bhavishyavani

My Post min 9

क्या है कर्मयोग, क्यों है ये सर्वोच्च ज्ञान 

भगवान् कृष्ण ने गीता में चार प्रकार के योगों का वर्णन किया है- ज्ञानयोग, भक्तियोग, कर्मयोग और राजयोग | जिसमें कर्मयोग को सर्वोच्च बताया है | मनुष्य जन्म से मृत्यु तक निरंतर मानसिक और शारीरिक क्रियाएं करता रहता है जिन्हें कर्म कहते है | ये क्रियाएं दो प्रकार की होती है- ऐच्छिक और अनैच्छिक | […]

क्या है कर्मयोग, क्यों है ये सर्वोच्च ज्ञान  Read More »

वट सावित्री व्रत महत्व और पूजन विधि

वट सावित्री व्रत: महत्व और पूजन विधि

वट सावित्री व्रत की कथा से यह शिक्षा मिलती है कि जीवनसाथी का साथ हर परिस्थिति में निभाना चाहिए। इस पर्व से यह भी ज्ञात होता है कि नारी में अद्भुत शक्ति होती है—वह अपने दृढ़ संकल्प और पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से भी अपने पति का जीवन वापस ला सकती है। यह

वट सावित्री व्रत: महत्व और पूजन विधि Read More »

गंगा दशहरा

गंगा दशहरा का क्या है महत्व

यह जीवन अत्यंत सुंदर है और इसका हर एक क्षण अमूल्य है। हम सभी चाहते हैं कि जीवन का हर पल हमें आगे बढ़ाए, हमारे सपनों को साकार करे। लेकिन कई बार ऐसा लगता है कि हम आगे बढ़ने के बजाय पीछे जा रहे हैं। ऐसे समय में अनंत सुख, सौभाग्य, राज-पाट, मान, पद और

गंगा दशहरा का क्या है महत्व Read More »

My Post min 5

पद्मा एकादशी – सफलता प्राप्त करने के लिए केसे प्राप्त करें अध्यात्मिक शक्ति

यह एक आम बात है कि हम सब को  इस संसार में सभी भौतिक सुखों को प्राप्त करने की कामना है। सुखपूर्वक जीवन के दायित्वों को पूर्ण कर मोक्ष की प्राप्ति अंतिम पड़ाव है लेकिन किसी को यह सब कुछ मिल जाता है और किसी को कड़ी मेहनत  के बाद भी सफलता नहीं मिलती ऐसा क्यों होता

पद्मा एकादशी – सफलता प्राप्त करने के लिए केसे प्राप्त करें अध्यात्मिक शक्ति Read More »

My Post 2 min 3

पित्रोंको कब करें प्रसन्न – जानिए हर तिथि

पित्रों को कब करें प्रसन्न – जानिए हर तिथि पित्रों की शांति और प्रसन्नता का हमारे जीवन में गहरा असर होता है। पित्रों की कृपा से परिवार में सुख-शांति, धन-संपत्ति और मानसिक संतुलन बना रहता है। लेकिन सवाल यह है कि पित्रों को कब और किस तिथि पर प्रसन्न किया जाए ताकि उनके आशीर्वाद हमारे

पित्रोंको कब करें प्रसन्न – जानिए हर तिथि Read More »

My Post 1 min 4

नवरात्री में करें ये उपाय – सभी सपने पुरे होंगे

  शैलपुत्री- इन्हें अखंड सौभाग्य की देवी माना जाता है। नवरात्र का शुभारंभ इनके पूजन के साथ होता है। माता शैलपुत्री से आपको मिल सकता है भूमि, भवन और वाहन का वरदान। उपाय- शैलपुत्री माँ को गाय का घी और मिश्री चढ़ाने से भूमि और भवन की उपलब्धि प्राप्त होती है। आज कन्याओ को श्रृंगार सामग्री, सुगंधित

नवरात्री में करें ये उपाय – सभी सपने पुरे होंगे Read More »

My Post min 4

नवरात्रि प्रारंभ – केसे करें कलश स्थापना

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते।। नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रुपों की आराधना की जाती है। रदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होकर नवमी तक पूरे देश मे धूम-धाम से मनायी जाती है। बुद्धिजीवियों को पुनीत यज्ञों के लिए, रक्षकों को भूमिपालन के लिए, व्यवसाइयों को धन

नवरात्रि प्रारंभ – केसे करें कलश स्थापना Read More »

My Post min 3

गोवर्धन पूजा से जीवन मे होगा सुख समृद्धि का वास

इस पूजा को भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग मे ब्रजवासियों के द्वारा की जाने वाली देवराज इंद्र के स्थान पर प्रारम्भ की थी। उनकी इस बात से इंद्र देव ने नाराज होकर सात दिनों तक बहुत ही भयंकर वर्षा की थी जिस कारण पूरा ब्रज मण्डल डूबने लगा था। ब्रजवासियों की इस परेशानी को देखकर

गोवर्धन पूजा से जीवन मे होगा सुख समृद्धि का वास Read More »

My Post 2 min 2

गोपाष्टमी – कैसे पाएं मां के कर्ज से मुक्ति

आज गौमाता को वस्त्र, अलंकार और हरा चारा देने से आप माता के कर्ज से मुक्त होकर उनका आशीर्वाद हासिल कर लेगे परिणाम स्वरुप आपकी हर मनोकामना सहज ही पूर्ण हो जायेगी | गोपाष्टमी का पर्व ब्रज की संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है। गायों की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का

गोपाष्टमी – कैसे पाएं मां के कर्ज से मुक्ति Read More »