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आपके विवाह में विलम्भ क्यों हो रहा है ?

हिन्दू धर्म (Hindu) में शामिल सोलह संस्कारों में से एक है विवाह संस्कार (Marriage) | किसी के भी जीवन में विवाह सबसे बड़ा उत्सव होता हैं | इसमें अग्नि को साक्षी मान वर-वधु एक दुसरे का जीवन भर साथ निभाने का वचन देते हैं | हिन्दू धर्म में विवाह (Marriage) सिर्फ दो लोगों का नहीं […]

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12 मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

सूर्य (Sun) सारे ब्रह्मांड (Universe) का केंद्र है और ज्योतिषशास्त्र (Astrology) में कहा जाता है की सूर्य सभी 9 ग्रहों के स्वामी भी हैं | अगर आप पर सूर्य की कृपा हो तो व्यापार और नौकरी (Job) सम्बंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है और साथ ही समाज में मान सम्मान भी बढ़ता है | पर

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What is your relationship with the planets

12 राशियों के स्वामी और उनके प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों और 9 ग्रहों का वर्णन मिलता है। ये सभी 12 राशियाँ इन सभी 9 ग्रहों के द्वारा ही संचालित होती है। यानि प्रत्येक राशि (Rashi) किसी न किसी ग्रह के अधीन होती है। जिसमें से सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रहों को 2-2 राशियाँ मिलती है। यानि सूर्य और

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समस्त ग्रहों में परम-पराक्रमी सूर्य ग्रह का प्रभाव

भारतीय ज्योयतिष शास्त्र के अनुसार समस्तर ग्रहों का राजा परम तेजस्वीर सूर्य को माना जाता है। सूर्य की श्रेष्ठयता को देखते हुए प्राचीन आचार्यों ने इसे जगत-जीवात्मा की संज्ञा दी है। भारतीय वेद – पुराण, जो कि हिन्दु‍ धर्म के सबसे पुराने लिखित इतिहास के निम्न आलेख मिलते है। कि दक्ष प्रजापति की दिति एंव

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जन्मकुंडली के प्रथम भाव में सूर्य ग्रह का प्रभाव

भारतीय अखण्ड ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानव जीवन में सूर्य ग्रह का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म में सूर्य को तेजोमयी देव का स्वरूप मानकर इनकी विधि  विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। यह ग्रह धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक अद्भुद स्रोत है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को सभी ग्रह , नक्षत्रों

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प्रेम विवाह योग

ज्योतिषशास्त्र के अनुसारकिन-किन लोगों को मिलता है अपना मनचाहा प्रेम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति की जन्मकुंडली में कुछ ऐसे विशेष भाव और ग्रह होते हैं, जो उसके प्रेम जीवन और विवाह की दिशा तय करते हैं। प्रेम ऐसा भाव है जो न उम्र देखता है, न जाति-पाति और न ही सामाजिक बंधनों को मानता है। अनुकूल परिस्थितियाँ मिलते ही दो दिलों के बीच

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