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अक्षय नवमी – जीवन में कैसे पाएं गगनचुम्बी सफलता

अक्षय नवमी – जीवन में कैसे पाएं गगनचुम्बी सफलता

अक्षय नवमी वह पावन अवसर है जब आप अक्षय पुण्य, जीवन में ऊँचाई और विजयी भव का वरदान प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन खास तौर पर आंवले के वृक्ष की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आंवले के वृक्ष के सानिध्य में भोजन करना और उसकी आराधना करना आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, […]

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तन्नो सूर्य छठ पूजा और उसका महत्व

सुबह उठकर सूर्य की ओर मुंह करके हाथों को सिर से ऊपर उठाकार सूर्य को जल देने की प्रकिृया मात्र धार्मिक ही नही बल्कि वैज्ञानिक भी है! क्योकि जब हम जल को ऊपर से गिराते हैं, तो सूर्य की किरणे जल की धारा से परावर्तित होकर हमारे शरीर पर पड़ती हैं और हमारे स्नायुतंत्र को

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भाई दूज – भाई – बहन के स्नेह का त्यौहार

भाई दूज के दिन बहने अपने घर में चैक पूर कर पूजा करेंगी और अपने भाई की लम्बी उम्र की कामना करेंगी इस पूजा का लाभ हाँसिल करने के लिये भाइयों को चाहिए कि आज वो अपनी बहन के घर जाकर भोजन अवश्य  ग्रहण करें और धन्यवाद स्वरुप बहन को भेट दें |  नौतिक मूल्यों

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मित्र सप्तमी व्रत करने से होंगे सूर्य देवता प्रसन्न

मित्र सप्तमी का त्योहार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मनाया जाता है। भगवान सूर्य की आराधना करते हुए लोग गंगा-यमुना या किसी भी पवित्र नदी या पोखर के किनारे सूर्य देव को अर्घ देते हैं। पौराणिक महत्व के अनुसार सूर्य देव को महर्षि कश्यप और अदिति का पुत्र कहा जाता है। मित्र सप्तमी

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कीजिये स्कंद षष्ठी का व्रत : अच्छी नोकरी प्राप्त होगी |

अगर आप लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं। घर में कोई संतान न होने से निराश और हताश महसूस कर रहे हैं या आपकी नौकरी छूट गई है तो ये आपके लिये विशेष है। इस दिन स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जायेगा। यह व्रत आपके लिये किसी वरदान से कम नहीं | मार्गशीर्ष

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श्री राम विवाह पचंमी – क्या इस दिन विवाह करना चाहिए ?

“देखन बागु कुअँर दुइ आए। बय किसोर सब भाँति सुहाए। स्याम गौर किमि कहौं बखानी। गिरा अनयन नयन बिनु बानी।।” मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष की पंचमी को विवाह पचंमी का पर्व मनाया जाता है जिसे श्री राम विवाह उत्सव भी कहते है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस तिथि को भगवान राम ने जनकनंदिनी सीता से

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पोंगल त्यौहार का क्या महत्व है ?

हरियाली ओढ़े भये, खेत जोहते बाट हमें शहर को ले गयी, भूख पकड़कर हाथ सूर्य का मकर राशि में प्रवेश पोंगल के नाम से जाना जाता है। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला त्यौहार पोंगल तमिलनाडु राज्य में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। सूर्य को अन्न धन का दाता मान कर चार दिनों

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बुध व्रत – चुटकी में बिगड़े काम बनेंगे

प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है। यदि यह बुधवार को आता है तो इसे बुध प्रदोष व्रत, और यदि शुक्रवार को पड़ता है तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। 8 अक्टूबर 2025 – बुध प्रदोष 24 अक्टूबर 2025 – शुक्र प्रदोष बुध प्रदोष व्रत का महत्व अगर आपका काम लगातार

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भक्तराज पुंडरीक

भक्तराज पुंडरीक पंढरपुर महाराष्ट्र राज्य का एक प्रसिद्ध नगर और तीर्थ स्थल है जो दक्षिणी राज्य महाराष्ट्र में भीमा नदी के तट पर शोलापुर नगर में स्थित है। यहां एक विशाल मंदिर बना हुआ है जिसमें विट्ठल या विठोबा के रुप में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है । मंदिर में श्री विट्ठल भगवान

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रथ सप्तमी – क्या है इस दिन स्नान का महत्व

3 फरवरी को सूर्य को अर्घ देकर अपने गुरु को अचला गिफ्ट करें और गेहूं-गुड़ से बना गुडधनियां ब्राह्मण को दान करें व स्वयं भी प्रसाद रुप में ग्रहण करें तो आप ऊर्जावान बने रहेगें । इससे साथ ही आपकी सन्तान की वृद्धि के साथ-साथ उसे तीव्र बुद्धि प्राप्त होगी | रथ सप्तमी प्रति वर्ष

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