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कैसे कर देता है व्यक्ति को प्रभावित जन्मकुंडली में बना कालसर्प दोष

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार काल सर्प दोष को एक अशुभ योग कहा जाता है माना जाता है कि यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में राहु और केतु ग्रह के बीच में सभी ग्रह आ जाए तो काल सर्प योग बनता है। कालसर्प योग को ज्योतिषशास्त्र व धर्म शास्त्र के अनुसार पूर्वजन्मों का कर्म कहा जाता है। […]

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जानिये किस वार को कौन सा तिलक लगाना माना जाता है शुभ

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार हर वार- तिथि का अपना-अपना एक विशेष महत्व होता है जो व्यक्ति को अपने प्रभाव से घेरे रखता है आज जानते है ज्योतिषशास्त्र व धर्म शास्त्र के अनुसार कि किस वार को कौन सा तिलक लगाना शुभ माना जाता है | सोमवार – सोमवार का दिन भगवान शंकर का दिन

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जन्मकुंडली में अशुभ चंद्र ग्रह के प्रभाव से दिल-दहलाने वाली बीमारियाँ

मानव जीवन में हर व्यक्ति चाहता है कि मेरा जीवन सदैव हर प्रकार से खुशियाँ से भरा रहे और में एक सुखी जीवन यापन करता रहूँ परन्तु ग्रहों की चाल ऐसा कहाँ होने देती जो की सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में अपना दब-दवाव बनाये रखती है। भारतीय फलित ज्योतिष गणना के अनुसार ग्रह कहीं न कहीं से

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मलमास-खरमास

क्यों माना जाता है मलमास (खरमास) को मांगलिक कार्यों के लिए निषेध?

भारतीय ज्योतिष शास्त्र और खंड प्रत्यक्ष शास्त्र के अध्ययन के अनुसार मलमास (जिसे खरमास या खरदोष भी कहा जाता है) विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि इस अवधि में विवाह, गृहप्रवेश, जनेऊ संस्कार, देव प्राण प्रतिष्ठा, मुंडन संस्कार, मकान निर्माण और अन्य मांगलिक कार्यों का निषेध होता है। मलमास हर साल सूर्यदेव के

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Why People Face Ups and Downs in Business? (Complete Guide with Practical & Astrological Insight)

Running a business is never a straight road. Many entrepreneurs experience business ups and downs, repeated losses, or slow growth and often search for answers like why businesses struggle, reasons for business failure, or why business growth stops. Sometimes growth comes fast, and sometimes everything feels stuck. Many entrepreneurs ask a common question: why do

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नहीं किया जाता है इन पांच नक्षत्रों में शुभ-अशुभ काम

भारतीय ज्योतिष शास्त्र को प्राचीन काल से जातक के मार्गदर्शक रूप में सदैव सर्वोपरि माना गया है जो की हर मानव प्राणी को प्रभावित करता है ज्योतिषशास्त्र का सम्पूर्ण ज्ञान 27 नक्षत्रों में समाहित है इनमें से अंत के पांच नक्षत्रों को पंचक का नाम दिया है जिसे अशुभ नक्षत्र माना जाता है कहा जाता

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आखिर क्यों माना जाता है एक मुखी रुद्राक्ष को कल्याणकारी

भारतीय पौराणिककथाओं के अनुसार भगवान शिव को सम्पूर्ण संसार का कल्याणकारी देव ˜माना जाता है। भगवान शिव के द्वारा ही उत्पन्न प्रत्यक्ष रूप में एक मुखी रुद्राक्ष मानव जीवन को सुखमय व कल्याणकारी बनाने के लिए प्रकट किया। इस एक मुखी रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव ने अपने नेत्रों से भू धरा पर गिरे प्रथम

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जन्मकुंडली के प्रथम भाव में सूर्य ग्रह का प्रभाव

भारतीय अखण्ड ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानव जीवन में सूर्य ग्रह का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म में सूर्य को तेजोमयी देव का स्वरूप मानकर इनकी विधि  विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। यह ग्रह धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक अद्भुद स्रोत है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को सभी ग्रह , नक्षत्रों

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जानिए बुद्धि व वाणी का स्वामी बुध ग्रह का मानव जीवन पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति और संवाद का कारक माना जाता है। इसे भगवान गणेश का स्वरूप भी कहा जाता है, क्योंकि गणपति बुद्धि और विवेक के अधिष्ठाता हैं। बुध देवताओं के संदेशवाहक माने जाते हैं और तीव्र समझ, विश्लेषण क्षमता तथा हाजिरजवाबी के प्रतीक हैं। यदि आप अपने जीवन

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चार धामों में से एक “केदारनाथ मंदिर”

मंदिर के पवित्र स्थल की आंतरिक दीवारे पौराणिक कथाओ और बहुत से देवी – देवताओ की चित्रकला से विभूषित है। प्रतिष्ठित मंदिर की उत्पत्ति के प्रमाण हमें महान महाकाव्य महाभारत में दिखाई देते है। यह मंदिर भारत के उत्तराखंड में केदारनाथ की मंदाकिनी नदी के पास वाली घरवाल हिमालय पर्वत श्रुंखालओ पर बना हुआ है। चरम

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