Author name: Admi

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रंगपंचमी भारत के अलग जगहों में किस तरह से मनाई जाती है |

चाहे मथुरा, वृंदावन, बरसाने और बनारस की बात ले लें या फिर बारबंकी में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह की, भारत के हर कोने में अलग-अलग सभ्यताओं का मिलन देखने को मिलता है | चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी के दिन रंग पंचमी का यह त्योहार मनाया जाता है । रंग […]

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हर रंग का क्या महत्व होता है

हर रंग का क्या महत्व होता है

होली आई बहार लाई, संग रंगों की बौछार लाई लाल गुलाबी हरा नीला, और सब है यहां पीला-पीला “यदि आप अपने जीवन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो विश्व के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें।” होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है। यह प्रकृति, शरीर और ब्रह्मांड की ऊर्जा का उत्सव है। वैदिक

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हिन्दू परम्परा में क्या है तिलक का महत्व

मस्तक पर तिलक लगाना हिन्दु परम्परा में बहुत ही शुभ माना जाता है । तिलक को सात्विकता का प्रतीक माना जाता है । हिंदू संस्कृति में किसी भी शुभ काम की शुरुआत के लिये सबसे पहले तिलक लगाने की परंपरा होती है। विजय प्राप्त करने से पहले और बाद में, कोई नया काम शुरू करने

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चैतन्य महाप्रभु जयंती – कौन है चैतन्य महाप्रभु

वौष्णवों के गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखने वाले चैतन्य महाप्रभु भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक थे, जो वैष्णव धर्म के भक्ति योग के प्रचारक भी रहे हैं । इनका जन्म 1486 में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पश्चिम बंगाल के नवद्वीप (नादिया नामक गांव) में हुआ था। ये कृष्ण के परम भक्त

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शुक्र प्रदोष व्रत और शनि प्रदोष व्रत

सौभाग्य, समृद्धि और कल्याण शुक्र प्रदोष व्रत हिंदू धर्म के अनुसार, कलियुग में प्रदोष व्रत अति मंगलकारी और शिव कृपा प्रदान करने वाला होता है । प्रदोष व्रत हर महीने दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है । सप्ताह के सातों दिन पड़ने वाले सभी प्रदोष व्रत का अपना एक अलग महत्व है ।

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याज्ञवल्कय जयंती – कौन थे याज्ञवल्कय, क्यों उन्हें याज्ञिक सम्राट कहा जाता है |

ब्रह्मज्ञानी, महान अध्यात्मवेत्ता, अच्छे वक्ता, योगी, धर्मात्मा और तेजस्वी युग दार्शनिक जैसे गुणों से भरपूर याज्ञवल्कय जी भारतीय ऋषियों की परंपरा के अग्रणी ऋषि हुए हैं । याज्ञवल्कय जी के जन्म दिवस को प्रतिवर्ष याज्ञवल्कय जयंती के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है । याज्ञवल्कय महर्षि वैशम्पायन के शिष्य होने के साथ ही

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वरूथिनी एकादशी व्रत – यह व्रत कर के लीजिये कन्यादान का लाभ

जीवन में कन्यादान का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में कन्या नहीं होती, लेकिन यदि वे कन्यादान के पुण्य का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें वरूथिनी एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। यह व्रत दान, तप और संयम का अद्भुत संगम माना जाता है। World’s best astrologer

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गुड फ्राइडे – आखिर इस दिन का क्या है इतिहास

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमय दिन माना जाता है। यह वही दिन है जब प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था। नाम भले ही “गुड” यानी अच्छा है, लेकिन यह दिन दर्द, त्याग और बलिदान की सबसे गहरी कहानी अपने भीतर समेटे हुए है। यीशु मसीह का संदेश

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मेष संक्रांति – इस दिन क्या होता है खास

सत्तू खाकर मनाएं मेष संक्रांति सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के दिन को मेष संक्रांति के रूप में मनाया जाता है । उत्तर भारत में इसे ‘सतुआ संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है । सोलर कैलेंडर को मानने वाले लोग इसी दिन से नव वर्ष का आरंभ मानते हैं |   प्रत्येक

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हनुमान जयंती

हनुमान जयंती – रोग मुक्त होने के लिए पढ़े हनुमान जी के ये मंत्र

राम भक्त हनुमान शास्त्रानुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को एकादश रुद्रावतार श्री राम भक्त हनुमान का जन्म माता अंजनी के उदर से हुआ था । पंचांग के अनुसार हनुमान जी का जन्म हस्त नक्षत्र में हुआ था । एकादश रुद्रावतार का अर्थ है कि हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार

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