read More »