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छिन्नमस्तिका जयंती व्रत से सभी दुःख दूर होंगे

आने वाली तारिक 17 मई, 2019 को छिन्नमस्तिका जयंती (Chinnamasta Jayanti 2019) मनाई जायेगी | सभी दस महाविद्याओं में से छठी महाविद्या हैं छिन्नमस्तिका माता | छिन्नमस्ता मतलब छिन्न मस्तक वाली देवी | इन महाविद्या का सम्बंध महाप्रलय से है | इससे सम्बन्धित एक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले देवी पार्वती अपनी सहचरी जया […]

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रुक्मिणी द्वादशी क्यों मनाई जाती है ?

16 मई, 2019 के दिन रुक्मिणी द्वादशी (Rukmini Dwadashi 2019) मनाई जायेगी | रुक्मिणी द्वादशी हर वैशाख माह की द्वादशी को मनाई जाती है | शास्त्रों के मुताबिक रुक्मिणी को लक्ष्मी जी का अवतार माना गया है | मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह किया था | और जिस

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किस दिन है सीता नवमी, क्या है पूजन विधि ?

लक्ष्मी का अवतार कहे जाने वाली माता सीता का विवाह अयोध्या के राजा रदशरथ पुत्र श्री राम से हुआ था | यह तो हम सब जानते ही हैं | इस महीने की 13 मई को सीता नवमी (Sita Navmi 2019) है | पर क्या आपको पता है की माता सीता के जन्म के बारे में

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नक्षत्र क्या है, यह कितने प्रकार के होते हैं ?

हमारे आकाशमंडल में स्थित कुछ खास तारों के समूह को नक्षत्र (Nakshatra) कहा जाता है | नक्षत्र कुल 27 प्रकार के होते हैं, और उन सभी 27 नक्षत्रों के नाम निम्न है – 1.आश्विन, 2.भरणी, 3.कृतिका, 4.रोहिणी, 5.मृगशिरा, 6.आर्द्रा 7.पुनर्वसु, 8.पुष्य, 9.आश्लेषा, 10.मघा, 11.पूर्वा फाल्गुनी, 12.उत्तरा फाल्गुनी, 13.हस्त, 14.चित्रा, 15.स्वाति, 16.विशाखा, 17.अनुराधा, 18.ज्येष्ठा, 19.मूल, 20.पूर्वाषाढ़ा,

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नए वस्त्र धारण करने के मुहूर्त

आज कल हर कोई चाहता है की वह कोई भी शुभ कार्य करे तो सही वक्त पर करे | हर कोई,  किसी भी शुभ कार्य करने से पूर्व मुहूर्त ज़रूर देखता है | तो आपको बता दें की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आप यह भी पता लगा सकते हैं की आपके लिए नए वस्त्र (new

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बगलामुखी जयंती पर करने वाले उपाय, पायें शत्रुओं से मुक्ति

हर वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी जयंती मनाई जाती है | देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं । मान्यता अनुसार इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से हुई थी | देवी बगलामुखी पीताम्बरी के नाम से भी जानि जाती हैं जिसका मतलब है जिसने पीले वस्त्र धारण किये

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14 मुखी रुद्राक्ष है हनुमान जी का अवतार, प्राप्त है शिव जी का आशीर्वाद

शनि सम्बन्धी परेशानियों में 14 मुखी रुद्राक्ष (14 mukhi rudraksha) बहुत लाभदायक है |  इसे महाशनी भी कहा जाता है क्योंकि इस पर शनि का प्रभाव है | साथ ही इस पर भगवान शिव का आशीर्वाद भी बना रहता है | इस रुद्राक्ष से सम्बन्धित मान्यता है की जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को कपाल के

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अक्षय तृतीय

इस दिन है अक्षय तृतीय, अपराधों की क्षमा मांगने का दिन

आने वाली तारीख़ 19 अप्रैल 2026 (रविवार) और 9 मई 2027 (रविवार) को वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) के रूप में मनाई जाएगी। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस दिन विशेष रूप से शुभ

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क्या आपकी विदेश यात्राओं में अड़चन आ रही है ?

इस भौतिक जीवन में हर व्यक्ति विदेश (abroad) की यात्रा करना चाहता है और मान-सम्मान को प्राप्त करना चाहता है लेकिन कुंडली के कुछ ग्रह ऐसे होते हैं जो व्यक्ति को विदेश जाने से रोकते रहते हैं | जो व्यक्ति विदेश (abroad) जाना चाहता है और उसकी विदेश यात्रा में हर बार कोई अड़चन आ

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राशियों द्वारा ग्रहों के उच्च-नीच, उदय-अस्त व राहु केतू का ज्ञान

भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रह बताए गए हैं। इसमें 2 छाया ग्रह हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ग्रह हैं जो आकाशीय मंडल में दृष्टमान हैं। राहु-केतु छाया ग्रह हैं, जो ग्रह नहीं हैं क्योंकि ये आकाशीय मंडल में दिखाई नहीं देते हैं। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ये ग्रह समय-समय पर उदय,

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