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इस शनिश्चरी अमावस्या पाईये शनि देव का आशीर्वाद

जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya) कहा जाता है। यह तिथि शनि देव की उपासना और उनके कृपा-प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है। 2026 में शनिश्चरी अमावस्या 18 जुलाई (शनिवार) को पड़ रही है। इस दिन भगवान शनि की पूजा के साथ-साथ भगवान शिव और पितरों […]

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आत्मविश्वास और बल पाने के लिए धारण करें 11 मुखी रुद्राक्ष

गयारह मुखी रुद्राक्ष (11 mukhi rudraksha) को भगवान शिव के ग्यारवें अवतार भगवान हनुमान का प्रतिक माना गया है | मान्यता के अनुसार इसमें ग्यारह रुद्रों की शक्ति भी विद्यमान है | ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को उसपे बनी ग्यारह धारियों से पहचान सकते हैं | भगवान शिव जी का आशीर्वाद पाने के लिए भी यह

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शुभ योग

शुभ योग होने पर भी क्यों बनी रहती है आर्थिक परेशानियां

भारतीय ज्योतिषशास्त्र व पुराणों के अनुसार कर्म को प्रधान माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सभी राशियों में ग्रह-नक्षत्र की अलग-अलग स्थिति होती है। ज्योतिष शास्त्र में हर राशि के लिए समस्याओं से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं। पौराणिक मान्यताओ के अनुसार भारतीय धार्मिक शास्त्रों में माँ लक्ष्मी को अत्याधिक महत्व

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क्या मंगल दोष को समाप्त किया जा सकता है ?

मंगल उग्र प्रकृति का ग्रह होने के कारण पाप ग्रह माना जाता है। विवाह के संदर्भ में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव का विचार विशेषतौर पर किया जाता है क्योंकि मंगलिक दोष का निर्माण मंगल की स्थिति से होता है जिसे दाम्पत्य जीवन के लिए शुभ योग नहीं माना जाता है। एक अनुमान के अनुसार

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अनिद्रा, वास्तु दोष, जादू टोने के असर से बचाव करता है दस मुखी रुद्राक्ष

10 मुखी रुद्राक्ष (10 mukhi rudraksha) को स्वयं भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त है | साथ ही साथ इसे यमराज और दस दिशों क स्वामी का वरदान भी प्राप्त है | अगर आप इस रुद्राक्ष को धारण करते हैं तो आपको स्वयं ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा | अब आप जानिए की दस

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Navmi Hawan Brings Positivity

नवमी का हवन से मिलेगी सकारात्मकता

नवरात्र के पावन नौ दिनों में नवमी (Navami) तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन देवी दुर्गा की साधना अपने चरम पर होती है और हवन करने की परंपरा सबसे शुभ मानी जाती है। हवन के माध्यम से वातावरण में पवित्रता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवमी के दिन हवन की

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वृषभ संक्रांति स्नान-ध्यान का महत्व

भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन करना एक अहम घटना माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन से जातकों के राशिफल पर तो असर पड़ता ही है साथ ही सूर्य के इस परिवर्तन से सौर वर्ष के मास की गणना भी की जाती है। कहते हैं सूर्य देव पूरे वर्ष में एक एक

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मेष संक्रांति है सभी पर्वों में विशेष

14 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर सूर्य मीन राशि से परिवर्तित होकर मेष राशि में आ रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को क्रूर ग्रह माना जाता है और यह जातक के जीवन में कई शुभ अशुभ प्रभाव डालता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कहा जाता है कि सूर्य का राशि परिवर्तन

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नवरात्र के तीसरे दिन, मां चंद्रघंटा का पूजन

नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरुप की उपासना की जाती है । इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा पूजी जाती हैं । मां चंद्रघंटा (Chandraghanta) के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा (Chandraghanta) के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा

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What is your relationship with the planets

12 राशियों के स्वामी और उनके प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों और 9 ग्रहों का वर्णन मिलता है। ये सभी 12 राशियाँ इन सभी 9 ग्रहों के द्वारा ही संचालित होती है। यानि प्रत्येक राशि (Rashi) किसी न किसी ग्रह के अधीन होती है। जिसमें से सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रहों को 2-2 राशियाँ मिलती है। यानि सूर्य और

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