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श्री नृसिंह जयंती व्रत का महत्व

हर वैसाख मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को श्री नृसिंह जयंती (Narsingh Jayanti 2019) का व्रत किया जाता है | इस बार यह चतुर्दशी 17 मई, 2019 के दिन मनाई जायेगी | आपको बता दें की श्री नृसिंह शक्ति अवं पराक्रम के देवता है | पुरानों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने […]

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गणेश चतुर्थी व्रत और पूजा विधि

Vinayaka Ganesh Chaturthi 2019 आने वाली 8 मई, 2019 के दिन वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी (Vinayaka Ganesh Chaturthi 2019) मनाई जायेगी | आज के दिन गणेश जी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होंगे | इस दिन गणेश जी की पूजा दोपहर – मध्याह्न के समय होती है | इस दिन गणेश जी की

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बुद्ध पूर्णिमा | बुद्ध का विष्णु जी से क्या सम्बन्ध है ?

वैसाख मास की पूर्णिमा का दिन बुद्ध पूर्णिमा (Budh Purnima 2019) के नाम से मनाया जाता है और उस दिन को वैसाख पूर्णिमा भी कहा जाता है | इस दिन का हिंदू धर्म के साथ साथ बौद्ध धर्म में भी बड़ा महत्व है | बौद्ध धर्म में माना जाता है की इसी दिन भगवान बुद्ध

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छिन्नमस्तिका जयंती व्रत से सभी दुःख दूर होंगे

आने वाली तारिक 17 मई, 2019 को छिन्नमस्तिका जयंती (Chinnamasta Jayanti 2019) मनाई जायेगी | सभी दस महाविद्याओं में से छठी महाविद्या हैं छिन्नमस्तिका माता | छिन्नमस्ता मतलब छिन्न मस्तक वाली देवी | इन महाविद्या का सम्बंध महाप्रलय से है | इससे सम्बन्धित एक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले देवी पार्वती अपनी सहचरी जया

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रुक्मिणी द्वादशी क्यों मनाई जाती है ?

16 मई, 2019 के दिन रुक्मिणी द्वादशी (Rukmini Dwadashi 2019) मनाई जायेगी | रुक्मिणी द्वादशी हर वैशाख माह की द्वादशी को मनाई जाती है | शास्त्रों के मुताबिक रुक्मिणी को लक्ष्मी जी का अवतार माना गया है | मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह किया था | और जिस

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किस दिन है सीता नवमी, क्या है पूजन विधि ?

लक्ष्मी का अवतार कहे जाने वाली माता सीता का विवाह अयोध्या के राजा रदशरथ पुत्र श्री राम से हुआ था | यह तो हम सब जानते ही हैं | इस महीने की 13 मई को सीता नवमी (Sita Navmi 2019) है | पर क्या आपको पता है की माता सीता के जन्म के बारे में

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नक्षत्र क्या है, यह कितने प्रकार के होते हैं ?

हमारे आकाशमंडल में स्थित कुछ खास तारों के समूह को नक्षत्र (Nakshatra) कहा जाता है | नक्षत्र कुल 27 प्रकार के होते हैं, और उन सभी 27 नक्षत्रों के नाम निम्न है – 1.आश्विन, 2.भरणी, 3.कृतिका, 4.रोहिणी, 5.मृगशिरा, 6.आर्द्रा 7.पुनर्वसु, 8.पुष्य, 9.आश्लेषा, 10.मघा, 11.पूर्वा फाल्गुनी, 12.उत्तरा फाल्गुनी, 13.हस्त, 14.चित्रा, 15.स्वाति, 16.विशाखा, 17.अनुराधा, 18.ज्येष्ठा, 19.मूल, 20.पूर्वाषाढ़ा,

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नए वस्त्र धारण करने के मुहूर्त

आज कल हर कोई चाहता है की वह कोई भी शुभ कार्य करे तो सही वक्त पर करे | हर कोई,  किसी भी शुभ कार्य करने से पूर्व मुहूर्त ज़रूर देखता है | तो आपको बता दें की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आप यह भी पता लगा सकते हैं की आपके लिए नए वस्त्र (new

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बगलामुखी जयंती पर करने वाले उपाय, पायें शत्रुओं से मुक्ति

हर वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी जयंती मनाई जाती है | देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं । मान्यता अनुसार इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से हुई थी | देवी बगलामुखी पीताम्बरी के नाम से भी जानि जाती हैं जिसका मतलब है जिसने पीले वस्त्र धारण किये

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14 मुखी रुद्राक्ष है हनुमान जी का अवतार, प्राप्त है शिव जी का आशीर्वाद

शनि सम्बन्धी परेशानियों में 14 मुखी रुद्राक्ष (14 mukhi rudraksha) बहुत लाभदायक है |  इसे महाशनी भी कहा जाता है क्योंकि इस पर शनि का प्रभाव है | साथ ही इस पर भगवान शिव का आशीर्वाद भी बना रहता है | इस रुद्राक्ष से सम्बन्धित मान्यता है की जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को कपाल के

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